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भारत से अमन बहाली के लिए बातचीत करे सरकार, हम उसकी मदद को तैयार: PAK आर्मी चीफ

बाजवा ने ये भी कहा कि पाकिस्तान की सेना भारत समेत अपने सभी पड़ोसियों से बेहतर रिश्ते चाहती है।

Danik Bhaskar | Dec 21, 2017, 09:10 PM IST
बाजवा ने देश की सीनेट से कहा- भारत के साथ हमारे जो भी मुद्दे हैं, उन्हें जंग नहीं बल्कि बातचीत से सुलझाया जाना चाहिए।- फाइल बाजवा ने देश की सीनेट से कहा- भारत के साथ हमारे जो भी मुद्दे हैं, उन्हें जंग नहीं बल्कि बातचीत से सुलझाया जाना चाहिए।- फाइल

इस्लामाबाद/नई दिल्ली. पाकिस्तान आर्मी की तरफ से भारत से रिश्तों को लेकर चौंकाने वाला बयान आया है। आमतौर पर पाकिस्तान आर्मी का भारत के लिए रवैया दोस्ताना नहीं होता। लेकिन, पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा ने देश की सीनेट के सामने कहा- हमारी सरकार भारत से अमन बहाली के लिए बातचीत करे। हम उसकी मदद के लिए तैयार हैं। खास बात ये है कि बाजवा और सीनेट की इस मीटिंग की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई।

बातचीत से मसले सुलझाए पाकिस्तान सरकार

- न्यूज एजेंसी ने पाकिस्तान मीडिया की रिपोर्ट्स के हवाले से बाजवा के बयान की जानकारी दी है।
- बाजवा मंगलवार को सीनेट के सामने पेश हुए थे। उन्होंने देश की सिक्युरिटी और इंटरनेशनल मामलों पर सेना का पक्ष सीनेट के सामने रखा था।
- मीटिंग की वीडियो रिकॉर्डिंग की गई। हालांकि, इसे जारी नहीं किया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बाजवा ने पाकिस्तान की सरकार से कहा है कि वो भारत के साथ सभी मुद्दों पर बातचीत की शुरुआत करे, पाकिस्तान आर्मी इसमें मदद के लिए तैयार है।

फैसला सरकार करे

- बाजवा ने कहा- भारत के साथ हमारे जो भी मुद्दे हैं, उन्हें जंग नहीं बल्कि बातचीत से सुलझाया जाना चाहिए। इन हालात में अगर सरकार भारत से बातचीत का फैसला करती है, तो हम अपनी सरकार की मदद के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
- बाजवा ने ये भी कहा कि पाकिस्तान की सेना भारत समेत अपने सभी पड़ोसियों से बेहतर रिश्ते चाहती है। उन्होंने अफगानिस्तान का भी जिक्र किया और कहा कि इस पड़ोसी मुल्क से भी पाकिस्तान रिश्ते बेहतर करे।

बाजवा का बयान अहम क्यों?

- पाकिस्तान आर्मी को वहां की सरकार से ज्यादा पावरफुल माना जाता है। पाकिस्तान की आजादी के 70 साल के इतिहास में आधे से ज्यादा वक्त सेना ने ही हुकूमत की है। पाकिस्तान सरकार आज भी सेना की मर्जी के बिना कोई बड़ा या छोटा फैसला नहीं ले पाती।
- इस मीटिंग में बाजवा के साथ डीजीएमओ मेजर जनरल शमशाद मिर्जा, आईएसआई चीफ नवीद मुख्तार और मेजर जनरल आसिफ गफूर भी मौजूद थे।

6 साल बाद आर्मी चीफ संसद में

- अहम ये भी कि छह साल में यह पहला मौका है जब सेना के सबसे बड़े अफसर संसद पहुंचे और वहां सिक्युरिटी से जुड़े मुद्दों पर जानकारी दी। इसके पहले 2011 में तब के आर्मी चीफ

जनरल अशफाक परवेज कयानी ने सीनेट को इस तरह की ब्रीफिंग दी थी।
- तब कयानी ने एबटाबाद में ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के बारे में जानकारी दी थी। लादेन को अमेरिकी कमांडो ने एक ऑपरेशन में मार गिराया था।

मीटिंग की बातें लीक हुईं

- पाकिस्तान सरकार और आर्मी की तरफ से इस मीटिंग के बारे में मीडिया को जानकारी नहीं दी गई। लेकिन, इसके बावजूद इसकी कई बातें मीडिया में लीक होने लगीं। इसकी जानकारी सांसदों ने ही मीडिया को दी।
- सांसदों के इस रवैये पर सीनेट चेयरमैन राजा रब्बानी ने सख्त नाखुशी जतार्ई। उन्होंने कहा- ये ऑन कैमरा ब्रीफिंग थी। सांसदों को इसे लीक नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा- अगर सांसदों का यही रवैया रहा तो फिर कोई भी संसद को भरोसे में नहीं लेना चाहेगा।
- हालांकि, मीटिंग की बातें लीक होने पर सेना की तरफ से अब तक कुछ नहीं कहा गया है।

पीएम शाहिद खकान अब्बासी के साथ पाक आर्मी चीफ बाजवा। - फाइल पीएम शाहिद खकान अब्बासी के साथ पाक आर्मी चीफ बाजवा। - फाइल