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प्रेम कुमार धूमल के लिए इस बार अनलकी साबित हुआ 9 नंबर, हर खास मौके पर इसी अंक को देते हैं तरजीह

हिमाचल प्रदेश में बीजेपी ने प्रेम कुमार धूमल को अपना सीएम कैंडिडेट बनाया था।

Danik Bhaskar | Dec 19, 2017, 09:38 PM IST
दो बार हिमाचल प्रदेश के सीएम रहे धूमल का न्यूमिरोलॉजी (अंक विद्या) में गहरा यकीन है।- फाइल दो बार हिमाचल प्रदेश के सीएम रहे धूमल का न्यूमिरोलॉजी (अंक विद्या) में गहरा यकीन है।- फाइल

शिमला/नई दिल्ली. हिमाचल प्रदेश में बीजेपी ने प्रेम कुमार धूमल को अपना सीएम कैंडिडेट बनाया था। पार्टी ने तो शानदार जीत हासिल की लेकिन खुद धूमल चुनाव हार गए। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, दो बार इस पहाड़ी राज्य के सीएम रहे धूमल का न्यूमिरोलॉजी (अंक विद्या) में गहरा यकीन है। नंबर 9 को वो अपना फेवरेट और लकी नंबर मानते हैं। लेकिन, इस बार के हिमाचल विधानसभा चुनाव में धूमल के लिए यही 9 नंबर अनलकी साबित हुआ। बता दें कि सोमवार को आए नतीजो में बीजेपी ने हिमाचल में 68 में से 44 सीटें जीती हैं। हालांकि, धूमल मात खा गए।

जिंदगी में नंबर 9 धूमल के लिए खास

- प्रेम कुमार धूमल 9 नंबर को सियासी जिंदगी में भी अहम मानते हैं। उनकी कोशिश खुद को इस नंबर से जोड़े रहने की होती है।
- उनकी सभी पर्सनल या ऑफशियल कारों के नंबर में भी कहीं ना कहीं 9 जरूर होता है। इतना ही नहीं, उनका पर्सनल मोबाइल नंबर भी 9 से जुदा नहीं है। इसके आखिर में भी उन्होंने 9 रखा है।

इस बार अनलकी कैसे?

- बीजेपी के एक नेता ने न्यूज एजेंसी को बताया- हिमाचल प्रदेश में 9 नवंबर को वोटिंग हुई थी। नतीजे 18 दिसंबर को आए। अब चुनाव नतीजे की बात करते हैं। धूमल ये चुनाव 1,919 वोटों से हारे। यानी वोट काउंट के आखिर में 9 आता है।

कैबिनेट में रखे थे 9 मिनिस्टर

- धूमल पिछली बार जब सीएम बने थे तो उनकी कैबिनेट ने 9 जनवरी 2008 को शपथ ली थी। 9 के अंक से लगाव इतना कि धूमल ने फर्स्ट कैबिनेट में भी 9 मंत्रियों को ही रखा था।

जिनसे हारे, उनको सिखा चुके हैं राजनीति

- हालांकि, हिमाचल के नतीजों की ही आगे बात करें तो सिर्फ धूमल ही क्यों बीजेपी के स्टेट चीफ सतपाल सत्ती भी चुनाव हार गए। वैसे, धूमल को हराने वाले कांग्रेस के राजिंदर राणा ने सियासत की बारीकियां धूमल से ही सीखी हैं। खास बात ये है कि धूमल ने ही पार्टी से इस सीट (सुजानपुर) पर चुनाव लड़ने की इच्छा जताई थी।
- राणा की इमेज एक सोशल वर्कर की है। एक बार तो वो धूमल के ही इलेक्शन मैनेजर भी रह चुके हैं। धूमल के परिवार के भी करीबी हैं।
- नतीजों के बाद धूमल ने कहा- राजनीति में कोई जीतता है तो कोई हारता है। हम आत्मविश्लेषण करेंगे। धूमल पहले हमीरपुर से चुनाव लड़ते थे। इसे बीजेपी का गढ़ माना जाता है। इस बार ये सीट उन्होंने नरेंद्र ठाकुर को दे दी। ठाकुर वहां से बीजेपी के टिकट पर जीते हैं।

हिमाचल विधानसभा चुनाव नतीजे: एक नजर में

- राज्य की 68 सीटों पर सिंगल फेज में (9 नवंबर) को चुनाव हुए। कुल 74.61% वोटिंग हुई। यह पिछले चुनाव ( 72.61%) के मुकाबले 2.92% ज्यादा रही।
- बीजेपी का वोट शेयर करीब 10% बढ़ा और कांग्रेस का करीब 1% कम हुआ। सीटों के मामले कांग्रेस को नुकसान तो बीजेपी को फायदा हुआ।
- इस बार बीजेपी को 44 (पिछली बार 26) सीटें मिलीं, वहीं कांग्रेस को 21 (पिछली बार 36) सीटें मिलीं।

शाह का इशारा, धूमल नहीं होंगे सीएम

- अमित शाह ने सोमवार को अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बात की तरफ इशारा किया कि चुनाव हारने वाले प्रेम कुमार धूमल को पार्टी हिमाचल का सीएम नहीं बनाएगी।
- बता दें कि धूमल को इलेक्शन कैंपेन के दौरान अमित शाह ने ही पार्टी का सीएम कैंडिडेट घोषित किया था।
- शाह से सवाल किया गया कि धूमल चुनाव हार रहे हैं। ऐसे में बीजेपी क्या उन्हें सीएम बनाएगी। इस पर शाह ने कहा- जनादेश का आदर किया जाएगा।