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सचिन तेंडुलकर की राज्यसभा में पहली स्पीच हंगामे की वजह से रुकी, राइट टू प्ले पर बोलना था

सचिन सदन में राइट टू प्ले और भारत में खेल के भविष्य पर बोलने वाले थे।

Dainik Bhaskar

Dec 21, 2017, 02:34 PM IST
राज्यसभा में स्पीच के दौरान सचिन तेंडुलकर। राज्यसभा में स्पीच के दौरान सचिन तेंडुलकर।

नई दिल्ली. राज्यसभा मेंबर सचिन तेंडुलकर पहली बार सदन में स्पीच देने के लिए खड़े हुए, लेकिन कांग्रेस मेंबर्स के हंगामे की वजह से बोल नहीं पाए। कांग्रेस और बीजेपी के मेंबर्स के बीच नरेंद्र मोदी के मनमोहन सिंह पर दिए गए बयान को लेकर हंगामा कर रहे थे। जिसके बाद राज्यसभा स्पीकर वेंकैया नायडू ने शुक्रवार तक के लिए सदन स्थगित कर दिया। सचिन तेंडुलकर को 2012 में राज्यसभा के लिए नॉमिनेट किया गया था।

सचिन तेंडुलकर को राइट टू प्ले पर बोलना था

- सचिन सदन में राइट टू प्ले और भारत में खेल के भविष्य पर बोलने वाले थे। इसके लिए उन्हें कांग्रेस मेंबर पीएल पुनिया और बीजेपी मेंबर रणविजय सिंह जूदेव का सपोर्ट भी मिला। लेकिन, हंगामे की वजह से उनकी स्पीच शुरू ही नहीं हो पाई।

- वेंकैया नायडू ने पहले मेंबर्स से शांत रहने की अपील की, ताकि सचिन की स्पीच शुरू हो सके। लेकिन, मेंबर्स लगातार हंगामा करते रहे।

ये ठीक तरीका नहीं- कांग्रेस मेंबर्स से स्पीकर

- हंगामे के दौरान स्पीकर वेंकैया नायडू ने कांग्रेस मेंबर्स से कहा कि सचिन तेंडुलकर पहली बार राज्यसभा में स्पीच दे रहे हैं, हमें उन्हें सुनना चाहिए।

- नायडू बोले, "सचिन देश के युवाओं के लिए आइडल हैं, उन्हें भारत रत्न मिला है, उन्होंने देश का नाम ऊंचा किया है और हमें उनकी रिस्पेक्ट करनी चाहिए। आप लोगों (कांग्रेस मेंबर्स) का तरीका ठीक नहीं है, ये सही पद्यति नहीं है। आप जो कर रहे हैं, उसे पूरा देश देश रहा है। मैं अब आप लोगों की समझ पर सब छोड़ रहा हूं।"

- हंगामा नहीं रुका तो नायडू ने शुक्रवार तक के लिए सदन को स्थगित कर दिया।

सचिन को बोलने ना देना शर्म की बात- जया बच्चन

- राज्यसभा मेंबर जया बच्चन ने कहा, "दुनिया के मंच पर सचिन तेंडुलकर ने भारत का नाम रोशन किया है। ये बेहद शर्म की बात है कि उन्हें सदन में बोलने के मौका नहीं दिया गया, जबकि सभी ये जानते थे कि आज का एजेंडा यही था। क्या सदन में केवल पॉलिटिशियंस को बोलने की इजाजत है?"

क्या है राइट टु प्ले

- पार्लियामेंट में दिए गए नोटिस के मुताबिक, सचिन तेेंडुलकर राइट टु प्ले के मुद्दे पर एक अच्छी बहस करना चाहते हैं।
- तेंडुलकर चाहते हैं कि शिक्षा के साथ खेल अनिवार्य हों। खेल के लिए जरूरी इन्फ्रास्ट्रक्चर सभी बच्चों के लिए मौजूद हों। सचिन इसे संवैधानिक अधिकार के रूप में देखना चाहते हैं।

मोदी ने भी खेल की जरूरत पर दिया था जोर
- कुछ दिन पहले नरेंद्र मोदी ने भी बच्चों से स्पोर्ट्स और फिजिकल एक्टिविटीज की अपील की थी। मोदी भारतीय बच्चों में मोटापे की बढ़ती हुई समस्या को लेकर परेशान थे और इसीलिए उन्होंने बच्चों से ये अपील की थी।

गोद लिए गांव की विजिट पर थे सचिन

- सचिन तेंडुलकर ने महाराष्ट्र के ओस्मानाबाद के डोंजा गांव को गोद लिया है। सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत गोद लिए गए इस गांव के विकास के लिए सचिन ने सांसद निधि से 4 करोड़ का फंड दिया है। सचिन मंगलवार को यहां पहुंचे थे।

- गांव में विजिट के बाद सचिन ने कहा था, "डोंजा में मेरी विजिट बहुत अच्छी रही। ये उम्मीदों और वादों से भरी थी। हम गांवों में अच्छी जिंदगी लाने के लिए मीलों चले हैं और अभी और आगे जाना है। लेकिन, ये सही दिशा में लिया गया अच्छा कदम है।"

अटेंडेंस को लेकर उठे थे सवाल
- सदन में सचिन की अटेंडेंस और सांसद निधि को खर्च ना किए जाने को लेकर सचिन पर सवाल उठाए गए थे। बता दें कि सचिन तेंडुलकर की पार्लियामेंट के सेशंस में एवरेज अटेंडेंस 8 फीसदी रही है।

Video- सचिन की स्पीच के दौरान राज्यसभा में हंगामा... Video- सचिन की स्पीच के दौरान राज्यसभा में हंगामा...
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राज्यसभा में स्पीच के दौरान सचिन तेंडुलकर।राज्यसभा में स्पीच के दौरान सचिन तेंडुलकर।
Video- सचिन की स्पीच के दौरान राज्यसभा में हंगामा...Video- सचिन की स्पीच के दौरान राज्यसभा में हंगामा...
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