Hindi News »India News »Latest News »National» Live: FICCI में PM नरेन्द्र मोदी कहा भ्रष्टाचार-कालेधन से देश परेशान, PM Narendra Modi In FICCI, Corruption, Black Money Main Issue

पहले की सरकार में बैंकिंग सेक्टर की हालत खराब थी, तब क्या किया? मोदी का FICCI पर तंज

DainikBhaskar.com | Last Modified - Dec 13, 2017, 10:42 PM IST

मोदी ने कहा कि बैंक अकाउंट, गैस कनेक्शन, पेंशन, स्कॉलरशिप के लिए कमीशन देना होता था। हम इस सिस्टम को खत्म कर रहे हैं।
    • Video- फिक्की में मोदी की स्पीच, 5 बड़ी बातें...

      नई दिल्ली. नरेंद्र मोदी ने बुधवार को यहां FICCI में स्पीच में कहा कि देश भ्रष्टाचार और कालेधन से परेशान हो चुका है। लोग इससे निजात पाना चाहते हैं। मोदी ने कहा,"फिक्की का दायरा बड़ा है, जिम्मेदारी बड़ी है। कुछ बल्लेबाज 90 पर धीमा खेलने लगते हैं। आप ऐसा न करें। चौका-छक्का मारकर सैकड़ा पूरा करें। चाहे राजनीतिक दल हों या फिक्की जैसा संगठन, उनके लिए मंथन का वक्त है कि देश की भावनाओं और जरूरतों को समझते हुए भावी रणनीति कैसे बनाएं। स्वतंत्रता के बाद के वर्षों में हमारे सामने कई चुनौतियां खड़ी हुई हैं।" पीएम बोले, "70 सालों में हमारे यहां एक ऐसा सिस्टम बना जिसमें कहीं ना कहीं और कोई ना कोई गरीब हमेशा, सामान्य आदमी हमेशा इस सिस्टम से लड़ता रहा।"

      हम रिश्वतखोरी खत्म कर रहे हैं

      - मोदी ने कहा, "छोटी चीजों के लिए गरीब को संघर्ष करना पड़ा। बैंक अकाउंट, गैस कनेक्शन, पेंशन, स्कॉलरशिप के लिए कमीशन देना होता था। सिस्टम के साथ इस लड़ाई को खत्म करने का काम मेरी सरकार कर रही है। हम ऐसे सिस्टम का निर्माण कर रहे हैं, जो ना सिर्फ पारदर्शी हो, बल्कि संवेदनशील हो। ऐसा सिस्टम जो लोगों की जरूरतों को समझे।''
      - "जनधन योजना जब शुरू की तो उसे शानदार रिस्पॉन्स मिला। जब ये योजना शुरू हुई थी तो हम लक्ष्य तय नहीं कर पाए थे कि कितने गरीबों के बैंक अकाउंट खोलने हैं। सरकार के पास ऐसा कोई डाटा नहीं था, जिससे हमें गरीबों का पता चल सके।''
      - "हमें ये पता था कि गरीबों को बैंक के दरवाजे से लौटा दिया जाता है। आज जब मैं देखता हूं कि जनधन के माध्यम से 30 करोड़ से ज्यादा गरीबों ने अपने बैंक के खाते खुलवाए हैं तो लगता है कि गरीबों की कितनी बड़ी जरूरत को हम पूरा कर पाए हैं।''
      - "एक स्टडी में ये बात उभरकर आई है कि ग्रामीण क्षेत्रों में जहां ऐसे खाते ज्यादा खुले हैं, वहां महंगाई दर में कमी आई है। गरीबों की जिंदगी में कितना बड़ा बदलाव इस एक योजना से लाया गया।''

      हमने लोगों की जरूरत के हिसाब से नीतियां बनाईं

      - मोदी ने कहा, "हमारी सरकार ने लोगों की समस्याओं को, उनकी जरूरतों को ध्यान में रखकर योजनाएं बनाने का काम किया है। लोगों की जिंदगी को आसान बनाने के विजन को हमने प्राथमिकता दी है।''
      - "गरीब महिलाओं को गैस के धुएं से मुक्ति मिले, इसके लिए उज्ज्वला योजना शुरू की। हमने 3 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन दिया।''
      - "एक स्टडी में सामने आया है कि इस योजना के बाद ग्रामीण इलाकों में फ्यूल इन्फ्लेशन में भी गिरावट आई है। गरीबों को ईंधन के लिए कम पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं।''
      - "गरीब महिलाओं को लगातार शर्मिंदगी का सामना पड़ता था, स्वास्थ्य और सुरक्षा पर असर ना हो इसलिए स्वच्छ भारत के तहत 5 करोड़ से ज्यादा शौचालय बनावाए गए हैं। गरीबों को रहने के लिए पक्के घर मिल सकें, वो जितना किराए पर खर्च करते हैं, लगभग उतने में ही उनके पास अपना घर हो। इसके लिए हमने प्रधानमंत्री आवास योजना को शुरू किया।''
      - "मैं गरीबी की दुनिया से निकलकर आपके बीच आया हूं। सीमित संसाधन, सीमित पढ़ाई के बीच से आया हूं। इसी दुनिया ने मुुझे सिखाया कि देश की आवश्यकताओं, गरीबों की आवश्यकताओं को समझते हुए हम काम करें और फैसले लें।''

      - "मुद्रा योजना युवाओं की बड़ी जरूरत को पूरा कर रही है। कोई युवा कुछ भी करना चाहता है तो पहला सवाल पैसे का रहता है। मुद्रा योजना के तहत ये गारंटी सरकार ले रही है। 3 साल के दौरान करीब पौने 10 करोड़ लोगों को हमने मुद्रा योजना से लोन दिया है। इन्हें बिना बैंक गारंटी के करीब 4 लाख करोड़ रुपए दे दिए गए हैं।''
      - "इसी का नतीजा है कि देश को पिछले तीन साल में करीब 3 करोड़ नए एंटरप्रेन्योर्स मिले हैं, जिन्होंने मुद्रा योजना के तहत बैंक से लोन लिया है।''

      FICCI पर किया तंज

      - मोदी बोले, "फिक्की का अपने बारे में कहना है कि इंडस्ट्री की आवाज सरकार तक पहुंचाते हैं। मुझे जानकारी नहीं है कि पहले की सरकार की नीतियों ने किस तरह बैंकिंग सेक्टर की दुर्दशा की। उस पर फिक्की ने कोई सर्वे किया था या नहीं किया था।''
      - "ये आजकल नॉन परफॉर्मिंग एसेट का जो हल्ला मच रहा है, वो पहले की सरकार में बैठे अर्थशास्त्रियों की इस सरकार को दी गई सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।''
      - "मेरी दिलचस्पी ये भी जानने में है कि जब सरकार में बैठे कुछ लोगों के द्वारा बैंकों पर दबाव डालकर कुछ विशेष उद्योगपतियों को लोन दिलवाया जा रहा था, तब फिक्की जैसी संस्थाएं कुछ सक्रिय थीं या नहीं। आवाज उठा रही थीं, चेतावनी दे रही थीं?''
      - "पहले की सरकार, बैंक, उद्योग जगत, बाजार से जुड़ी संस्थाएं भी जानती थीं कि कुछ गलत हो रहा है। ये यूपीए सरकार का बड़ा घोटाला था, टूजी, कॉमनवेल्थ, कोयला घोटाला हुआ था। क्या एक बार भी किसी सर्वे या स्टडी में इसकी चिंता व्यक्त की गई थी या फिर इशारा किया गया था। क्या जगाने की कोशिश किसी संस्था के द्वारा हुई थी। साथियों बैंकिंग सिस्टम की दुर्दशा को ठीक करने के लिए, सिस्टम को मजबूत करने के लिए ये सरकार लगातार कदम उठा रही है।''

      FICCI की आज अहम भूमिका

      - मोदी ने कहा, "बैंकों का हित सुरक्षित होगा, ग्राहकों का हित सुरक्षित होगा, तभी देश का हित भी सुरक्षित रहेगा। ऐसे में फिक्की जैसी संस्थाओं की बड़ी भूमिका सही जानकारी के साथ उद्योग जगत और लोगों को जागरूक करने की भी है।''
      - "बीते कुछ दिनों से फाइनेंशियल रिजोल्यूशन एंड डिपॉजिट इन्श्योरेंस बिल को लेकर अफवाहें फैलाई जा रही हैं। सरकार ग्राहकों के हित को सुरक्षित करने के लिए लगातार काम कर रही है, लेकिन खबरें उल्टी चलाई जा रही हैं।''
      - "उद्योग जगत और आम लोगों को भटकाने वाली ऐसी कोशिशों को नाकाम करने में फिक्की का योगदान जरूरी है। आप सरकार, लोगों और बाजार की आवाज के बीच तालमेल कैसे बैठाएंगे, ये भी जरूरी होगा।''
      - "इंडियन इंडस्ट्री की पुरानी मांग थी कि उसे जीएसटी चाहिए। अब जब जीएसटी लागू हो चुका है तो उसे और प्रभावी बनाने के लिए आपकी संस्था क्या भूमिका निभा रही है।''
      - "सोशल मीडिया पर लोगों ने ध्यान दिया होगा कि बड़े दिनों तक रेस्टोरेंट्स का बिल पोस्ट कर रहे थे कि कुछ रेस्टोंरेंट वाले पहले जैसे ही बिल पकड़ा रहे थे। ग्राहक तक जो फायदा मिलना था,वो पहुंचा नहीं। सरकार ने कोशिश की है, लेकिन क्या फिक्की की तरफ से लोगों में व्यापारियों में किसी तरह की जागरूकता लाने का कंट्रीब्यूशन हो सकता है क्या। जीएसटी जैसी व्यवस्थाएं रातोंरात खड़ी नहीं हो सकतीं।''

      छोटे-मझोले कारोबारियों के काम करना होगा

      - मोदी ने कहा, "मुझे उम्मीद है कि फिक्की ने बड़े पैमाने पर छोटे व्यापारियों के मार्गदर्शन के लिए कोई योजना बनाकर रखी होगी। मुझे बताया गया कि फिक्की के एमएसएमई वर्टिकल का गठन 2013 में किया गया था।''
      - "90 साल की संस्था में एमएसएमई वर्टिकल सिर्फ 4 साल पहले बना। मैं कहना चाहूंगा कि आपका ये वर्टिकल, मुद्रा योजना, स्टार्टअप, स्टैंडअप इंडिया के प्रचार में योगदान कर सकता है।''
      - "ये संस्था जब छोटे उद्योगों की हैंड होल्डिंग करेगी तो वे भी और ऊर्जा के साथ काम कर पाएंगे और सफल होंगे। सरकार ने बड़ी पहल की है। ई मार्केट प्लेस (GEM) नाम से व्यवस्था शुरू की है, उससे छोटे उद्योगों को जोड़ने में आपको प्रयास बढ़ाने चाहिए।''
      - "MSME का जो पैसा बड़ी कंपनियों पर ड्यू रहता है, वो समय पर चुकाए जा सकते हैं क्या? क्या आप इसके लिए कुछ कर सकते हैं? ये सच है कि छोटे उद्योगों का ज्यादातर पैसा बड़ी कंपनियों के पास अटका रहता है। इस समस्या को दूर करने के लिए भी फिक्की की तरफ से कोशिश होगी तो इकोनॉमी को गति मिलेगी।''

      कई कानून बदले

      - मोदी ने कहा, "बांस को लेकर हमने फैसला किया है। बांस एक पेड़ है या घास है। दोनों के लिए कानून थे। किसी को जेल में डालना है तो ट्री वाला कानून और पैसे कमाने हैं तो ग्रास वाला कानून।''
      - "सरकार ने तय कर दिया है कि जगंलों से बाहर जो बांस उगता है, उसे पेड़ नहीं माना जाएगा। अगरबत्ती बनाने के लिए हम बांस इम्पोर्ट करते हैं। दिया-सलाई के लिए बांस मंगाते हैं, पतंग के लिए मंगाते हैं। देश में बांस है, लेकिन पेड़ है इसलिए जेल जाना पड़ेगा। इस फैसले से उन लाखों छोटे उद्यमों का फायदा होगा, जो बांस पर आधारित हैं।''
      - "फिक्की के सबसे ज्यादा सदस्य मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े मेंबर्स हैं। फिर क्यों ऐसा हुआ कि बिल्डरों की मनमानी की खबर पहले की सरकार तक फिक्की ने नहीं पहुंचाई थी। मध्यम वर्ग पिस रहा था। जिंदगीभर की कमाई बिल्डर को देने के बाद भी घर नहीं मिल रहे थे और फिर भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा था, क्यों?''
      - "रेरा जैसे कानून पहले भी तो बनाए जा सकते थे। इस मुश्किल को सरकार ने समझा और कानून बनाकर बिल्डरों का मनमानी पर रोक लगाई है। मैं उस जगह पर बोल रहा हूं जिसकी वन फोर्थ मेंबरिंग इसी फैमिली से है।''
      - "हमने समझा कि मार्च में बजट पेश होने पर योजनाओं पर सालभर काम करने का वक्त नहीं मिल पाता है। हमने बजट को एक महीना आगे कर दिया। मानसून की वजह से जो वक्त बर्बाद होता था, उसे खत्म कर दिया। नतीजा ये हुआ कि इस साल विभागों को तय समय से भी पहले पैसा मिला, योजनाओं पर काम करने का वक्त मिला और सालभरकाम चलता रहा।''

      3 साल में 87 रिफॉर्म्स किए

      - मोदी ने कहा, "पिछले तीन साल में 21 सेक्टर में 87 महत्वपूर्ण रिफॉर्म सरकार ने किए हैं। डिफेंस, फाइनेंशियल सर्विसेस, फूड प्रॉसेसिंग जैसे सेक्टर्स में बदलाव किए गए। अर्थव्यवस्था से जुड़े पैरामीटर्स में नतीजे नजर आ रहे हैं।''
      - "3 साल में ईज ऑफ डूइंग में 142 से 100वें नंबर पर पहुंच गया। फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व 30 हजार करोड़ से बढ़कर 40 हजार करोड़ डॉलर पहुंच गया है। कई सेक्टर्स में रैंकिंग सुधरी है। कुल एफडीआई की बात करें तो 3 साल में देश में 70% की बढ़ोत्तरी हुई है। कंस्ट्रक्शन सेक्टर में अब तक FDI के टोटल निवेश का 75% इन्हीं 3 सालों में हुआ है।''
      - "कमर्शियल व्हीकल की बिक्री में 50% से ज्यादा की ग्रोथ हुई, थ्री व्हीलर की बिक्री में नवंबर में 80फीसदी ग्रोथ हुई है। 2व्हीलर की बिक्री में 23फीसदी से ज्यादा की बढ़ोत्तरी दर्ज हुई। इतने बड़े स्तर पर बदलाव तभी आता है, जब अर्थव्यवस्था पर सामान्य आदमी का भरोसा बढ़ता है।''
      - "ये सुधार सबूत हैं कि सरकार के सोशल, इकोनॉमिक रिफॉर्म आ रहे हैं, जॉब क्रिएशन हो रहे हैं। पीएम आवास योजना के तहत 2022 तक हर गरीब को घर देने का लक्ष्य है। लाखों घर बनाए जा रहे हैं, इन्हें बनाने के लिए मैन पावर स्थानीय स्तर पर जुटाई जा रही है। सामान भी स्थानीय बाजार से आ रहा है। कई शहरों में सिटी गैस डेवलपमेंट सिस्टम भी आ रहा है। सीएनजी वाले शहरों में नया इकोसिस्टम डेवलप हो रहा है।''

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      मोदी ने कहा कि पिछले तीन साल में 21 सेक्टर में 87 महत्वपूर्ण रिफॉर्म सरकार ने किए हैं। (फाइल)
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