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3 दिन बाद LoC पर फायरिंग थमी, पाकिस्तान मीडिया ने कहा- भारत ने हमारे आम लोगों को निशाना बनाया

बीएसएफ और पुलिस के अफसरों ने बताया कि पुंछ और राजौरी जिलों में भी रविवार तड़के 4 बजे के बाद से कोई फायरिंग नहीं हुई।

Danik Bhaskar | Jan 21, 2018, 10:13 AM IST
गुरुवार सुबह से शनिवार तक पाकिस्तान ने LoC पर फायरिंग की थी। इसमें कुल 10 लोगों की मौत हुई। इनमें 6 आम लोग शामिल थे।- फाइल गुरुवार सुबह से शनिवार तक पाकिस्तान ने LoC पर फायरिंग की थी। इसमें कुल 10 लोगों की मौत हुई। इनमें 6 आम लोग शामिल थे।- फाइल

जम्मू/नई दिल्ली. लाइन ऑफ कंट्रोल यानी LoC और इंटरनेशनल बॉर्डर यानी IB पर बीती रात शांति रही। पाकिस्तान की तरफ से यहां कोई फायरिंग नहीं हुई। बीएसएफ के एक स्पोक्समैन ने यह जानकारी न्यूज एजेंसी को दी। बता दें कि गुरुवार सुबह से शनिवार तक पाकिस्तान ने LoC पर फायरिंग की थी। इसमें कुल 10 लोगों की मौत हुई। इनमें 6 आम लोग शामिल थे। करीब 50 लोग जख्मी भी हुए। दूसरी तरफ, पाकिस्तान मीडिया ने आरोप लगाया कि भारत की फायरिंग में कई आम लोग मारे गए और काफी बड़े इलाके में तबाही हुई।

राजौरी और पुंछ में भी फायरिंग थमी

- बीएसएफ और पुलिस के अफसरों ने बताया कि पुंछ और राजौरी जिलों में भी रविवार तड़के 4 बजे के बाद से कोई फायरिंग नहीं हुई। हालांकि, अरनिया सेक्टर में शनिवार देर रात जरूर पाकिस्तान की तरफ से फायरिंग हुई थी और भारत की तरफ से इसका फौरन माकूल जवाब दिया गया।
- बीएसएफ के स्पोक्समैन ने कहा- सांबा और कठुआ में कई जगह छिटपुट फायरिंग हुई। अरनिया में शनिवार रात 10 बजे करीब कुछ गोले आकर गिरे। शाहपुर इलाके में जरूर पाकिस्तान ने छोटे हथियारों से फायरिंग की। भारत के जवाब के बाद वहां भी फायरिंग बंद हो गई।
- ताजा फायरिंग में सबसे बड़ी दिक्कत लोगों को महफूज जगहों पर पहुंचाने की है। बीएसएफ के दो और आर्मी के भी दो जवान पिछले तीन दिनों में शहीद हुए हैं।

पाकिस्तान के चार सैनिक ढेर

- मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीएसएफ और आर्मी की जवाबी फायरिंग में पाकिस्तान के चार सैनिक (रेंजर्स) मारे गए। इसके अलावा वहां की आर्मी का एक पेट्रोलियम डिपो भी तबाह कर दिया गया।
- जानकारी के मुताबिक- इंटरनेशनल बॉर्डर पर पाकिस्तान की तरफ लाउड स्पीकर से अनाउंसमेंट में लोगों से इलाका छोड़कर जाने को कहा जा रहा है।

ताजा फायरिंग में सबसे बड़ी दिक्कत लोगों को महफूज जगहों पर पहुंचाने की है। बीएसएफ के दो और आर्मी के भी दो जवान पिछले तीन दिनों में शहीद हुए हैं। - फाइल ताजा फायरिंग में सबसे बड़ी दिक्कत लोगों को महफूज जगहों पर पहुंचाने की है। बीएसएफ के दो और आर्मी के भी दो जवान पिछले तीन दिनों में शहीद हुए हैं। - फाइल