• Home
  • National
  • railway panel suggests service captain for passenger issues on trains
--Advertisement--

ट्रेनों में सर्विस कैप्टन डेप्यूट कर सकता है रेलवे, यात्रियों की सभी परेशानियों को करेगा दूर

यात्रियों की अलग-अलग परेशानियों को सिंगल विंडो पर हल करने के लिए रेलवे कमेटी ने सुझाव दिया।

Danik Bhaskar | Mar 04, 2018, 03:03 PM IST
रेलवे कमेटी ने पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर 10 ट्रेनों में सर्विस कैप्टन तैनात करने का सुझाव दिया है। -फाइल रेलवे कमेटी ने पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर 10 ट्रेनों में सर्विस कैप्टन तैनात करने का सुझाव दिया है। -फाइल

नई दिल्ली. ट्रेन में सफर के दौरान पैसेंजर्स की बुनियादी परेशानियां दूर करने के लिए रेलवे सर्विस कैप्टन (सुपरवाइजर) तैनात करने की योजना बना रहा है। इसके लिए पिछले साल दिसंबर में रेल मंत्री पीयूष गोयल ने सभी जोन के हेड से मीटिंग में सुझाव मांगे थे। इस पर कमेटी ने कहा है कि सर्विस कैप्टन को अलग तरह की यूनिफॉर्म दी जाए, ताकि पैसेंजर उन्हें आसानी से पहचान सकें। वहीं, उन्हें टूल किट और बेहतर ट्रेनिंग देकर पहले 10 ट्रेनों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर तैनात किया जाए। हालांकि, कमेटी के सुझावों पर अभी रेलवे बोर्ड की मुहर लगना बाकी है।

सर्विस कैप्टन की जरूरत क्यों ?

- न्यूज एजेंसी के मुताबिक, रेलवे कमेटी ने कहा है कि रेलवे सफर के दौरान पैसेंजर्स को कई तरह की फैसिलिटी दे रहा है। अभी पैसेंजर्स को हर सर्विस के लिए अलग-अलग अफसरों से कॉन्टैक्ट करना होता है। सुपरवाइजर के तौर पर ट्रेन में सिंगल इंचार्ज होने पर यात्रियों को सहूलियत होगी।
- सर्विस कैप्टन या सुपरवाइजर ट्रेन में दी जा रही सभी फैसिलिटीज से जुड़े लोगों से को-ऑर्डिनेट करेगा। ऐसे में पैसेंजर्स को सभी बुनियादी परेशानियों का हल सिंगल विंडो पर मिलेगा।

इन समस्याओं को दूर करेगा सर्विस कैप्टन

- सफर के दौरान सामान चोरी या गुम होने, बर्थ, विंडो, दरवाजों को लेकर परेशानी या कोच में कॉकरोच, चूहे होने पर आप सविर्स कैप्टन से शिकायत कर सकेंगे।
- इसके अलावा सर्विस कैप्टन की जिम्मेदारी होगी कि वह ट्रेन में सफाई का निरीक्षक करे। अगर मरम्मत या ऑपरेशन में कोई दिक्कत है, तो संबंधित डिपार्टमेंट से को-ऑडिनेट कर दूर कराएगा।

रेलवे कमेटी ने और क्या सुझाव दिए?

- रेलवे कमेटी ने आगे सुझाव दिया है कि सभी मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के लिए डिवीजन ऑन बोर्ड सुपरवाइजर्स का एक पूल बनाया जाए। 2 साल के अनुभव वाले जूनियर इंजीनियर या मास्टर क्राफ्ट्समैन लेवल के कर्मचारियों को सर्विस कैप्टन तैनात किया जाए।

- सर्विस कैप्टन सर्विस को शुरुआत में पायलट प्रोजेक्ट की तर्ज पर 4 जोन की 10 ट्रेनों में तैनात करें, इसके बाद जरूरत के मुताबिक इसमें बदलाव किया जाए।

सर्विस कैप्टन या सुपरवाइजर सभी डिपार्टमेंट से कॉन्टैक्ट कर यात्रियों की परेशानी दूर करेगा। -फाइल सर्विस कैप्टन या सुपरवाइजर सभी डिपार्टमेंट से कॉन्टैक्ट कर यात्रियों की परेशानी दूर करेगा। -फाइल