Hindi News »National »Latest News »National» SC Dismisses Plea To Make Assault Cases Gender Neutral

कानून महिलाओं को ही विक्टिम मानता है, इसे नहीं बदल सकते: रेप को जेंडर न्यूट्रल बनाने पर SC

कानून के मुताबिक पुरुष किसी महिला पर रेप का केस दर्ज नहीं करा सकते। इसपर वकील रिषी मल्होत्रा ने पिटीशन दायर की थी।

DainikBhaskar.com | Last Modified - Feb 02, 2018, 10:00 PM IST

  • कानून महिलाओं को ही विक्टिम मानता है, इसे नहीं बदल सकते: रेप को जेंडर न्यूट्रल बनाने पर SC, national news in hindi, national news
    +1और स्लाइड देखें
    सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि रेप/सेक्शुअल असॉल्ट कानून में बदलाव करने का अधिकार संसद के पास है।

    नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को रेप कानून पर विचार के लिए दायर पिटीशन को खारिज कर दिया। दरअसल, रेप को जेंडर-न्यूट्रल (पुरुषों और महिलाओं के लिए समान) अपराध बनाने के लिए SC में एक पिटीशन दायर की गई थी। इसमें कहा गया था कि रेप, सेक्शुअल असॉल्ट और स्टॉकिंग (जबरदस्ती पीछा या परेशान करना) जैसी घटनाएं पुरुषों के साथ भी होती हैं। इसलिए इस कानून को जेंडर न्यूट्रल यानी सभी जेंडर्स (पुरुष/महिला/ट्रांसजेंडर्स) पर समान रूप से लागू करना चाहिए। इसपर SC ने कहा कि संसद सिर्फ महिलाओं को रेप विक्टिम मानती है, इसलिए कानून भी सिर्फ वहीं बदला जा सकता है।

    कानून पर कोर्ट ने क्या कहा?

    - चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुआई वाली बेंच ने पिटीशन पर सुनवाई करते हुए कहा, “IPC में ये प्रोविजन्स रेप विक्टिम्स की सेफ्टी के लिए बनाए गए हैं, लेकिन संसद सिर्फ महिलाओं को ही रेप विक्टिम मानती है। हम उनसे (संसद) कानून में बदलाव के लिए नहीं कह सकते।
    - बेंच के दूसरे जज जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा, “संसद ने महिलाओं को नुकसान से बचाने की जरूरत को देखते हुए ये कानून बनाया। सेक्शुअल हरैसमेंट के केस में भी संसद महिला को ही विक्टिम मानती है।

    वकील ने क्या पक्ष रखा?

    - एडवोकेट रिषी मल्होत्रा ने कोर्ट से रेप कानून के उन सेक्शन्स की वैधता जांचने के लिए कहा था, जिनमें सिर्फ महिलाओं को ही रेप विक्टिम माना गया है।
    - मल्होत्रा ने कोर्ट में दलील दी की एक पुरुष के साथ भी छेड़छाड़ और स्टॉकिंग (परेशान करने) जैसी घटनाएं हो सकती हैं। इसपर कोर्ट ने कहा कि ये सिर्फ एक कल्पना है। साथ ही अगर ऐसा कुछ हो रहा है तो ऐसे केसों से निपटने की जिम्मेदारी संसद पर है।
    - मल्होत्रा ने कहा कि कानून के कई सेक्शन्स में ये माना गया है कि रेप, सेक्सुअल हेरैसमेंट और स्टॉकिंग जैसी घटनाओं में सिर्फ पुरुष ही दोषी हैं साथ ही महिला हमेशा विक्टिम होगी।
    - उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुनवाई के लिए देश में कई संस्थान हैं, लेकिन पुरुष ऐसे केस में कहां शिकायत करें।

  • कानून महिलाओं को ही विक्टिम मानता है, इसे नहीं बदल सकते: रेप को जेंडर न्यूट्रल बनाने पर SC, national news in hindi, national news
    +1और स्लाइड देखें
    भारत में पुरुष महिलाओं पर रेप या स्टॉकिंग का केस नहीं कर सकते।
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
India Result 2018: Check BSEB 10th Result, BSEB 12th Result, RBSE 10th Result, RBSE 12th Result, UK Board 10th Result, UK Board 12th Result, JAC 10th Result, JAC 12th Result, CBSE 10th Result, CBSE 12th Result, Maharashtra Board SSC Result and Maharashtra Board HSC Result Online

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए India News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: SC Dismisses Plea To Make Assault Cases Gender Neutral
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From National

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×