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इस इन्वेस्टिगेशन का कोई अंत नहीं है: राजीव गांधी मर्डर केस पर सुप्रीम कोर्ट

21 मई 1991 के तमिलनाडु के श्रीपेरंबदुर में सुसाइड बॉम्बर ने की पूर्व पीेएम राजीव गांधी की हत्या।

Danik Bhaskar | Dec 12, 2017, 03:04 PM IST
राजीव गांधी की हत्या के आरोपी पेरारीवलन ने सुप्रीम कोर्ट में दी है खुद को आजाद करने की दलील। राजीव गांधी की हत्या के आरोपी पेरारीवलन ने सुप्रीम कोर्ट में दी है खुद को आजाद करने की दलील।

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को देश के पूर्व-पीएम राजीव गांधी के मर्डर की सीबीआई इन्वेस्टिगेशन को अंतहीन करार दिया। कोर्ट ने ये बात सीबीआई द्वारा फाइल की गईं रिपोर्ट्स के आधार पर कहीं। दरअसल, देश की कई बड़ी जांच एजेंसियां पूर्व-पीएम की हत्या के पीछे किसी बड़ी साजिश का पता लगाने के लिए जांच कर रही हैं। हालांकि, अधिकारियों को इसमें अभी तक कोई खास सफलता नहीं मिली है। इसी पर टिप्पणी करते हुए सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस रंजन गोगोई और आर. भानुमति की बेंच ने जांच को दिशाहीन बताया।

मल्टी डिसिप्लिनरी मॉनिटरिंग एजेंसी (एमडीएमए) कर रही इन्वेस्टिगेशन
- राजीव गांधी की हत्या की कॉन्सपिरेसी का पता लगाने के लिए बनाई गई मल्टी डिसिप्लिनरी मॉनिटरिंग एजेंसी (एमडीेएमए) में देश की बड़ी जांच एजेंसियों के अधिकारियों को रखा गया है। इनमें सीबीआई, आईबी, रॉ और रेवेन्यू इंटेलिजेंस के अधिकारी शामिल हैं।

कोर्ट ने केंद्र सरकार को भी बनाया है पार्टी
- राजीव गांधी की हत्या में आरोपी एजी पेरारीवलन ने हाल ही में अपनी उम्रकैद की सजा को खत्म करने की दलील दी थी। इस पर कोर्ट ने 14 नवंबर की सुनवाई में केंद्र से प्रतिक्रिया मांगी थी।
- पेरारीवलन ने अपनी दलील में बताया था कि उसे बम के लिए 9 वोल्ट की दो बैट्री सप्लाई करने का दोषी बनाया गया है। हालांकि, इस बात की जांच अभी तक जारी है। गौरतलब है कि परारीवलन पहले ही 26 साल की जेल काट चुका है।
- बता दें कि तमिलनाडु सरकार पहले ही आरोपी की बाकी बची सजा को खत्म करने का फैसला कर चुकी है। अब माफी को लेकर कोर्ट ने केंद्र से राय मांगी है।

कोर्ट ने केंद्र और सीबीआई से मांगी थी रिपोर्ट
- 17 अगस्त को इस मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से उस बम को बनाने की साजिश से जुड़ी जांच के बारे में जानकारी मांगी है, जिससे 1991 में राजीव गांधी की हत्या की गई थी।
- इस मामले में पेरारिवलन ने दावा किया था कि बम बनाने की साजिश की सही ढंग से जांच नहीं की गई।

राजीव मर्डर केस- अब तक क्या हुआ?
- 21 मई 1991 को तमिलनाडु के पेरंबदुर की एक रैली में धनु नाम की सुसाइड बॉम्बर ने राजीव गांधी की हत्या कर दी थी।

- इस मामले में 4 को मौत और 3 को उम्रकैद की सजा दी गई थी।
- नलिनी श्रीहरन को तमिलनाडु के वेल्लोर की स्पेशल जेल में रखा गया है। नलिनी को पहले मौत की सजा सुनाई गई थी, राज्य सरकार ने इसे बाद में उम्रकैद में बदल दिया था।
- सुप्रीम कोर्ट ने उसके अलावा, नलिनी के पति मुरुगन समेत चार अन्य दोषियों को मौत की सजा सुनाई थी।
- नलिनी समेत बाकी तीन को भी मौत की सजा सुनाई गई थी, लेकिन उनकी मर्सी पिटीशन पर 11 साल तक सुनवाई नहीं होने की वजह से सुप्रीम कोर्ट ने उनकी सजा को उम्रकैद में बदल दिया था।

21 मई 1991 को बम अटैक में कर दी गई थी राजीव की हत्या। 21 मई 1991 को बम अटैक में कर दी गई थी राजीव की हत्या।