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देर से जागने पर पति ने तलाक दिया, महिला बोली- ट्रिपल तलाक बैन हो; संसद में कानून मंत्री ने किया था जिक्र

लोकसभा में बुधवार को ट्रिपल तलाक बिल पेश किया गया। इस दौरान कानून मंत्री ने रामपुर ट्रिपल तलाक केस का जिक्र किया।

Danik Bhaskar | Dec 28, 2017, 07:20 PM IST
रामपुर में गुल अफ्शां को उसके पति ने देर से जागने पर ट्रिपल तलाक दे दिया। रामपुर में गुल अफ्शां को उसके पति ने देर से जागने पर ट्रिपल तलाक दे दिया।

रामपुर/नई दिल्ली. लोकसभा में गुरुवार ट्रिपल तलाक बिल बिना किसी संशोधन पास हो गया। इससे पहले कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बिल पर चर्चा के दौरान कहा, "आज सुबह मुझे एक खबर पढ़ने को मिली। रामपुर में एक महिला को पति ने केवल इसलिए तलाक दे दिया, क्योंकि वो सुबह देर से जागी थी।" कानून मंत्री ने इस महिला की तस्वीर भी संसद में दिखाई। रामपुर की इस महिला ने न्यूज एजेंसी से कहा, "ट्रिपल तलाक पर बैन होना चाहिए।" बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने ट्रिपल तलाक यानी तलाक-ए-बिद्दत को अनकॉन्स्टिट्यूशनल (असंवैधानिक) कहा है।

क्या है रामपुर ट्रिपल तलाक केस?

- यूपी के रामपुर जिले की गुल अफ्शां ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा, "मेरे पति कासिम ने मुझे तीन बार तलाक कह कर डाइवोर्स दे दिया। इसकी वजह ये थी कि मैं देर से सोकर उठी। इसके बाद मेरा पति मुझे घर में बंद करके चला गया। पुलिस ने मुझे बाहर निकाला। मेरी शादी को 6 महीने हुए हैं और मेरा पति शुरुआत से ही मुझे पीटता था।"

महिला ने बिल पर क्या कहा?
- गुल अफ्शां ने कहा, "ट्रिपल तलाक पर पाबंदी लगनी चाहिए। इस पर बैन लगाने वाले बिल का मैं समर्थन करती हूं।"

रामपुर ट्रिपल तलाक केस पर पुलिस का स्टैंड?
- रामपुर पुलिस ने ट्रिपल तलाक के केस पर कहा कि हम इस मामले में कुछ नहीं कर सकते हैं, क्योंकि महिला ने अपने पति के खिलाफ किसी तरह की कम्प्लेंट नहीं की है।

कानून मंत्री ने संसद में क्या कहा?
- लोकसभा में बिल पेश करने के दौरान कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा, "आज सुबह मैं देख रहा था कि रामपुर की महिला को तीन तलाक केवल इसलिए दे दिया गया, क्योंकि वो देर से सोकर उठी थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि तलाक-ए-बिद्दत अनकॉन्स्टिट्यूशनल है।'

क्यों किया इस घटना का जिक्र?
- रविशंकर प्रसाद ने कहा, "ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि हम लोगों को समझाएं और उन्हें मना करेंगे। हमें भी उनसे उम्मीद थी। 22 अगस्त 2017 को सुप्रीम कोर्ट का फैसला हुआ। हमारे पास तीन दिन पहले की रिपोर्ट है। मीडिया, गवर्नमेंट इन्फर्मेशन और दूसरे सोर्सेस से पता चला है कि करीब 300 ट्रिपल तलाक हुए हैं 2017 में, इसमें से 100 सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हुए। उसकी सबसे बड़ी तारीख है आज की ये खबर एक पत्नी देरी से उठी तो पति ने कहा- तलाक, तलाक, तलाक... गेटआउट।"

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Video- कानून मंत्री ने रामपुर ट्रिपल तलाक केस का संसद में जिक्र किया... Video- कानून मंत्री ने रामपुर ट्रिपल तलाक केस का संसद में जिक्र किया...