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पद्मावत की रिलीज रुकवाने SC पहुंचीं MP-राजस्थान सरकारें, कहा- लॉ एंड ऑर्डर के आधार पर बैन कर सकते हैं फिल्म

सुप्रीम कोर्ट ने ही 18 जनवरी को फिल्म को देशभर में रिलीज करने के ऑर्डर दिए थे। फिल्म को 25 जनवरी को रिलीज किया जाना है।

Danik Bhaskar | Jan 22, 2018, 11:14 AM IST
द्मावत का राजपूत करणी सेना और बाकी कुछ संगठन विरोध कर रहे हैं। इनका आरोप है कि फिल्म में एेतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ की गई है। द्मावत का राजपूत करणी सेना और बाकी कुछ संगठन विरोध कर रहे हैं। इनका आरोप है कि फिल्म में एेतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ की गई है।

नई दिल्ली. संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावत’ का 25 जनवरी को रिलीज होना भी आसान नहीं लग रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने इस फिल्म को रिलीज करने का आदेश दिया था। इस पर विरोध फिर तेज हो गया। इसके बाद मध्य प्रदेश और राजस्थान की सरकारों ने फिल्म की रिलीज रुकवाने के लिए सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की। सुप्रीम कोर्ट कल यानी 23 जनवरी को इस मामले की सुनवाई करेगा। बता दें कि पद्मावत का राजपूत करणी सेना और बाकी कुछ संगठन विरोध कर रहे हैं। इनका आरोप है कि फिल्म में एेतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ की गई है।

राज्य सरकारों ने क्या कहा?

- सुप्रीम कोर्ट में मध्य प्रदेश और राजस्थान सरकारों की तरफ से सोमवार को अपील दायर की गई। इसमें कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट पद्मावत की रिलीज पर दिए गए अपने पहले के ऑर्डर में सुधार करे।
- सुप्रीम कोर्ट ने ही 18 जनवरी को फिल्म को देशभर में रिलीज करने के ऑर्डर दिए थे। फिल्म को 25 जनवरी को रिलीज किया जाना है। लेकिन, इसका विरोध कम होने की बजाए बढ़ता ही जा रहा है।
- दोनों राज्य सरकारों ने अपनी अपील में कहा है कि सिनेमैटोग्राफ एक्ट में इस बात को साफ किया गया है कि अगर किसी फिल्म से लॉ एंड आॅर्डर बिगड़ने की आशंका हो तो राज्य सरकारें फिल्म को बैन कर सकती हैं।

कल होगी सुनवाई

- चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस एएम. खानविलकर और जस्टिस डीवाय. चंद्रचूढ़ की बेंच कल बीजेपी शासित इन राज्यों की अपील पर सुनवाई करेगी।
- फिल्म प्रोड्यूसर्स के वकील हरीश साल्वे ने मामले की फौरन सुनवाई का विरोध किया। लेकिन, बेंच ने उनके विरोध को दरकिनार कर दिया।

इशारों में धमकी

- रिलीज को लेकर करणी सेना ने फिर एक बार इशारों ही इशारों में धमकी दी है। गुड़गांव में उसके मेंबर्स से सवाल किया गया कि अगर फिल्म को रिलीज किया जाता है तो वे क्या करेंगे? इस पर उन्होंने कहा, "इंतजार करो और देखो 25 को क्या होता है।" मेंबर्स ने फिल्म ना दिखाने को लेकर थिएटरों के मालिकों को ज्ञापन भी दिया है।
- दीपिका पादुकोण, शाहिद कपूर और रणवीर सिंह स्टारर इस फिल्म को पहले राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और हरियाणा में बैन कर दिया था।
- सिनेमा ओनर्स एंड एक्जिबिटर्स एसोसिएशन (COEA) के पूर्व अध्यक्ष और मेंबर नितिन धर ने न्यूज एजेंसी से कहा, "देश के कुछ हिस्सों में दिक्कतें हो सकती हैं। हमने एक्जिबिटर्स से गुजारिश की है और सलाह दी है कि वे अपनी प्रॉपर्टी और थियेटर्स में आने वाली ऑडियंस की हिफाजत के लिए पुलिस की मदद लें।"

फिल्म को लेकर विवाद क्या है?

- राजस्थान में करणी सेना, बीजेपी लीडर्स और हिंदूवादी संगठनों ने इतिहास से छेड़छाड़ का आरोप लगाया है। राजपूत करणी सेना का मानना है कि ​इस फिल्म में पद्मिनी और खिलजी के बीच सीन फिल्माए जाने से उनकी भावनाओं को ठेस पहुंची।
- फिल्म में रानी पद्मावती को भी घूमर डांस करते दिखाया गया है। जबकि राजपूत राजघरानों में रानियां घूमर नहीं करती थीं।
- हालांकि, भंसाली साफ कर चुके हैं कि ये ड्रीम सीक्वेंस फिल्म में है ही नहीं।
- करणी सेना के प्रमुख लोकेंद्र सिंह कालवी ने 25 जनवरी को फिल्म पद्मावत की रिलीज के विरोध में भारत बंद का भी एलान किया है।

दोनों राज्य सरकारों ने अपनी अपील में कहा है कि सिनेमैटोग्राफ एक्ट में इस बात को साफ किया गया है कि अगर किसी फिल्म से लॉ एंड आॅर्डर बिगड़ने की आशंका हो तो राज्य सरकारें फिल्म को बैन कर सकती हैं। दोनों राज्य सरकारों ने अपनी अपील में कहा है कि सिनेमैटोग्राफ एक्ट में इस बात को साफ किया गया है कि अगर किसी फिल्म से लॉ एंड आॅर्डर बिगड़ने की आशंका हो तो राज्य सरकारें फिल्म को बैन कर सकती हैं।