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केरल लव जिहाद केस: सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट का ऑर्डर रद्द किया, हादिया-शफीन की शादी बहाल

लड़की के पिता की पिटीशन पर हाईकोर्ट ने 25 मई को यह शादी रद्द कर दी थी।

Danik Bhaskar

Mar 08, 2018, 02:54 PM IST
केरल में अखिला अशोकन उर्फ हदिया (25) ने शफीन नाम के मुस्लिम लड़के से दिसंबर 2016 में शादी की थी। -फाइल केरल में अखिला अशोकन उर्फ हदिया (25) ने शफीन नाम के मुस्लिम लड़के से दिसंबर 2016 में शादी की थी। -फाइल

नई दिल्ली. केरल के चर्चित लव जिहाद केस में सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट का ऑर्डर रद्द कर दिया है। कोर्ट ने अपने ऑर्डर में कहा कि हदिया और शफीन जहां पति-पत्नी की तरह रह सकेंगे। हाईकोर्ट ने उनकी शादी अमान्य कर दी थी। आखिला अशोकन ने उर्फ हदिया ने दिसंबर 2016 में मुस्लिम युवक शफीन से शादी की थी। लड़की के पिता एम अशोकन का आरोप था कि यह लव जिहाद का मामला है। उनकी बेटी का जबर्दस्ती धर्म बदलवाकर शादी करवाई गई है।

रिव्यू पिटीशन फाइल करेंगे हदिया के पिता
कोर्ट से निकलने के बाद हदिया के पिता केएम अशोकन ने रिपोर्ट्स से कहा कि वे फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर करेंगे। उन्होंने बताया कि शफीन जहां के साथ उनकी बेटी की शादी एक समझौता है और वो कोर्ट को एक बार फिर मामले की सुनवाई के लिए राजी कर लेंगे।
- हालांकि, अशोकन ने कोर्ट के उस फैसले पर संतुष्टि जताई, जिसके तहत NIA मामले की जांच जारी रखेगा। उन्होंने कहा, “सुप्रीम कोर्ट ने NIA की जांच इसलिए नहीं रोकी, क्योंकि शफीन जहां एक कट्टरपंथी हो सकता है।”
- अशोकन ने कहा कि ये बेहद दुखद है कि एक पिता अपनी बेटी को कट्टरपंथी के साथ रहने के लिए भेज रहा है।

एनआईए जांच जारी रख सकती है

- बता दें कि चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा था कि नेशनल इन्वेस्टिगेशन एंजेसी (एनआईए) की तरफ से मामले की जांच जारी रहेगी। इस बेंच में जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस डीवाय चंद्रचूड भी शामिल थे।

- उधर, एनआईए की ओर से कहा गया कि उसने कोर्ट के ऑर्डर पर ही मामले की जांच शुरू की थी, जो लगभग पूरी हो चुकी है। सिर्फ दो लोगों से पूछताछ बाकी है, वो विदेश में हैं।

- सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एनआईए किसी भी मामले की जांच कर सकती है, लेकिन दो बालिगों की शादी की जांच कैसे कर सकती है?


सुप्रीम कोर्ट ने एनआईए को सौंपी थी जांच

- सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल अगस्त में एनआईआई को धर्म परिवर्तन और शादी के इस मामले की जांच सौंपी थी। एनआईए का दावा था कि केरल में ऐसा काफी हो रहा है।
- हदिया के पति शफीन ने केरल हाईकोर्ट के उस ऑर्डर को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें इस शादी को अमान्य कर दिया गया था और हदिया को उसके माता-पिता के पास भेजने का ऑर्डर दिया था।

सुप्रीम कोर्ट ने हदिया को आजाद कराया
- पिछले साल 27 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने हदिया को उसके माता-पिता की कस्टडी से आजाद करने का ऑर्डर दे दिया था। यह भी कहा था कि वह चाहे तो राज्य सरकार के खर्च पर अपनी पढ़ाई जारी रख सकती है।
- जवाब में हदिया ने कहा- "मैं जारी रखना चाहती हूं कि लेकिन राज्य के खर्चे पर नहीं, जबकि मेरे पति (शफीन) इसका खर्चा उठा सकते हैं।"

होम्योपैथी की स्टूडेंट है हदिया
- सुप्रीम कोर्ट ने हदिया को उसकी पढ़ाई के लिए तमिलनाडु के सलेम के एक कॉलेज ले जाने के आदेश दिए। यह भी कहा कि कॉलेज को उसे हॉस्टल फैसिलिटी देनी चाहिए। बता दें कि हदिया होम्योपैथी का कोर्स कर रही है।
- कोर्ट ने उसे सिक्युरिटी मुहैया कराने के भी आदेश दिए। सलेम के होम्योपैथिक कॉलेज के डीन को हदिया का कन्वीनर अप्वाइंट किया गया। हदिया को इस बात की छूट दी कि कोई परेशानी होने पर वह उनसे कॉन्टैक्ट कर सकती है।

हदिया ने कहा था- मुस्लिम ही बने रहना चाहती हूं

- हदिया ने पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया था। इसमें कहा गया था कि वह मुस्लिम है और मुस्लिम ही बनी रहना चाहती है। उसने यह भी कहा है कि वह शफीन जहां की पत्नी ही बनी रहना चाहती है।

क्या है पूरा मामला?

- केरल में अखिला अशोकन उर्फ हदिया (25) ने शफीन नाम के मुस्लिम लड़के से दिसंबर 2016 में शादी की थी। लड़की के पिता एम अशोकन का आरोप था कि यह लव जिहाद का मामला है। उनकी बेटी की जबर्दस्ती धर्म बदलवाकर शादी की गई है।
- लड़की के पिता की पिटीशन पर हाईकोर्ट ने 25 मई को यह शादी रद्द कर दी थी। हदिया को उसके माता-पिता के पास रखने का आदेश दिया था। इसके बाद शफीन ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने लड़की के पिता को उसे पेश करने का ऑर्डर दिया था।

हदिया ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर कहा था कि वह मुस्लिम और शफीन की पत्नी ही बने रहना चाहती है। -फाइल हदिया ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर कहा था कि वह मुस्लिम और शफीन की पत्नी ही बने रहना चाहती है। -फाइल
हाईकोर्ट ने हदिया को उसके माता-पिता के पास रखने का आदेश दिया था। इसके बाद शफीन ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट ने हदिया को उसके माता-पिता के पास रखने का आदेश दिया था। इसके बाद शफीन ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
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