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कुलभूषण जाधव की पत्नी-मां की वीजा एप्लीकेशन पर प्रॉसेस जारी: PAK फॉरेन मिनिस्ट्री

PAK आर्मी कोर्ट ने उन्हें रॉ के लिए जासूसी के आरोप में फांसी की सजा सुनाई है, जिस पर आईसीजे ने रोक लगाई है।

Danik Bhaskar

Dec 17, 2017, 11:56 AM IST
पाक आर्मी का आरोप है कि कुलभूषण इंडियन एजेंसी के लिए बलूचिस्तान में जासूसी कर रहे थे। -फाइल पाक आर्मी का आरोप है कि कुलभूषण इंडियन एजेंसी के लिए बलूचिस्तान में जासूसी कर रहे थे। -फाइल

इस्लामाबाद/नई दिल्ली. पाकिस्तान फॉरेन मिनिस्ट्री ने कहा है कि कुलभूषण जाधव की पत्नी और मां को वीजा देने की कार्यवाही चल रही है। फॉरेन ऑफिस के स्पोक्सपर्सन डॉ. मोहम्मद फैसल ने शनिवार को ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इंडियन नेवी के कमांडर रहे जाधव की मां और पत्नी के वीजा एप्लीकेशन मिले हैं। वो मानवता के आधार पर यहां आना चाहती हैं। बता दें कि जाधव को पाकिस्तान ने ईरान से किडनैप किया गया था। पाक आर्मी कोर्ट ने उन्हें रॉ के लिए जासूसी के आरोप में फांसी की सजा सुनाई है, जिस पर आईसीजे ने रोक लगाई है।

25 दिसंबर को कुलभूषण से मुलाकात तय

- पाकिस्तान मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को दिल्ली में पाक हाईकमीशन को जाधव की पत्नी और मां को वीजा देने के ऑर्डर दिए हैं। जेल में बंद कुलभूषण जाधव 25 दिसंबर को अपनी पत्नी और मां से मुलाकात करेंगे। जाधव से मुलाकात के दौरान इंडियन हाईकमीशन का एक अफसर भी वहां मौजूद रहेगा।
- पाकिस्तान से आई इस खबर के बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भी कुलभूषण की मां और पत्नी को इसकी जानकारी दी थी।

जाधव को कब सुनाई गई थी फांसी?

- पाकिस्तान आर्मी का दावा है कि जाधव इंडियन एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) के लिए जासूसी कर रहे थे। उन्हें बलूचिस्तान प्रांत से पकड़ा गया। इसके बाद पाक आर्मी के फील्ड जनरल कोर्ट मार्शल (FGCM) ने अप्रैल में फांसी की सजा सुनाई थी।

ICJ ने जाधव की फांसी पर रोक लगाई

- भारत सरकार ने दावा किया है कि पाक आर्मी ने भारतीय नेवी के पूर्व कमांडर कुलभूषण जाधव को ईरान के किडनैप किया था। उन पर जासूसी के झूठे आरोप लगाए और सजा सुनाई। नेवी से रिटायरमेंट के बाद जाधव ईरान में बिजनेस कर रहे थे।

- भारत ने वियना कन्वेंशन के वॉयलेशन का हवाला देकर जाधव की सजा को इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (आईसीजे) में चुनौती दी। इसे ह्यूमन राइट्स का वॉयलेशन करार दिया। इसके बाद कोर्ट ने 18 मई, 2017 को फांसी की सजा पर रोक लगाई।

आईसीजे ने जाधव की फांसी पर रोक लगाई है। -फाइल आईसीजे ने जाधव की फांसी पर रोक लगाई है। -फाइल
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