--Advertisement--

25 साल से फ्रेंच कंपनी के साथ थे पारेख, चेयरमैन बोले- सलिल के प्लान से 10 गुना ज्यादा तरक्की हुई

सलिल पारेख देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी इन्फोसिस के नए चीफ एक्जीक्यूटिव ऑफिसर (सीईओ) और मैनेजिंग डायरेक्टर होंगे।

Dainik Bhaskar

Dec 03, 2017, 11:26 AM IST
इन्फोसिस से पहले सलिल पारेख फ्रेंच आईटी कंपनी के साथ जुड़े थे। -फाइल इन्फोसिस से पहले सलिल पारेख फ्रेंच आईटी कंपनी के साथ जुड़े थे। -फाइल

बेंगलुरु. सलिल एस पारेख देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी इन्फोसिस के नए चीफ एक्जीक्यूटिव ऑफिसर (सीईओ) और मैनेजिंग डायरेक्टर (एमडी) होंगे। पारेख 2 जनवरी को 7वें सीईओ के तौर पर कामकाज संभालेंगे। उनका टेन्योर 5 साल का होगा। अब तक पारेख फ्रेंच आईटी कंपनी कैपजेमिनी के ग्रुप एग्जीक्यूटिव बोर्ड के मेंबर थे। कैपजेमिनी का मार्केट कैप 1.06 लाख करोड़ रुपए था। पारेख इससे 25 साल जुड़े रहे। अब वो 2.20 लाख करोड़ रु. मार्केट कैप वाली इन्फोसिस की कमान संभालेंगे। कैपजेमिनी के चेयरमैन ने पारेख के इस्तीफा देने के बाद कहा कि सलिल के दम पर भारत और अमेरिका में कंपनी का बिजनेस बढ़ा। उनके प्लान की बदौलत कंपनी ने उम्मीद से 10 गुना ज्यादा तरक्की की।

2014 में सिक्का से पिछड़ गए थे पारेख

- पारेख की पहचान कंपनियों के टेकओवर और संकट के वक्त में मैनेजमेंट में माहिर एडमिनिस्ट्रेटर के तौर पर है। 18 अगस्त को विशाल सिक्का के इस्तीफे के बाद इन्फोसिस में सीईओ पद पर विवाद बढ़ा था। तबसे यूबी प्रवीण राव अंतरिम सीईओ थे। अब पारेख के तौर पर इन्फोसिस को 105 दिन बाद मिला नया सीईओ मिला है।
- बता दें कि पारेख 2014 में भी इन्फोसिस सीईओ बनने की दौड़ में शामिल थे, लेकिन विशाल सिक्का से पिछड़ गए थे।

पारेख के 5 सक्सेस मंत्र

- भारतीय आईटी कंपनियों के ऑर्गनाइजेशन नैसकॉम को दिए एक प्रजेंटेशन में सलिल पारेख ने अपने सक्सेस मंत्र शेयर किए थे...
1. हालात कैसे भी हों, दिमाग को शांत रखें। बाजार की अनिश्चितता का नतीजा कैसा भी हो, लेकिन यहीं से लीडर्स भी तैयार होते हैं।
2. बाहर की दुनिया को देखें। क्लाइंट के साथ वक्त बिताएं।
3. जिन लोगों के साथ काम कर रहे हैं, उनसे कभी कुछ मत छिपाएं।
4. अच्छे लोगों को हायर करें। नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स को बाहर करें।
5. हम जिस काम को कर रहे हैं, उसमें खुद को बेहतर करना हमारी बाकी सभी प्राथमिकताओं से बढ़कर हैं।

कैपजेमिनी के सीईओ ने कहा- भारत, अमेरिका में पारेख की बदौलत ही बढ़ा बिजनेस

- फ्रेंच आईटी कंपनी कैपजेमिनी के लिए काम करते हुए सलिल ने मई 2000 में अर्न्स्ट एंड यंग और अप्रैल 2015 में आई-गेट के टेकओवर में अहम भूमिका निभाई थी।

- कंपनी के चेयरमैन और सीईओ पॉल हरमेलिन ने पारेख के इस्तीफा देने के बाद कहा कि सलिल के दम पर भारत और अमेरिका में कंपनी का बिजनेस बढ़ा। सलिल के प्लान की बदौलत कंपनी ने उम्मीद से 10 गुना ज्यादा तरक्की की।

इन्फोसिस में सलिल के लिए 3 चुनौतियां

1. फाउंडर नारायणमूर्ति और मैनेजमेंट को साथ लेकर चलना। मूर्ति ने गवर्नेंस को लेकर मैनेजमेंट पर आरोप लगाए थे।
2. इन्फोसिस ने इस साल रेवेन्यू 7.5% से घटकर 6.5% होने का अनुमान लगाया था। इसे पटरी पर लाना सलिल की चुनौती।
3. विशाल सिक्का वाले विवाद के बाद कंपनी के शेयर गिरे हैं। अब कंपनी की इमेज पुख्ता करना भी सलिल के लिए चुनौती होगी।

इन्फोसिस के अब तक के सीईओ

1. नारायण मूर्ति- 1981 से मार्च 2002
2. नंदन नीलेकणी- मार्च 2002 से अप्रैल 2007
3. क्रिस गोपालकृष्णन- अप्रैल 2007 से अगस्त 2011
4. एसडी शिबुलाल- अगस्त 2011 से जुलाई 2014
5. विशाल सिक्का- अगस्त 2014 से अगस्त 2017
6. यूबी प्रवीण राव- अगस्त 2017 से अब तक

ससिल पारेख इन्फोसिस के 7वें सीईओ के तौर पर 2 जनवरी को कामकाज संभालेंगे। -फाइल ससिल पारेख इन्फोसिस के 7वें सीईओ के तौर पर 2 जनवरी को कामकाज संभालेंगे। -फाइल
X
इन्फोसिस से पहले सलिल पारेख फ्रेंच आईटी कंपनी के साथ जुड़े थे। -फाइलइन्फोसिस से पहले सलिल पारेख फ्रेंच आईटी कंपनी के साथ जुड़े थे। -फाइल
ससिल पारेख इन्फोसिस के 7वें सीईओ के तौर पर 2 जनवरी को कामकाज संभालेंगे। -फाइलससिल पारेख इन्फोसिस के 7वें सीईओ के तौर पर 2 जनवरी को कामकाज संभालेंगे। -फाइल
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..