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मैक्स हॉस्पिटल की लापरवाही सामने आई तो लाइसेंस कैंसल कर सकते हैं: दिल्ली सरकार

महिला ने गुरुवार को मैक्स हॉस्पिटल में जुड़वां बच्चों को जन्म दिया था, डॉक्टरों ने उन्हें डेड बताकर फैमिली को सौंप दिया।

Danik Bhaskar | Dec 02, 2017, 05:40 PM IST
फिलहाल, मां और नवजात बच्ची पश् फिलहाल, मां और नवजात बच्ची पश्

नई दिल्ली. राजधानी के हॉस्पिटल में जुड़वां बच्चों को डेड बताने और बाद में एक के जिंदा होने के मामले में केजरीवाल सरकार सख्त कार्रवाई के मूड में है। दिल्ली के हेल्थ मिनिस्टर सत्येंद्र जैन ने शनिवार को कहा कि हमने 'आपराधिक लापरवाही' की जांच के ऑर्डर दिए हैं, एक बार रिपोर्ट आ जाए। अगर हॉस्पिटल की लापरवाही सामने आई तो लाइसेंस कैंसल कर सकते हैं। बता दें कि गुरुवार को शालीमार बाग के मैक्स हॉस्पिटल में हुई घटना को लेकर दिल्ली पुलिस जांच कर रही है। उधर, हॉस्पिटल का कहना है कि यह रेयर घटना है, फैमिली की हम पूरी मदद करेंगे।

72 घंटे में शुरुआती रिपोर्ट मिलेगी

- न्यूज एजेंसी के मुताबिक, दिल्ली के हेल्थ मिनिस्टर सत्येंद्र जैन ने कहा कि अगर जांच में हॉस्पिटल की लापरवाही सामने आती है तो उसका लाइसेंस कैंसल किया जा सकता है। जैसे ही रिपोर्ट सामने आती है, कड़ी कार्रवाई की जाएगी। शुक्रवार को उन्होंने 72 घंटे में शुरुआती रिपोर्ट और एक हफ्ते में फाइनल रिपोर्ट देने के ऑर्डर दिए थे।

- शुक्रवार को घटना की जानकारी मिलने पर अरविंद केजरीवाल सरकार ने मैक्स हॉस्पिटल के खिलाफ 'आपराधिक लापरवाही' की जांच के ऑर्डर दिए थे। सीएम केजरीवाल ने भी सख्त कार्रवाई की बात कही है।

हॉस्पिटल ने जिंदा बच्ची को पॉलीथीन बैग में पैक कर दिया

- बच्ची के पिता आशीष ने बताया कि 27 नवंबर को पत्नी वर्षा को मैक्स हॉस्पिटल में एडमिट कराया था। डॉक्टर्स ने उसकी हालत गंभीर बताते हुए डिलिवरी कराने की बात कही।

- पुलिस के मुताबिक, वर्षा ने गुरुवार सुबह प्री-मैच्योर जुड़वां बच्चों (लड़का-लड़की) को जन्म दिया था। आशीष ने पुलिस को बताया कि दोनों बच्चे जिंदा पैदा हुए थे। बाद में डॉक्टर्स ने कहा कि दोनों नवजातों की मौत हो गई। उन्हें पॉलीथीन बैग में पैक कर उन्हें सौंप दिया।

- शाम को जब परिवार उनके अंतिम संस्कार के लिए श्मशान की ओर जा रहा था, तभी पैकेट में कुछ हलचल देखी गई। पैकेट खोला तो बच्ची की सांसें चल रही थीं। फैमिली ने उसे फौरन पश्चिम विहार के एक हॉस्पिटल में एडमिट कराया। जहां वह लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर है।

डॉक्टर्स ने बच्चों को नर्सरी में रखने का 50 लाख खर्च बताया

- आशीष का आरोप है कि डॉक्टरों ने बच्चों भी हालत नाजुक बताकर उन्हें नर्सरी में रखने की बात कही थी। इसके लिए करीब 50 लाख रुपए खर्च बताया गया। मैंने कुछ रुपए जमा कर बच्चों को हॉस्पिटल में रखा। अगले दिन डॉक्टर्स ने दोनों बच्चों की मौत की जानकारी दी।

हॉस्पिटल ने क्या कहा?

- मैक्स हॉस्पिटल ने शुक्रवार को कहा, "प्री-मैच्योर बेबी नर्सिंग होम में लाइप सपोर्ट पर था। उसमें जिंदा होने के कोई लक्षण नहीं थे और दुर्भाग्य से मैक्स हॉस्पिटल शालीमार बाग ने उसे हैंडओवर कर दिया। 30 नवंबर को दो बच्चे डिलिवर किए गए थे, उनमें से एक स्टिलबॉर्न था। हम इस घटना से हिले हुए हैं। इस मामले में डिटेल इन्क्वायरी के निर्देश दिए हैं। इससे जुड़े डॉक्टर को छुट्टी पर बेज दिया गया है। फैमिली से लगातार कॉन्टैक्ट में हैं और उनकी पूरी मदद करेंगे।''

पुलिस ने कहा- जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई करेंगे

- दिल्ली पुलिस के स्पोक्सपर्सन, दीपेंद्र पाठक ने बताया कि घटना बेहद चौंकाने वाली है। बड़ी लापरवाही का मामला है। हमने मामले की जांच शुरू कर दी है। दिल्ली मेडिकल काउंसिल के बात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटा रहे हैं। इसके बाद जिम्मेदारों के खिलाफ जरूरी कार्रवाई करेंगे।

- पुलिस ने दो डॉक्टर्स के खिलाफ आईपीसी की धारा 308 (हत्या की कोशिश) के तहत केस दर्ज किया गया है, इसके तहत दोषी पाए जाने पर 7 साल की जेल हो सकती है।

हेल्थ मिनिस्टर ने जांच के ऑर्डर दिए

- मैक्स हॉस्पिटल में हुई घटना को लेकर हेल्थ मिनिस्टर जेपी नड्डा ने मिनिस्ट्री के सेक्रेटरी से बात की। उन्होंने जांच और जरूरी कार्रवाई के ऑर्डर दिए हैं।