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SC जज विवाद: बार काउंसिल डेलिगेशन ने की जस्टिस चेलमेश्मर से चर्चा, CJI-3 अन्य जजों से भी मिलेंगे

12 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट के 4 जजों ने चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के काम करने के तरीके पर सवाल उठाए थे।

Dainik Bhaskar

Jan 14, 2018, 01:26 PM IST
सुप्रीम कोर्ट के 4 जजों ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सुप्रीम कोर्ट के कामकाज पर सवाल उठाए थे। - फाइल सुप्रीम कोर्ट के 4 जजों ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सुप्रीम कोर्ट के कामकाज पर सवाल उठाए थे। - फाइल

नई दिल्ली. बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के चेयरमैन मनन मिश्रा ने भी CJI से मुलाकात की। मनन मिश्रा ने कहा, "हमने CJI से मुलाकात की। उन्होंने हमसे कहा है कि इस मसले को सुलझा लिया जाएगा। हम लोगों ने जिससे भी मुलाकात की, सबने भरोसा दिलाया है कि विवाद को सुलझा लिया जाएगा।" उनके अलावा सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) के प्रेसिडेंट विकास सिंह रविवार को चीफ जस्टिस दीपक मिश्र के घर उनसे मिलने पहुंचे। बता दें कि 12 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट के चार जजों जस्टिस चेलमेश्वर, जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस एमबी लोकुर और जस्टिस जोसेफ कुरियन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इसमें चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के तौर-तरीकों पर सवाल उठाए थे।

CJI से 50 मिनट तक हुई BCI पैनल की चर्चा

- CJI दीपक मिश्रा ने BCI के 7 सदस्यीय डेलिगेशन से 50 मिनट तक मुलाकात की।

- इस मुलाकात के बाद मनन मिश्रा ने कहा, "हमारी CJI से अच्छे माहौल में मुलाकात हुई है। उन्होंने कहा कि सब कुछ बहुत जल्दी सुलझा लिया जाएगा।"

- मनन मिश्रा ने कहा, "CJI से मुलाकात से पहले हमने जस्टिस चेलमेश्वर, जस्टिस एमबी लोकुर और जस्टिस कुरियन जोसेफ से भी मुलाकात की। उन्होंने भी हमें भरोसा दिलाया कि सब कुछ बहुत जल्द ठीक हो जाएगा।"

कल प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगी BCI

- मनन मिश्रा ने ये नहीं बताया कि BCI पैनल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले चौथे SC जज रंजन गोगोई से बातचीत की या नहीं।

- उन्होंने कहा, "रविवार को सुप्रीम कोर्ट के जजों के साथ दिनभर चली बातचीत का ब्योरा सोमवार को मीडिया के सामने रखा जाएगा।"

जस्टिस चेलमेश्वर से मिले सीनियर जज

- सोर्सेस के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एसए बोबडे और जस्टिस एल नागेश्वर राव ने जस्टिस चेलमेश्वर के आवास पर उनसे मुलाकात की।

- इसके अलावा BCI पैनल ने जस्टिस अरुण मिश्रा से भी मुलाकात की, जो जस्टिस बीएच लोया की मौत की जांच के मामले की सुनवाई के चलते चर्चा में आए थे।

4 जजों की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर SCBA ने क्या कहा था?

- सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन की भी शनिवार को मीटिंग हुई। एसोसिएशन के प्रेसिडेंट विकास सिंह ने कहा था, "हम इस मामले का जल्द से जल्द निपटारा चाहते हैं। हमारा प्रपोजल है कि अब जनहित याचिकओं के मामले सुनवाई चीफ जस्टिस को दी जाए या 5 जजों की कॉलेजियम को सौंपी जाए। हमने सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन की एक इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है। चारों जजों का खुलेआम मीडिया के सामने आना काफी गंभीर बात है।"

दिल्ली बार एसोसिएशन ने क्या कहा?

- दिल्ली बार एसोसिएशन की को-ऑर्डिनेशन कमेटी ने कहा, "हमारा प्रस्ताव है कि चीफ जस्टिस को कोर्ट को ऑर्डर में रखना चाहिए और चारों सीनियर जजों की शिकायत को भी तत्काल सुनना चाहिए। भारतीयों को इस पवित्र संस्थान पर बहुत भरोसा है और इस भरोसे को खत्म नहीं करना चाहिए। न्यायिक अनुशासन को किसी भी कीमत पर बनाए रखना चाहिए।"

- "हम सीजेआई और बाकी सभी जजों से सुप्रीम कोर्ट को फिर से ऑर्डर में लाने की अपील करते हैं। हमारा मानना है कि ये घटना लीगल मेकैनिज्म की कमी से हुई है। ये अपनी तरह की पहली घटना थी। यह दिन काले दिन की तरह था। CJI को इस मामले पर पहले ही गौर करना चाहिए था। उन्हें चीजों को संभालने के लिए एक मीटिंग बुलानी चाहिए थी।"

अटॉर्नी जनरल ने विवाद पर क्या कहा?

- अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने शनिवार को कहा कि जल्द ही मामला सुलझ जाएगा।
- इसके पहले भी शुक्रवार को उन्होंने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट के जज आपस के मतभेद सुलझा लेंगे। आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस को टाला जा सकता था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के जज बहुत अनुभवी और जानकारी वाले हैं। मुझे पूरा भरोसा है कि कल तक पूरा मामला सुलझ जाएगा।"

क्या है ये मामला?

- सुप्रीम कोर्ट के 4 जजों ने पहली बार अभूतपूर्व कदम उठाया। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के बाद दूसरे नंबर के सीनियर जज जस्टिस जे चेलमेश्वर, रंजन गोगोई, मदन बी लोकुर और कुरियन जोसेफ ने शुक्रवार को मीडिया में 20 मिनट बात रखी। दो जज बोले, दो चुप ही रहे।
- जस्टिस चेलमेश्वर ने चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के तौर-तरीकों पर सवाल उठाए। कहा- "लोकतंत्र दांव पर है। ठीक नहीं किया तो सब खत्म हो जाएगा।" चीफ जस्टिस को दो महीने पहले लिखा 7 पेज का पत्र भी जारी किया। इसमें कहा गया है कि चीफ जस्टिस पसंद की बेंचों में केस भेजते हैं। चीफ जस्टिस पर महाभियोग के सवाल पर बोले कि यह देश तय करे। उन्होंने जज लोया की मौत के केस की सुनवाई पर भी सवाल उठाए।

जजों ने चीफ जस्टिस पर क्या आरोप लगाए?

1.चीफ जस्टिस ने अहम मुकदमे पसंद की बेंचों को सौंप दिए। इसका कोई तर्क नहीं था। यह सब खत्म होना चाहिए। कोर्ट में केस अलॉटमेंट की मनमानी प्रॉसेस है।

2. जस्टिस कर्णन पर दिए फैसले में हममें से दो जजों ने अप्वाइंटमेंट प्रॉसेस दोबारा देखने की जरूरत बताई थी। महाभियोग के अलावा अन्य रास्ते भी खोलने की मांग की थी।

3. कोर्ट ने कहा था कि एमओपी में देरी न हो। केस संविधान पीठ में है, तो दूसरी बेंच कैसे सुन सकती है? कॉलेजियम ने एमओपी मार्च 2017 में भेजा पर सरकार का जवाब नहीं आया। मान लें कि वही एमओपी सरकार को मंजूर है।

BCI ने रविवार को चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया दीपक मिश्रा से मुलाकात की। - फाइल BCI ने रविवार को चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया दीपक मिश्रा से मुलाकात की। - फाइल
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सुप्रीम कोर्ट के 4 जजों ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सुप्रीम कोर्ट के कामकाज पर सवाल उठाए थे। - फाइलसुप्रीम कोर्ट के 4 जजों ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सुप्रीम कोर्ट के कामकाज पर सवाल उठाए थे। - फाइल
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