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तत्काल टिकट बुकिंग स्कैम: देशभर में फैला था आरोपियों का नेटवर्क- आफिसर

तत्काल टिकट बुकिंग स्कैम: देशभर में फैला था आरोपियों का नेटवर्क- आफिसर

Dainik Bhaskar

Dec 28, 2017, 03:00 PM IST
सीबीआई ने इस मामले में अपने ही सीबीआई ने इस मामले में अपने ही

नई दिल्ली. रेलवे के तत्काल टिकटों की हैकिंग करने वाले सॉफ्टवेयर का देशभर में इस्तेमाल किया जा रहा था। इसे सीबीआई के एक असिस्टेंट प्रोग्रामर ने तैयार किया था। सीबीआई गर्ग को उसके एक मददगार के साथ उत्तर प्रदेश में जौनपुर से गिरफ्तार कर चुकी है। उधर, रेल मंत्री पीयूष गोयल ने यह मामला सामने आने के बाद सायबर सिक्युरिटी को और मजबूत करने का आदेश दिया है।

और लोग भी इसमें शामिल हैं

- सीबीआई के स्पोक्सपर्सन अभिषेक दयाल के मुताबिक, गर्ग और गुप्ता को उत्तर प्रदेश के जौनपुर से गिरफ्तार किया गया। बुधवार शाम उन्हें दिल्ली लाया गया। पूछताछ में उन्होंने बताया कि उनका नेटवर्क पूरे देशभर में फैला हुआ है।

- सीबीआई के मुताबिक, इस नेटवर्क में शामिल 10 एजेंट्स की अब तक पहचान की है। हालांकि गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ में पता चल रहा है कि इसमें कई और लोग शामिल हैं।

गर्ग ने ही तैयार किया था सॉफ्टवेयर
- यह सॉफ्टवेयर सीबीआई के असिस्टेंट प्रोग्रामर अजय गर्ग ने ही बनाया था।
- सीबीआई के मुताबिक, यह सॉफ्टवेयर रेलवे के रिजर्वेशन सिस्टम को ध्वस्त कर देता था और इससे एक क्लिक पर सैकड़ों टिकट बुक हो जाते थे।

गर्ग ने 2012 में ज्वाइन की थी CBI
- 35 साल के आरोपी अजय गर्ग ने 2012 में सिलेक्शन प्रॉसेस के तहत सीबीआई ज्वाइन की थी। इस डिपार्टमेंट में वह असिस्टेंट प्रोग्रामर के तौर पर काम कर रहा था।
- वह रेलवे टिकट सिस्टम चलाने वाली आईआरसीटीसी में भी 2007 से 2011 के बीच काम कर चुका था।

IRCTC में रहकर पता की सॉफ्टवेयर की खामी
- सीबीआई की जांच में सामने आया है कि आईआरसीटीसी में काम करते हुए गर्ग ने इसके टिकट बुकिंग सॉफ्टवेयर की खामियों को समझ लिया था और बाद में उसने इसमें सेंध लगाने वाला साफ्टवेयर बना लिया।
- ऑफिसर ने कहा, "आईआरसीटीसी के सॉफ्टवेयर में वह खामी अभी भी मौजूद है, जिसके रहते एक क्लिक पर सैकड़ों टिकट बुक किए जा सकते हैं।"
- उन्होंने कहा कि यह टिकट पूरी तरह असली होता था और इसके लिए किया गया पैसा रेलवे के खाते में जाता था।

बिटक्वाइन और हवाला से इकट्ठा करते थे पैसा
- अफसरों ने बताया कि सॉफ्टवेयर का मौजूदा वर्जन करीब एक साल पहले तैयार किया गया था।
- उन्होंने बताया कि आरोपियों के सॉफ्टवेयर से टिकट बुक करने वाले ट्रैवल एजेंट्स से पैसा बिटकॉइन के रूप में या हवाला के जरिए कलेक्ट किया जाता था।
- सीबीआई के डायरेक्टर आलोक वर्मा ने कहा कि यह केस बताता है कि इंटरनल मैकेनिज्म में भी करप्शन को लेकर हमारी जीरो टॉलरेंस पॉलिसी है।

CBI लंबे वक्त से जांच कर रही थी
- सीबीआई इस मामले में लंबे वक्त से जांच कर रही थी। पुख्ता जानकारी मिलने के बाद उसने देशभर में 14 जगहों पर छापे मारे। गुप्ता और गर्ग को गिरफ्तार किया। इस तरह इस मामले का खुलासा हुआ।
- सीबीआई को अजय गर्ग के ठिकानों से 19 पेन ड्राइव, 89 डोंगल, 15 हार्ड डिस्क, 52 मोबाइल फोन, 24 सिम कार्ड, 10 नोटबुक, छह राउटर और 61 लाख रुपए की सोने की ज्वेलरी बरामद की गई। साकेत की स्पेशल कोर्ट ने अजय को 5 दिन की डिशियल कस्टडी में भेज दिया है।

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सीबीआई ने इस मामले में अपने ही सीबीआई ने इस मामले में अपने ही
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