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मैंने एवरेस्ट से ऊंची और आवाज की गति से भी तेज उड़ान भरी: सुखोई में उड़ान भरने के बाद सीतारमण

सीतारमण ने इसे जिंदगी का सबसे अच्छा अनुभव बताया। कहा- alt147मैंने माउंट एवरेस्ट से भी ऊंची उड़ान भरी है।

Dainik Bhaskar

Jan 18, 2018, 07:53 AM IST
देश की पहली महिला रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण सुखोई फाइटर एयरक्राफ्ट में उड़ान भरने वाली पहली डिफेंस मिनिस्टर भी बन गई हैं। देश की पहली महिला रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण सुखोई फाइटर एयरक्राफ्ट में उड़ान भरने वाली पहली डिफेंस मिनिस्टर भी बन गई हैं।

जोधपुर. देश की पहली महिला रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण सुखोई फाइटर एयरक्राफ्ट में उड़ान भरने वाली पहली डिफेंस मिनिस्टर भी बन गई हैं। बुधवार को जोधपुर एयरबेस से उन्होंने 2100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाले सुखोई 30 एमकेआई से उड़ान भरी। वो करीब 30 मिनट आसमान में रहीं। सीतारमण पायलट द्वारा पहने जाने वाले जी-सूट में फाइटर एयरक्राफ्ट की पिछली सीट पर बैठीं। सीतारमण ने इसे जिंदगी का सबसे अच्छा अनुभव बताया। कहा- alt147मैंने माउंट एवरेस्ट से भी ऊंची उड़ान भरी है। आवाज की गति से भी तेज उड़ान भरी है। उड़ान भरकर महसूस हुआ कि हमारे पायलट किस माइंडसेट से गुजरते हैं।' सूत्रों के मुताबिक, डिफेंस मिनिस्टर की इस उड़ान का मकसद सेना के अलग-अलग अंगों की तैयारियों और फंक्शन को जानना है।


ये भी सुखोई की उड़ान भर चुके हैं

जून 2006: एपीजे अब्दुल कलाम।
नवंबर 2009: पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल।
अगस्त 2015: पूर्व रक्षा राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह।
मई 2016: गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू।
अगस्त 2003: में तब के डिफेंस मिनिस्टर जॉर्ज फर्नांडिस ने मिग-21 में उड़ान भरी थी।

ऐसी उड़ानों में क्या होता है वीआईपीज का रोल

- इंडियन एयरफोर्स के फाइटर प्लेन सिंगल सीटर होते हैं। इसलिए वीआईपीज की उड़ान के लिए असल में नए पायलट्स को ट्रेनिंग देने वाले ट्रेनी वर्जन का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें दो सीट होती हैं। पहली सीट पर इंस्ट्रक्टर के तौर पर चीफ पायलट बैठता है, और दूसरी सीट पर वीआईपी।
- सीतारमण ने भी सुखाेई के ट्रेनी वर्जन में ही उड़ान भरी। रिटायर्ड वाइस एयर चीफ मार्शल पीके बारबोरा और एयर मार्शल रविकांत शर्मा के मुताबिक, किसी भी वीआईपी के लिए यह केवल जॉय राइड के तौर पर नहीं है। उड़ान से पहले पूरे मेडिकल चेकअप के साथ वीआईपी को फाइटर एयरक्राफ्ट के कंट्रोल और उससे जरूरी फंक्शन्स के बारे में ब्रीफ किया जाता है। जैसे इमरजेंसी हो ताे कैसे इजेक्ट करेंगे।

क्या होता है जी-सूट? क्यों पहनाया जाता है?

- इसके बाद उन्हें पायलट द्वारा उपयोग किया जाना वाला जी-सूट पहनाया जाता है। यह गुरुत्वाकर्षण बल (gravitational force) के दबाव से बचाता है और उड़ान के दौरान खून का प्रवाह ब्रेन की ओर ठीक रहता है। यह सूट पहनने में ही एक घंटा लगता है।
- उड़ान के दौरान वीआईपी बिना इंस्ट्रक्टर के ऑर्डर के किसी भी कंट्रोल से छेड़छाड़ नहीं कर सकते। केवल एक तय ऊंचाई पर पहुंच जाने के बाद उन्हें उड़ान का बेहतर अनुभव मिल सके इसलिए जाॅयस्टिक से विमान को हल्का दाएं-बाएं घुमाने और थ्रोटल के जरिए स्पीड को कम-ज्यादा करने का मौका दिया जाता है। इसके बाद चीफ पायलट विमान को बिना किसी कलाबाजी के लैंड करा देते हैं।

इंडियन एयरफोर्स के फाइटर प्लेन सिंगल सीटर होते हैं। इसलिए वीआईपीज की उड़ान के लिए असल में नए पायलट्स को ट्रेनिंग देने वाले ट्रेनी वर्जन का इस्तेमाल किया जाता है। इंडियन एयरफोर्स के फाइटर प्लेन सिंगल सीटर होते हैं। इसलिए वीआईपीज की उड़ान के लिए असल में नए पायलट्स को ट्रेनिंग देने वाले ट्रेनी वर्जन का इस्तेमाल किया जाता है।
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देश की पहली महिला रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण सुखोई फाइटर एयरक्राफ्ट में उड़ान भरने वाली पहली डिफेंस मिनिस्टर भी बन गई हैं।देश की पहली महिला रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण सुखोई फाइटर एयरक्राफ्ट में उड़ान भरने वाली पहली डिफेंस मिनिस्टर भी बन गई हैं।
इंडियन एयरफोर्स के फाइटर प्लेन सिंगल सीटर होते हैं। इसलिए वीआईपीज की उड़ान के लिए असल में नए पायलट्स को ट्रेनिंग देने वाले ट्रेनी वर्जन का इस्तेमाल किया जाता है।इंडियन एयरफोर्स के फाइटर प्लेन सिंगल सीटर होते हैं। इसलिए वीआईपीज की उड़ान के लिए असल में नए पायलट्स को ट्रेनिंग देने वाले ट्रेनी वर्जन का इस्तेमाल किया जाता है।
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