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INX मीडिया केस: कार्ति की CBI कोर्ट में पेशी आज, इंद्राणी के बयान से बढ़ीं पी चिदंबरम की मुश्किलें

सीबीआई ने कोर्ट में कहा कि कार्ति की गिरफ्तारी 17 फरवरी को दिए गए इंद्राणी और पीटर मुखर्जी के बयान के आधार पर

Dainik Bhaskar

Mar 01, 2018, 09:06 AM IST
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नई दिल्ली. आईएनएक्स मीडिया केस में गिरफ्तार कार्ति चिदंबरम को पटियाला हाउस कोर्ट ने गुरुवार को 5 दिन की सीबीआई कस्टडी में भेज दिया। सीबीआई ने कार्ति को दोबारा कोर्ट में पेश कर 14 दिन की रिमांड की अपील की थी। केंद्रीय जांच एजेंसी ने कोर्ट से कहा कि बुधवार को दी गई एक दिन की कस्टडी डॉक्टरी जांच की वजह से बेकार चली गई, जबकि कार्ति ने सुबह रुटीन चेकअप के वक्त सेहत संबंधी कोई शिकायत नहीं की थी। बता दें कि बुधवार को उन्हें लंदन से लौटते ही चेन्नई एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया गया था। बाद में दिल्ली लाया गया। यहां पेशी के बाद कोर्ट ने उन्हें एक दिन की सीबीआई रिमांड पर भेज दिया था।

सुबह-शाम वकील से मिल सकते हैं कार्ति
- एजेंसी के मुताबिक, कोर्ट ने कार्ति चिदंबरम को सीबीआई कस्टडी के दौरान सुबह और शाम 1-1 घंटे वकील से मिलने की इजाजत दी है। कस्टडी के दौरान वे डॉक्टर की सलाह पर दवाएं भी ले सकते हैं, लेकिन घर का खाना उन्हें नहीं दिया जा सकेगा।

- सुनवाई पूरी करने के बाद कोर्ट ने कार्ति को कोर्टरूम में मौजूद पिता पी चिदंबरम और मां नलिनी चिदंबरम से मिलने की भी इजाजत दी।

- सीबीआई कस्टडी में भेजे जाने के फैसले के बाद कार्ति ने कहा कि आखिर में वह दोषमुक्त करार दिए जाएंगे।

सीबीआई को कार्ति ने दिए गोलमोल जवाब

- न्यूज एजेंसी के मुताबिक, सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि बुधवार को मिली कार्ति की एक दिन की रिमांड किसी काम नहीं आई। रात में मेडिकल जांच के बाद डॉक्टर ने कार्ति को कार्डिएक केयर यूनिट में भर्ती करा दिया। यह हमारे लिए चौंकाने वाला था, क्योंकि सुबह रुटीन मेडिकल चेकअप के दौरान कार्ति ने किसी भी तरह की शिकायत नहीं की थी। वहीं, सीबीआई ने जब कार्ति से पूछताछ की तो उन्होंने गोलमोल जवाब दिए।

- सीबीआई ने यह भी बताया कि उसे कार्ति के कई कंपनियों से लिंक होने के सबूत मिले हैं। सीबीआई के पास वो ईमेल और इन्वाॅइस हैं, जिनसे पता चलता है कि एडवांटेज स्ट्रेटेजिक कन्सल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड (एएससीपीएल) को उसी दौरान पैसा दिया गया, जिस दौरान आईएनएक्स मीडिया की मदद की गई।

कार्ति के वकील ने क्या कहा?
- कार्ति के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कोर्ट में कहा कि कस्टोडियल इंटेरोगेशन का कोई आधार नहीं है। सीबीआई ने जब समन ही जारी नहीं किए तो ये कैसे क्लेम कर सकती है कि मेरा क्लाइंट को-ऑपरेट नहीं कर रहा। सभी डॉक्यूमेंट उनके (सीबीआई) पास हैं।

कार्ति के सीए 7 मार्च तक जेल में ही रहेंगे
- उधर, ईडी ने कोर्ट में कार्ति के चार्टर्ड अकाउंटेंट एस भास्करन की जमानत का विरोध किया। इसके बाद कोर्ट ने इस पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया। अब उन्हें 7 मार्च तक जेल में ही रहना होगा।

इंद्राणी के बयान के आधार पर हुई गिरफ्तारी
- न्यूज एजेंसी ने अफसरों के हवाले से बताया कि कार्ति की गिरफ्तारी इस केस में इंद्राणी और पीटर मुखर्जी के 17 फरवरी को दिए बयान के आधार पर की गई। बता दें कि इंद्राणी और पीटर, शीना बोरा हत्याकांड में जेल में हैं।
- दोनों ने आरोप लगाया था कि उन्होंने फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड (एफआईपीबी) से क्लियरेंस के बदले तत्कालीन वित्त मंत्री पी चिदंबरम के कहने पर उनके बेटे कार्ति को 7 लाख डॉलर (करीब 4.57 करोड़ रुपए) दिए थे। इस बयान ने कार्ति के पिता पी चिदंबरम की भी मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

क्या है INX मामला, कार्ति पर क्या हैं आरोप?

- मनी लॉन्ड्रिंग का यह मामला आईएनएक्स मीडिया कंपनी से जुड़ा है। इसकी डायरेक्टर शीना बोरा हत्याकांड की आरोपी इंद्राणी मुखर्जी थी।

- कार्ति पर आरोप है कि उन्होंने आईएनएक्स मीडिया के लिए गलत तरीके से फॉरन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड (FIPB) की मंजूरी ली। इसके बाद आईएनएक्स को 305 करोड़ का फंड मिला। इसके बदले में कार्ति को 10 लाख डॉलर की रिश्वत मिली।

- इसके बाद आईएनएक्स मीडिया और कार्ति से जुड़ी कंपनियों के बीच डील के तहत 3.5 करोड़ का लेनदेन हुआ।

- कार्ति पर यह भी आरोप है कि उन्होंने इंद्राणी की कंपनी के खिलाफ टैक्स का एक मामला खत्म कराने के लिए अपने पिता के रुतबे का इस्तेमाल किया।

पी चिदंबरम की क्या भूमिका थी?

- आईएनएक्स मामले में दर्ज एफआईआर में पी चिदंबरम का नाम नहीं है। हालांकि, आरोप है कि उन्होंने 18 मई 2007 की फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड (एफआईपीबी) की एक मीटिंग में आईएनएक्स मीडिया में 4.62 करोड़ रुपए के फॉरेन इन्वेस्टमेंट को मंजूरी दी थी।

कार्ति के वकील ने बुधवार को क्या कहा?
- कार्ति की तरफ से सीनियर वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि मेरे क्लाइंट पर लगाए गए दोनों ही आरोप झूठे हैं। उन्होंने कहा कि कार्ति सीबीआई और एन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) दोनों के ही सामने 30-40 घंटे के लिए पेश हो चुके हैं और लगातार जांच में सहयोग कर रहे हैं।

- सिंघवी ने सीबीआई पर आरोप लगाते हुए कहा कि जांच एजेंसी ने पिछले साल 28 अगस्त से ही कोई समन नहीं जारी किया। यहां तक कि कार्ति ने विदेश जाने से पहले हर बार कोर्ट की परमिशन ली।

कब दर्ज किया गया कार्ति के खिलाफ केस?

- न्यूज एजेंसी के मुताबिक, यह केस 2006-07 का है। इस संबंध में सीबीआई ने कार्ति के खिलाफ पिछले साल 15 मई को मामला दर्ज किया। उन पर आपराधिक साजिश रचने, धोखाधड़ी, रिश्वत लेने और अफसरों को अपने प्रभाव में लेने का आरोप है।

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