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एसबीआई, आईसीआईसीआई और पीएनबी के कर्ज 0.25% तक महंगे, 20 लाख के होम लोन की ईएमआई 253 रु. बढ़ेगी

नई दरें 1 मार्च से लागू हो गई हैं। बेस रेट के तहत कर्ज लेने वालों पर असर नहीं पड़ेगा।

Dainik Bhaskar

Mar 01, 2018, 11:05 PM IST
एसबीआई ने एक साल की अवधि के लिए मार्जिनल कॉस्ट बेस्ड लेंडिंग रेट 0.20% और तीन साल के लिए 0.25% बढ़ाया है। - फाइल एसबीआई ने एक साल की अवधि के लिए मार्जिनल कॉस्ट बेस्ड लेंडिंग रेट 0.20% और तीन साल के लिए 0.25% बढ़ाया है। - फाइल

नई दिल्ली. देश के सबसे बड़े बैंकों में शामिल एसबीआई, आईसीआईसीआई और पीएनबी ने कर्ज महंगा कर दिया है। एसबीआई ने एक साल की अवधि के लिए मार्जिनल कॉस्ट बेस्ड लेंडिंग रेट (एमसीएलआर) 0.20% और तीन साल के लिए 0.25% बढ़ाया है। इससे 20 लाख रुपए के होम लोन की ईएमआई 253 रुपए बढ़ जाएगी। पीएनबी ने एमसीएलआर में 0.15% की बढ़ोतरी की है। नई दरें 1 मार्च से लागू हो गई हैं। यानी जो लोग इस तारीख से कर्ज लेंगे उन्हें ज्यादा ब्याज देना पड़ेगा। बेस रेट की पुरानी व्यवस्था के तहत कर्ज लेने वालों पर इसका कोई असर नहीं होगा।

बैंकों को क्यों बढ़ानी पड़ी ब्याज दरें ?

- दरअसल बैंको की ब्याज दरें सीधी कॉस्ट ऑफ फंड से जुड़ी हैं। बैंक के लिए फंड के दो सोर्स हैं। एक डिपॉजिट और दूसरा मनी मार्केट। नोटबंदी के बाद बैंकों के पास बड़ी मात्रा में फंड डिपॉजिट हुआ था, लेकिन अब वैसे हालात नहीं रहे। डिपॉजिट बढ़ाने के लिए पिछले दिनों कुछ बैंकों ने ब्याज दरें भी बढ़ाई थीं। इससे बोझ बढ़ा।

- वहीं, मनी मार्केट से सरकार, इंडस्ट्री और बैंक पैसा उठाते हैं। हाल फिलहाल इंडस्ट्री का रुझान सीधे मनी मार्केट के बजाय बैंकों से पैसे लेने में है। डिमांड बढ़ने पर बैंक मनी मार्केट से पैसा उठाते हैं। डिमांड बढ़ने पर मनी मार्केट में ब्याज बढ़ा। ऐसे में वहां भी फंड की लागत बढ़ गई। इस बढ़ी हुई लागत को मैच करने के लिए बैंकों को ब्याज दरें बढ़ानी पड़ी हैं।

तय समय पूरा होने के बाद होता है रेट रिवाइज

- एमसीएलआर की व्यवस्था अप्रैल 2016 में शुरू हुई थी। इसमें तय समय पूरा होने के बाद रेट रिवाइज किया जाता है। ज्यादातर कर्ज एक साल के एमसीएलआर पर लिए जाते हैं। इसलिए 1 मार्च से जिनके कर्ज का साल पूरा होगा, उन्हें भी ज्यादा ब्याज चुकाना पड़ेगा।

- बुधवार को एसबीआई ने रिटेल और बड़ी जमा पर ब्याज 0.75% तक बढ़ाया था। दो साल से 10 साल तक के लिए एक करोड़ रुपए से कम की एफडी पर ब्याज 6% से बढ़ाकर 6.5% किया गया है। एक करोड़ से ज्यादा के बल्क डिपॉजिट पर दो से तीन साल की अवधि की एफडी के लिए ब्याज दर 6% से बढ़ाकर 6.75% की गई है।

- इससे पहले जनवरी से अब तक एक्सिस, कोटक महिंद्रा, यस और एचडीएफसी बैंक जमा पर ब्याज 5-10% तक बढ़ा चुके हैं।

सबसे ज्यादा बढ़ोतरी 3 साल के एमसीएलआर पर

अवधि मौजूदा एमसीएलआर नया एमसीएलआर
3 माह 7.85% 7.85%
6 माह 7.90% 8.00%
1 साल 7.95% 8.15%
2 साल 8.05% 8.25%
3 साल 8.10% 8.35%

50 लाख के होम लोन की ईएमआई 631 रुपए बढ़ेगी

लोन राशि पुरानी ईएमआई नई ईएमआई बढ़त
20 लाख 17,167 17,420 253
30 लाख 25,750 26,130 380
50 लाख 42,918 43,549

631

(सभी आंकड़े रुपए में, पुरानी ईएमआई 8.35% और नई 8.55% ब्याज पर 20 साल के लिए)

आईसीआईसीआई बैंक

एक साल के कर्ज पर ब्याज 0.10% बढ़ाया है। इसके 50 लाख रुपए के होमलोन की ईएमआई 43,867 से बढ़कर 44,185 रु. हो जाएगी। यानी 318 रु. ज्यादा देने पड़ेंगे। (पुराना ब्याज 8.65%, नया 8.75%)

पंजाब नेशनल बैंक

कर्ज 0.15% महंगा किया है। इसके 50 लाख रुपए के होमलोन की ईएमआई 43,550 से बढ़कर 44,026 रु. हो जाएगी। यानी 476 रु. ज्यादा देने पड़ेंगे। (पुराना ब्याज 8.55%, नया 8.70%)

बेस रेट की पुरानी व्यवस्था के तहत कर्ज लेने वालों पर इसका कोई असर नहीं होगा। - फाइल बेस रेट की पुरानी व्यवस्था के तहत कर्ज लेने वालों पर इसका कोई असर नहीं होगा। - फाइल
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एसबीआई ने एक साल की अवधि के लिए मार्जिनल कॉस्ट बेस्ड लेंडिंग रेट 0.20% और तीन साल के लिए 0.25% बढ़ाया है। - फाइलएसबीआई ने एक साल की अवधि के लिए मार्जिनल कॉस्ट बेस्ड लेंडिंग रेट 0.20% और तीन साल के लिए 0.25% बढ़ाया है। - फाइल
बेस रेट की पुरानी व्यवस्था के तहत कर्ज लेने वालों पर इसका कोई असर नहीं होगा। - फाइलबेस रेट की पुरानी व्यवस्था के तहत कर्ज लेने वालों पर इसका कोई असर नहीं होगा। - फाइल
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