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लैमिनेटेड और प्लास्टिक आधार कार्ड गैरजरूरी, इससे डाटा लीक का भी खतरा: UIDAI ने किया आगाह

यूनीक आईडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) ने आधार कार्ड को लेकर लोगों को आगाह किया है।

Danik Bhaskar

Feb 06, 2018, 05:19 PM IST
UIDAI सीईओ अजय भूषण पांडे ने कहा कि प्लास्टिक आधार कार्ड या लैमिनेटेट कार्ड गैरजरूरी हैं। -फाइल UIDAI सीईओ अजय भूषण पांडे ने कहा कि प्लास्टिक आधार कार्ड या लैमिनेटेट कार्ड गैरजरूरी हैं। -फाइल

नई दिल्ली. यूनीक आईडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) ने आधार कार्ड को लेकर लोगों को आगाह किया है। UIDAI सीईओ अजय भूषण पांडे ने कहा कि प्लास्टिक आधार कार्ड या लैमिनेटेट कार्ड गैरजरूरी हैं। उन्होंने कहा, "लोग साधारण पेपर पर आधार डाउनलोड करें या फिर mAadhaar का इस्तेमाल करें। ये सभी जगह इस्तेमाल के लिए वैध है। स्मार्ट या प्लास्टिक आधार कार्ड का कोई कॉन्सेप्ट नहीं है।' UIDAI ने कहा कि प्लास्टिक आधार कार्ड के इस्तेमाल से डाटा लीक होने की आशंका भी रहती है।

UIDAI ने और क्या कहा?

1) डाउनलोडेड वर्ज पूरी तरह वैध
- UIDAI ने कहा, "आधार लेटर, इसका कटअवे पोर्शन, साधारण कागज पर डाउनलोडेड वर्जन और mAadhaar पूरी तरह वैध है। आधार कार्ड की अनाधिकृत प्रिंटिंग के लिए 50 से 300 रुपए तक लिए जा रहे हैं और ये रकम देना बिल्कुल जरूरी नहीं है।'

2) इन्फर्मेशन शेयर होने की आशंका
- "प्लास्टिक आधार कार्ड या फिर लैमिनेटेड आधार कार्ड का क्यू आर कोड अनाधिकृत प्रिंटिंग के दौरान काम का नहीं रह जाता है। इसलिए ये स्मार्ट आधार कार्ड इस्तेमाल के लायक नहीं रह जाते। इसके अलावा बिना आपकी जानकारी के पर्सनल आधार डिटेल शेयर किए जाने की आशंका भी बढ़ जाती है।'

3) अपनी डिटेल शेयर ना करें
- UIDAI ने लोगों को इस बात के लिए आगाह किया है कि वे अपना आधार नंबर और पर्सनल डिटेल किसी भी अनाधिकृत एजेंसी से शेयर ना करें। इसे लैमिनेट या प्लास्टिक कार्ड पर प्रिंट कराते वक्त भी ऐसा ना करें। अनाधिकृत एजेंसियों को भी कहा गया है कि वे आधार कार्ड प्रिंट करने के लिए लोगों से उनकी डिटेल ना मांगे। अगर ऐसा किया जाता है तो ये क्रिमिनल ऑफेंस होगा।

डेटा सिक्युरिटी के लिए अब वर्चुअल ID

- आधार डेटा की सुरक्षा के लिहाज से UIDAI वेरिफिकेशन के लिए वर्चुअल आईडी जारी करेगा। हालांकि, यह ऑप्शनल होगी, कोई यूजर वेरिफिकेशन के लिए अपना 12 अंक का आधार नंबर नहीं बताना चाहता है तो वह वर्चुअल आईडी दे सकता है। 1 जून से सभी एजेंसियां इस आईडी के जरिए भी वेरिफिकेशन करेंगी।
- कोई भी आधार होल्डर UIDAI की वेबसाइट से वर्चुअल आईडी जनरेट कर सकता है। 16 डिजिट की इस आईडी का इस्तेमाल मोबाइल नंबर के वेरिफिकेशन समेत कई स्कीम में KYC के लिए किया जा सकता है।

देश में 119 करोड़ लोगों के पास आधार
- अथॉरिटी के मुताबिक, अब तक देश के 119 करोड़ लोगों को आधार नंबर (बायोमैट्रिक आईडी) जारी किए जा चुके हैं। कोई भी इसे पहचान के तौर पर पेश कर सकता है।

UIDAI ने कहा कि प्लास्टिक आधार कार्ड के इस्तेमाल से डाटा लीक होने की आशंका भी रहती है। - फाइल UIDAI ने कहा कि प्लास्टिक आधार कार्ड के इस्तेमाल से डाटा लीक होने की आशंका भी रहती है। - फाइल
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