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नीच शब्द का इस्तेमाल कर विवादों में आए मणिशंकर की चुप्पी, गुजरात चुनाव पर नहीं दिया जवाब

पीएम नरेंद्र मोदी के लिए नीच शब्द का इस्तेमाल करने पर कांग्रेस मणिशंकर को पार्टी से निकाल चुकी है।

DainikBhaskar.com | Last Modified - Dec 22, 2017, 12:48 PM IST

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नई दिल्ली/कोलकाता.गुजरात चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए नीच शब्द का इस्तेमाल करने वाले मणिशंकर अय्यर ने नतीजों पर चुप्पी साध ली। शुक्रवार को न्यूज एजेंसी के रिपोर्टर ने कोलकाता में उनसे विधानसभा चुनाव को लेकर सवाल पूछा। लेकिन मणिशंकर ने कोई रिएक्शन नहीं दिया और टेबल पर बैठकर अखबार पढ़ते नजर आए। पिछले दिनों कांग्रेस के सीनियर लीडर वीरप्पा मोइली ने अय्यर के बयान से पार्टी को भारी नुकसान की बात कही थी। बता दें कि पीएम के लिए गलत भाषा का इस्तेमाल करने पर कांग्रेस मणिशंकर को पार्टी से सस्पेंड कर चुकी है।

सूरत में मोदी ने नीच का मुद्दा उठाया, 15 सीटें मिलीं

- कांग्रेस नेता के नीच कहने पर बीजेपी ने चुनावी रैलियों में इसे भुनाया। बयान के तुरंत बाद सूरत की रैली में नरेंद्र मोदी इसे लेकर कांग्रेस पर हमला बोला। इसके बाद 18 दिसंबर को जब गुजरात चुनाव के नतीजे सामने आए तो यहां 16 में से 15 सीटें बीजेपी को मिलीं।

- सूरत कपड़ा कारोबारियों का इलाका है। जीएसटी और नोटबंदी से कारोबारी नाराज थे। ऐसे में मोदी ने चुनाव को व्यक्तिगत बनाकर गुजरात की अस्मिता से जोड़ दिया था, लेकिन फिर भी पिछली बार के मुकाबले एक सीट गंवानी पड़ी।

बीजेपी को इस बार 16 सीटों का नुकसान

- बता दें कि गुजरात विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने 99 सीटों पर जीत दर्ज की है। वहीं, कांग्रेस 77 सीट जीतने में कामयाब रही। अन्य को 6 सीटें मिलीं। पिछली बार के मुकाबले बीजेपी को 16 सीटों का नुकसान तो कांग्रेस को इतना ही फायदा हुआ।

- गुजरात में छठवीं बार बीजेपी की सरकार बनने जा रही है। यहां पार्टी पिछले 22 साल से सत्ता में है। अभी नए सीएम के नाम का एलान होना बाकी है।

क्या बोले थे मणिशंकर?

- 7 दिसंबर को मणिशंकर ने कहा, "जो अंबेडकरजी की सबसे बड़ी ख्वाहिश थी, उसे साकार करने में एक व्यक्ति सबसे बड़ा योगदान था। उनका नाम था जवाहरलाल नेहरू। अब इस परिवार के बारे में ऐसी गंदी बातें करें, वो भी ऐसे मौके पर जब अंबेडकरजी की याद में बहुत बड़ी इमारत का उद्घाटन किया गया। मुझे लगता है कि ये आदमी बहुत नीच किस्म का है, इसमें कोई सभ्यता नहीं है। ऐसे मौके पर इस प्रकार की गंदी राजनीति की क्या आवश्यकता है।''

मोदी ने अय्यर को क्या जवाब दिया था?

- बयान के कुछ देर बाद ही सूरत की चुनावी रैली में मोदी ने कहा, "एक नेता हैं। बड़ी-बड़ी यूनिवर्सिटी से उन्हाेंने डिग्री ली है। वे भारत के राजदूत रहे हैं। फॉरेन सर्विस के बड़े अफसर रहे हैं। मनमोहन सरकार में वे जवाबदार मंत्री थे। उन्होंने आज एक बात कही। श्रीमान मणिशंकर अय्यर ने कहा कि मोदी नीच जाति का है। मोदी नीच है। भाइयो-बहनो! ये अपमान गुजरात का है। ये भारत की महान परंपरा है?"
- ''क्या ये जातिवाद नहीं है? क्या ये हमारे देश के दलितों का अपमान नहीं है? क्या ये मुगलों की मानसिकता नहीं है, क्या ये सामंतवादी मानसिकता नहीं है? क्या उन्होंने मुझे नीच नहीं कहा? लेकिन हमारे संस्कार इस तरह की भाषा की इजाजत नहीं देते।

हमारे लोगों ने भी गलती की: मोइली

- कांग्रेस नेता मोइली ने नीच शब्द का उल्लेख करते हुए कहा था, "मणिशंकर अय्यर जैसे हमारे नेताओं को मोदी के लिए ऐसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। मुझे लगता है कि मोदी ने अय्यर के बयान को कांग्रेस और राहुल गांधी के खिलाफ इस्तेमाल किया। हमें सावधान रहना चाहिए।''

- ''मोदी ने चुनाव प्रचार के दौरान गुजरात के लोगों को इमोशनली ब्लैकमेल करने की कोशिश की। राजनीतिक पार्टियों को जुमलेबाजी कर चुनाव जीतने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। मोदी ने कहा कि अय्यर जब पाकिस्तान गए तो उन्होंने मारने के लिए सुपारी दी। गुजरात में मुझे हराने के लिए पाकिस्तान काम कर रहा है। चुनाव आयोग को ऐसे बयानों को गंभीरता से लेना चाहिए था।''

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Web Title: nich shbd ka istemaal kar vivaadon mein aaye ayyr ki chuppi, gujarat chunaav par nahi diyaa jawab
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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