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  • Pakistan is considering a proposal for a meeting with Indias military operations chief for lowering of tensions along the Line of Control.
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भारत के जवाब से घबराया पाकिस्तान, LOC पर 7 सैनिकों के मारे जाने के बाद अब लगाएगा DGMO मीटिंग की गुहार

चार साल पहले दोनों देशों के DGMOs की वाघा बॉर्डर पर मीटिंग हुई थी। इसके पहले 14 साल पहले यह मीटिंग हुई थी।

Dainik Bhaskar

Jan 16, 2018, 10:20 AM IST
खास बात यह है कि 4 साल बाद यह पहला मौका होगा, जब दोनों देशों के DGMOs आमने-सामने बातचीत कर सकते हैं। हालांकि, हॉटलाइन पर DGMOs बातचीत करते रहे हैं। - फाइल खास बात यह है कि 4 साल बाद यह पहला मौका होगा, जब दोनों देशों के DGMOs आमने-सामने बातचीत कर सकते हैं। हालांकि, हॉटलाइन पर DGMOs बातचीत करते रहे हैं। - फाइल

इस्लामाबाद/नई दिल्ली. बॉर्डर और खासतौर पर लाइन ऑफ कंट्रोल यानी LoC पर भारतीय सेना के करारे जवाब से पाकिस्तान घबरा गया है। सोमवार को फायरिंग में अपने 7 सैनिकों के मारे जाने के बाद अब पाकिस्तान दोनों देशों के DGMOs की मीटिंग बुलाने पर विचार कर रहा है। इसका मकसद एलओसी पर अमन बहाली करना है। खास बात यह है कि 4 साल बाद यह पहला मौका होगा, जब दोनों देशों के DGMOs आमने-सामने बातचीत कर सकते हैं। हालांकि, हॉटलाइन पर DGMOs बातचीत करते रहे हैं।

7 सैनिक मारे जाने के बाद जागी सरकार

- सोमवार को पाकिस्तान ने बॉर्डर पर सीजफायर वॉयलेशन किया था। भारतीय सेना ने इसका बेहद करारा जवाब दिया। भारतीय सेना ने पाकिस्तान के 7 सैनिकों को मार गिराया। हालांकि, पाकिस्तान की तरफ से 4 सैनिकों के मारे जाने की ही पुष्टि की गई।
- पाकिस्तान के अखबार ‘द डॉन’ ने मंगलवार सुबह एक रिपोर्ट पब्लिश की। इसमें कहा गया है कि एलओसी पर भारत की सख्त कार्रवाई के बाद पाकिस्तान सीनेट की डिफेंस कमेटी ने एक इमरजेंसी मीटिंग की। इसमें भारत से डायरेक्टर जनरल्स ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन्स (DGMOs) की मीटिंग बुलाने की अपील करने पर विचार किया गया।
- सीनेटर मुशाहिद हुसैन पाकिस्तान की डिफेंस कमेटी ऑफ सीनेट के चेयरमैन हैं। उन्होंने मीडिया के सवालों के जवाब नहीं दिए।

पहले 14 अब 4 साल बाद इस तरह की मीटिंग

- अखबार के मुताबिक, चार साल पहले दोनों देशों के DGMOs की वाघा बॉर्डर पर मीटिंग हुई थी। इसके पहले 14 साल पहले यह मीटिंग हुई थी।
- हालांकि, दोनों देशों के DGMOs हॉटलाइन के जरिए एक-दूसरे से बातचीत करते रहे हैं। लेकिन आमने सामने दोनों देशों के मिलिट्री अफसरों की मुलाकात चार साल बाद ही होगी। पाकिस्तान का आरोप है कि भारत ने पिछले साल 1881 बार सीजफायर वॉयलेशन किया। इसमें उसके 87 लोग मारे गए।

पिछले साल भी पाकिस्तान ने ही की थी पहल

- पिछले साल जून में दोनों देशों के DGMO की हॉटलाइन पर बातचीत हुई थी। बातचीत की पहल पाकिस्तान की तरफ से हुई थी। भारत के डीजीएमओ जनरल एके. भट्ट ने तब साफ कर दिया था कि भारत बॉर्डर पर शांति चाहता है। लेकिन जब तक पाक सेना घुसपैठियों की मदद बंद नहीं करती, माकूल जवाब दिया जाता रहेगा।
- दरअसल, पाकिस्तानी सेना ने बॉर्डर इलाके में स्कूलों पर फायरिंग की थी। इसके बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान की 7 बॉर्डर पोस्ट्स को उड़ा दिया था। इसके बाद पाकिस्तान डिफेंसिव मोड पर आ गया था। उसने मीटिंग की गुहार लगाई थी।

यह फोटो 24 दिसंबर 2013 का है। तब भारत के डीजीएमओ विनोद भाटिया (बाएं) ने अपने पाकिस्तानी काउंटरपार्ट मेजर जनरल आमिर रियाज से वाघा बॉर्डर पर मुलाकात की थी। - फाइल यह फोटो 24 दिसंबर 2013 का है। तब भारत के डीजीएमओ विनोद भाटिया (बाएं) ने अपने पाकिस्तानी काउंटरपार्ट मेजर जनरल आमिर रियाज से वाघा बॉर्डर पर मुलाकात की थी। - फाइल
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खास बात यह है कि 4 साल बाद यह पहला मौका होगा, जब दोनों देशों के DGMOs आमने-सामने बातचीत कर सकते हैं। हालांकि, हॉटलाइन पर DGMOs बातचीत करते रहे हैं। - फाइलखास बात यह है कि 4 साल बाद यह पहला मौका होगा, जब दोनों देशों के DGMOs आमने-सामने बातचीत कर सकते हैं। हालांकि, हॉटलाइन पर DGMOs बातचीत करते रहे हैं। - फाइल
यह फोटो 24 दिसंबर 2013 का है। तब भारत के डीजीएमओ विनोद भाटिया (बाएं) ने अपने पाकिस्तानी काउंटरपार्ट मेजर जनरल आमिर रियाज से वाघा बॉर्डर पर मुलाकात की थी। - फाइलयह फोटो 24 दिसंबर 2013 का है। तब भारत के डीजीएमओ विनोद भाटिया (बाएं) ने अपने पाकिस्तानी काउंटरपार्ट मेजर जनरल आमिर रियाज से वाघा बॉर्डर पर मुलाकात की थी। - फाइल
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