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सीमा पर फिर बढ़ सकता है चीन से तनाव, भारत में ISIS की विचारधारा फैलाने का जरिया बन सकता है पाकिस्तान: रक्षा राज्यमंत्री सुभाष भाम्रे

भारत और चीन की सेनाएं जून 2017 में भी डोकलाम को लेकर एक-दूसरे के सामने आ गई थीं।

Dainik Bhaskar

Mar 01, 2018, 10:03 PM IST
डोकलाम में चीन के सड़क बनाने को लेकर विवाद हुआ था। (फाइल) डोकलाम में चीन के सड़क बनाने को लेकर विवाद हुआ था। (फाइल)

नई दिल्ली. डोकलाम गतिरोध के 8 महीने बाद भारत सरकार ने चीन बॉर्डर पर फिर से तनाव बढ़ने की आशंका जताई है। गुरुवार को रक्षा राज्य मंत्री सुभाष भामरे ने कहा कि चीन के साथ लगती भारत की सीमा पर हालात नाजुक बने हुए हैं। आगे तनाव बढ़ने की आशंका है। उन्होंने कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा पर हालात काफी संवेदनशील हैं। यहां गश्त, घुसपैठ और गतिरोध की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। हमारी पूरी कोशिश है कि एलओसी पर किसी भी तरह का टकराव न हो।

बॉर्डर पर भारत के लिए हर तरफ खतरा

- पड़ोसी देशों के हालात पर बात करते हुए रक्षा राज्य मंत्री सुभाष भामरे ने कहा, “आज हम पड़ोसियों की वजह से सबसे मुश्किल हालात का सामना कर रहे हैं। फिर चाहे वो लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) पर पाकिस्तान की तरफ से बार-बार सीजफायर वॉयलेशन हो या जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की बढ़ती घुसपैठ।"

- भामरे ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा कि पड़ोसी देशों में बढ़ती अस्थिरता से इस बात की चिंता भी बढ़ी है कि कहीं आतंकी उनके तबाही मचाने वाले हथियारों तक पहुंच ना बना लें।

चीन को लेकर आगाह कर चुके हैं आर्मी चीफ

- जनवरी में आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत ने कहा था- "चीन और पाकिस्तान भारत के लिए खतरा हैं। चीन धीरे-धीरे हमारी सीमाओं के करीब आने की कोशिश कर रहा है। उसने ताकत दिखाने की कोशिश की है। पाकिस्तान नॉदर्न बॉर्डर पर होने वाले टकराव का फायदा उठाने की कोशिश कर रहा है। इसलिए हमें दो मोर्चों पर जंग के लिए तैयार रहना होगा।"
- "हो सकता है यह टकराव किसी खास इलाके और जगह तक सीमित हों। लेकिन, यह पूरी जंग में भी बदल सकते हैं। क्योंकि, नॉदर्न बॉर्डर पर पैदा होने वाले हालात का फायदा वेस्टर्न बॉर्डर पर उठाने की साजिश रची जाएगी।"
- वहीं, 12 जनवरी को जनरल रावत ने कहा था- “चीन भले ही ताकतवर देश है, लेकिन भारत भी कमजोर नहीं है। भारत अपनी सीमा में किसी भी देश को अतिक्रमण नहीं करने देगा। हमारे पास सीमा पर सभी तरह के विवाद से निपटने के लिए मजबूत 'मैकेनिज्म’ है। उत्तरी सीमा पर चीन से लगी एलएसी पर विवाद जारी है, जिसे हम रोकने की कोशिशों में लगे हैं।”

क्या था डोकलाम विवाद, कितने दिन चला?

- डोकलाम में विवाद 16 जून को तब शुरू हुआ था, जब इंडियन ट्रूप्स ने वहां चीन के सैनिकों को सड़क बनाने से रोक दिया था। हालांकि, चीन का दावा था कि वह अपने इलाके में सड़क बना रहा था।
- इस इलाके का भारत में नाम डोका ला है। जबकि, भूटान में इसे डोकलाम कहा जाता है। चीन दावा करता है कि ये उसके डोंगलांग रीजन का हिस्सा है। भारत-चीन के बीच 3488 किमी लंबी बॉर्डर है। इसका 220 किमी हिस्सा सिक्किम में आता है।

भारत-चीन के बीच 3488 km लंबी बॉर्डर है। (फाइल) भारत-चीन के बीच 3488 km लंबी बॉर्डर है। (फाइल)
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डोकलाम में चीन के सड़क बनाने को लेकर विवाद हुआ था। (फाइल)डोकलाम में चीन के सड़क बनाने को लेकर विवाद हुआ था। (फाइल)
भारत-चीन के बीच 3488 km लंबी बॉर्डर है। (फाइल)भारत-चीन के बीच 3488 km लंबी बॉर्डर है। (फाइल)
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