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एच1बी वीजा: सख्त नियमों के चलते इंडियन कंपनियों के आवेदन में कमी, अब तक 70% वीजा भारतीयों को

बड़ी संख्या में इंडियन आईटी प्रोफेशनल्स एच-1बी वीजा का इस्तेमाल करते हैं।

Dainik Bhaskar

Apr 03, 2018, 04:11 PM IST
अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनियां हर साल भारत और चीन से हजारों कर्मचारियों को नौकरी पर रखती हैं। -फाइल अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनियां हर साल भारत और चीन से हजारों कर्मचारियों को नौकरी पर रखती हैं। -फाइल

वाशिंगटन. नियम सख्त होने के बाद एच-1बी वीजा के लिए आवेदन करने वाली भारतीय कंपनियों में कमी आई है। हालांकि, अब तक जिन्हें वीजा दिया गया है, उनमें 70 फीसदी भारतीय ही हैं। अमेरिकी समाचार पत्र की रिपोर्ट में कहा गया- "विदेशी नागरिक अमेरिका में जॉब करने को लेकर अरुचि दिखा रहे हैं और ये अप्रवासियों को लेकर ट्रम्प की नीतियों के प्रति विरोध जाहिर करने का तरीका है।" यूएस में 2 अप्रैल से एच-1बी वीजा आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बता दें कि मौजूदा समय में 7.5 लाख भारतीय एच-1बी वीजा का इस्तेमाल कर रहे हैं।

वीजा को लेकर जीरो टॉलरेंस पॉलिसी
- यूनाइटेड स्टेट्स सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (यूएससीआईएस) वीजा दिए जाने की प्रक्रिया देखती है। फेडरल एजेंसी ने हाल ही में साफ कर दिया था कि वीजा आवेदनों में जरा सी भी चूक नजरअंदाज नहीं की जाएगी। एजेंसी का तर्क है कि इससे अमेरिकी कंपनियों को अच्छे प्रोफेशनल मिलेंगे, क्योंकि चुनिंदा विदेशी ही वीजा पाने में सफल होंगे।

- बता दें कि यूएससीआईएस के पास 65 हजार एच-1बी वीजा जनरल कैटेगरी और अन्‍य 20 हजार हायर एजुकेशन अप्‍लीकेंट्स के लिए जारी करने का अधिकार है।

कई सालों बाद इतने कठिन वीजा नियम

- अमेरिकी मीडिया के मुताबिक, वीजा के लिए अावेदन करने वालों को कई साल बाद इतने कठिन वीजा नियमों का सामना करना पड़ रहा है। इसका कर्मचारी के साथ कंपनियों पर भी असर पड़ रहा है।
- बड़ी संख्या में आवेदन करने वाली भारत की कंसल्टिंग फर्म की एप्लीकेशन में कमी आई है।

अब तीन साल का वीजा पाना मुश्किल

- अभी तक वीजा तीन साल के लिए दिया जाता था। इसके बाद इसे 3 और साल के लिए आसानी से बढ़ाया जा सकता था। अब अगर कंपनी साफ नहीं कर पाती है कि वीजा आवेदक को 3 साल का काम है तो अवधि कम की जा सकती है।

- कंपनी को आवेदक की क्वालिफिकेशन के अनुसार उसका काम बताना होगा। इससे काफी आवेदन शुरूआती दौर में ही बाहर हो जाएंगे। इस बार पेपर वर्क भी बढ़ा दिया गया है।

असर

कर्मचारियों की कमी हो जाएगी

- एक अमेरिकी अखबार ने दावा किया है कि एच-1बी वीजा नियम कठिन होने से जॉब होने के बाद भी उनके लिए आवेदन करने वालों में कमी आएगी।

प्रोजेक्ट डिले होंगे

- 26 फीसदी कंपनियों को लगा रहा है कि उन्हें अपने प्रोजेक्ट डिले करने पड़ेंगे। 22 फीसदी कंपनियों ने अपने प्रोजेक्ट विदेशों में शिफ्ट कर दिए हैं।

10 सालों में 21 लाख एप्लीकेशन भारतीयों की
- एच-1बी वीजा को लेकर अप्रैल, 2017 की यूएससीआईएस रिपोर्ट में कहा गया था कि 2007 से जून 2017 तक यूएससीआईएस को 34 लाख एच-1बी वीजा एप्लीकेशन मिलीं। इनमें भारत से 21 लाख एप्लीकेशन थीं।
- अमेरिका ने 26 लाख लोगों को एच-1बी वीजा दिया। हालांकि, रिपोर्ट में ये साफ नहीं हो पाया कि अमेरिका ने किस देश के कितने लोगों को वीजा दिया।

- रिपोर्ट के मुताबिक, एच-1बी वीजा पाने वालों में 23 लाख की उम्र 25 से 34 साल के बीच है। इनमें 20 लाख आईटी सेक्टर की नौकरियों से जुड़े हैं।

एच1-बी वीजा क्या है, किन्हें मिलता है

- एच 1 बी वीजा आमतौर पर उन लोगों के लिए जारी किया जाता है, जो किसी खास पेशे (जैसे- आईटी प्रोफेशनल, आर्किट्रेक्टचर, हेल्थ प्रोफेशनल आदि) से जुड़े होते हैं।

प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रम्प के 'बाय अमेरिकन, हायर अमेरिकन' पॉलिसी के तहत सख्त किए गए नियम। -फाइल प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रम्प के 'बाय अमेरिकन, हायर अमेरिकन' पॉलिसी के तहत सख्त किए गए नियम। -फाइल
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अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनियां हर साल भारत और चीन से हजारों कर्मचारियों को नौकरी पर रखती हैं। -फाइलअमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनियां हर साल भारत और चीन से हजारों कर्मचारियों को नौकरी पर रखती हैं। -फाइल
प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रम्प के 'बाय अमेरिकन, हायर अमेरिकन' पॉलिसी के तहत सख्त किए गए नियम। -फाइलप्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रम्प के 'बाय अमेरिकन, हायर अमेरिकन' पॉलिसी के तहत सख्त किए गए नियम। -फाइल
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