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त्रिपुरा में नरेंद्र मोदी ने की चुनाव कैंपेन की शुरुआत, माणिक सरकार के गढ़ में करेंगे रैली

त्रिपुरा में 12वीं विधानसभा के लिए 18 फरवरी को चुनाव होने हैं। यहां असेंबली की 60 सीट हैं। नतीजे 3 मार्च को आएंगे।

Dainik Bhaskar

Feb 08, 2018, 12:55 PM IST
त्रिपुरा में गुरुवार को मोदी क त्रिपुरा में गुरुवार को मोदी क

अगरतला. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को त्रिपुरा में बीजेपी के इलेक्शन कैंपेन की शुरुआत की। पीएम ने सोनामूरा की रैली में माणिक सरकार को आड़े हाथों लिया। मोदी ने कहा- ''यहां 25 साल तक कम्युनिस्ट्स ने शासन किया, उन्होंने जनता को धोखा दिया। त्रिपुरा ने गलत 'माणिक' पहन रखा है, अब इसे 'हीरा' (H- हाईवे, I- आईवे, R- रोडवे, A- एयरवे) की जरूरत है।'' सोनामूरा मुस्लिमों की आबादी वाला इलाका है और मुख्यमंत्री माणिक सरकार की विधानसभा क्षेत्र धानपुर के करीब है। आज माणिक सरकार भी इसी इलाके में रैली करेंगे। बता दें कि त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में 18 फरवरी को वोट डाले जाएंगे, नतीजे 3 मार्च को आएंगे।

सोनमूरा में मोदी ने कहीं 4 बड़ी बातें...

1) त्रिपुरा के लोगों को 25 साल से हक नहीं मिला

- पीएम मोदी ने कहा, ''देश के नागरिकों को जो मिलता है वो आप को नहीं मिलता। यहां की सरकार ने आपको धोखा दिया है। 25 सालों से यहां कम्युनिस्ट्स की सरकार है लेकिन त्रिपुरा के लोगों को वो हक नहीं मिल रहा है।''

- ''कम्युनिस्ट अपने हिसाब से लोकतंत्र का इस्तेमाल करते हैं। राज्य सरकार ने डर का माहौल बनाया है। यहां के कर्मचारियों को भी 7वां वेतन आयोग का फायदा मिलना चाहिए। बीजेपी सरकार आई तो इसे लागू करेगी।''
- ''त्रिपुरा के विकास के लिए 100 में से 80 रुपए भारत सरकार देती है, लेकिन यहां पैसे मिलने पर भी या तो खर्च नहीं होते या हिसाब नहीं दिया जाता। आज भी लाखों लोग बेघर हैं। अभावों में कई लोगों को आत्महत्या करनी पड़ी है।''

2) कांग्रेस-कम्युनिस्ट लाठी के दम पर सरकार चलाते हैं

- ''राज्य में किसी की हत्या हो जाए तो पहले लाल सलाम वालों के घर जाना पड़ता है तब एफआईआर दर्ज होती है। कांग्रेस और कम्युनिस्ट लाठी के दम पर सरकार चलाते हैं।''
- ''हमारी सरकार रेल, अच्छी सड़कों और लोगों के सपने पूरे करने के लिए काम कर रही हैं। लेकिन जब तक देश के पूर्वी क्षेत्र से ये सरकारें नहीं हटेंगी तब तक यहां का विकास नहीं हो सकता। त्रिपुरा के विकास के बिना देश का विकास संभव नहीं है।''

3) त्रिपुरा की टी (चाय) के साथ तीन T हालात बदलेंगी
- ''त्रिपुरा ने गलत 'माणिक' पहन रखा है। यह गलत रत्न है। इससे ही त्रिपुरा की हालत और खराब हो गई है। दिल्ली में कितनी सरकारें बदल जाएं, लेकिन त्रिपुरा में ऐसा पत्थर जड़ गया है जो आपके अच्छे दिन नहीं लाने दे रहा। हीरा (हाईवे, आईवे, रोडवे और एयरवे) की सरकार त्रिपुरा को चाहिए जिससे यहां विकास हो सके।''
- ''भारत सरकार की तिजोरी से निकले हुए पैसे से ही त्रिपुरा का विकास होगा। हम यहां वाटर सप्लाई, कनेक्टिविटी पर काम करेंगे। त्रिपुरा की टी (चाय) के साथ तीन T (ट्रेन, टूरिज्म, और ट्रेनिंग) त्रिपुरा के हालात बदल देंगी।''
- ''हमने रेल मार्ग से दिल्ली को त्रिपुरा से जोड़ा है, अब दिल्ली दूर नहीं। 1700 करोड़ की लागत से 125 किमी रोड शुरू किए हैं। आगे 11,000 करोड़ रुपए कनेक्टिविटी में लगाएंगे। अगरतला में एयरपोर्ट बनाने के लिए 450 करोड़ मंजूर किए हैं।''

4) हमें हर राज्य की बराबर चिंता है

- ''टेलिफोन कनेक्टिविटी चले जाने पर दिन खत्म सा लगता है। हमने अगरतला में इंटरनेट गेटवे शुरू किया। त्रिपुरा पड़ोसी देशों से इंटरनेट गेटवे लेने वाला तीसरा राज्य है। इससे पहले मुबंई और चेन्नई में यह फैसिलिटी थी। हमें हर राज्य के लिए बराबर चिंता है।''
- ''आजादी के 70 साल बाद भी बांस काटने पर रोक लगा दी गई, जिससे यहां के आदिवासी लोग घर भी नहीं बना पाते। कांग्रेस सरकार ने घास की कैटेगरी की बजाह पेड़ की कैटेगरी में इसे डाल दिया। हमने नेशनल बांम्बू मिशन के लिए 1300 करोड़ जारी किए। ताकि अगरबत्ती के लिए लड़की अपने देश में ही मिल जाए। हमने बांस को घास की कैटेगरी में शामिल किया।''

भारत-बांग्लादेश बॉर्डर सील

- सोनमूरा असेंबली सीट से बीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष सुबल भौमिक चुनाव लड़ रहे हैं। इसके बाद कैलाशहर में पीएम की रैली है।
- पीएम की रैली में सुरक्षा के मद्देनजर दो जिलों सिपाहीजाला और उनाकोटि में भारत-बांग्लादेश बॉर्डर सील कर दी गई है।

त्रिपुरा में मोदी की पहली रैली
- गुरुवार को दो रैलियों के बाद दूसरे दौरे के प्रचार अभियान में मोदी 14-15 फरवरी को रैली और रोड शो करेंगे।
- इसके अलावा बीजेपी प्रेसिडेंट अमित शाह, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, होम मिनिस्टर राजनाथ सिंह, फाइनेंस मिनिस्टर अरुण जेटली, डिफेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण और नितिन गडकरी भी प्रचार करेंगे।

असेंबली की 60 सीटों पर 18 फरवरी को वोटिंग

- त्रिपुरा में 12वीं विधानसभा के लिए 18 फरवरी को चुनाव होने हैं। यहां असेंबली की 60 सीट हैं। नतीजे 3 मार्च को मेघालय और नागालैंड के साथ ही आएंगे।
- फिलहाल यहां सीपीएम की सरकार है और माणिक सरकार 20 साल से मुख्यमंत्री हैं। 2013 के इलेक्शन में बीजेपी को राज्य में एक भी सीट नहीं मिली थी।

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