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26 मई 2016 से पहले देश क्या ब्लैक होल था, क्या तरक्की सिर्फ 4 साल में हुई? सोनिया का सरकार पर सवाल

सोनिया ने कहा, सरकार जो दावे कर रही है, क्या वो देश के लोगों की समझ को गलत ठहराने जैसा नहीं है।

Danik Bhaskar | Mar 09, 2018, 12:28 PM IST
हम पारदर्शिता लाने के लिए आरटीआई लेकर आए थे लेकिन आज इस कानून को कोल्ड स्टोरेज में डाल दिया गया है। (फाइल) हम पारदर्शिता लाने के लिए आरटीआई लेकर आए थे लेकिन आज इस कानून को कोल्ड स्टोरेज में डाल दिया गया है। (फाइल)

नई दिल्ली. कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शुक्रवार को नरेंद्र मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला। एक टीवी चैनल के कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि क्या देश 2014 से पहले ब्लैकहोल था? देश में तरक्की सिर्फ 4 सालों में ही हुई है? उन्होंने माना कि लोगों से जुड़ने के लिए कांग्रेस को नई स्टाइल अपनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मोदी के अच्छे दिन का हाल भी वाजपेयी सरकार के इंडिया शाइनिंग जैसा ही होगा। मोदीजी ने बड़े-बड़े वादे किए हैं लेकिन उन्हें पूरा नहीं कर पा रहे हैं।

सोनिया ने कहा- ज्यूडिशियरी खतरे में है

- सोनिया ने कहा, “सरकार जो दावे कर रही है, क्या वो देश के लोगों की समझ को गलत ठहराने जैसा नहीं है। हमारे देश की ज्यूडिशियरी खतरे में है। हम पारदर्शिता लाने के लिए आरटीआई लेकर आए थे लेकिन आज इस कानून को कोल्ड स्टोरेज में डाल दिया गया है। आधार को चीजों को नियंत्रित करने के हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है।”

कांग्रेस की मुस्लिम पार्टी की इमेज बना रही है बीजेपी

- सोनिया गांधी ने कहा- " बीजेपी ने कांग्रेस की इमेज एक मुस्लिम पार्टी के तौर पर गढ़ी। इससे कांग्रेस को चुनाव में नुकसान हुआ है। कांग्रेस नेता और मैं खुद मंदिर जाती हूं।"

बेहतर पीएम साबित हुए पीएम
- सोनिया ने कहा, “मुझे पता था कि मनमोहन सिंह मुझसे कहीं बेहतर प्रधानमंत्री साबित होंगे। मुझे अपनी सीमाओं के बारे में पता था। मुझे सार्वजनिक रूप से भाषण देते नहीं आता था। यही वजह है कि मुझे लीडर से ज्यादा रीडर कहा गया।”
- “अध्यक्ष के तौर पर राहुल गांधी युवा और सीनियर नेताओं के बीच बैलेंस बनाना चाहते हैं ताकि पार्टी को दोबारा से तैयार किया जा सके। ये आसान नहीं है।”

मोदी की मार्केटिंग से कांग्रेस हारी
- सोनिया गांधी ने कहा कि हमारी 10 साल से सरकार थी इसलिए कुछ एंटी-इनकंबेंसी भी थी। साथ ही नरेंद्र मोदी ने मार्केटिंग भी की। जिससे कांग्रेस हार गई।
- "लोगों से जुड़ने के लिए अब कांग्रेस को नई स्टाइल की जरूरत है। हमें अपनी योजनाएं नए तरीके से पेश करनी होंगी।"
-"मैं निजी रूप से नरेंद्र मोदी को नहीं जानती। उन्हें संसद या अलग-अलग कार्यक्रमों में ही देखती हूं।"
-"बीजेपी का साथ तो अब सहयोगी भी छोड़ रहे हैं। टीडीपी, शिवसेना संसद में ही उनके खिलाफ आवाज उठाते हैं। जैसा हाल अटल बिहारी वाजपेयी के शाइनिंग इंडिया का हुआ था, वैसा ही इनके अच्छे दिन का होगा।"

नोटबंदी ने अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाया
- “देश की अर्थव्यवस्था को नोटबंदी ने पीछे ढकेल दिया। किसानों को परेशानी में डाल दिया।”
- “सत्ताधारी दल की तरफ से लगातार भड़काऊ बयान दिए जाते हैं, जो देश को बांटने का काम करते हैं।”
-"मौजूदा समय में लोगों को खुद के बारे में भी सोचने नहीं दिया जा रहा है। देश में धार्मिक तनाव बढ़ रहा है। दलितों और महिलाओं पर सुनियोजित तरीके से हमला किया जा रहा है।"
- “बीजेपी लोगों के सामने कांग्रेस को मुस्लिम पार्टी के रूप में रखती है। हम हमेशा से मंदिर जाते रहे हैं। मैं खुद राजीव गांधी के साथ कई मंदिरों में गई। हमने कभी इसका दिखावा नहीं किया।”

देश में एक सेक्युलर फ्रंट की जरूरत
- सोनिया ने कहा, "देश को एक सेक्युलर फ्रंट की जरूरत है। इससे देश की राजनीति को सही दिशा मिलती रहेगी।”
- "राहुल गांधी पर मैं अपना मत नहीं थोप सकती इसलिए वो खुद ही आगे बढ़े। उनकी अपनी एक स्टाइल है, जिससे वो कांग्रेस में नई जान फूंकने का काम करेंगे।”

पिछले साल दिसंबर में राहुल गांधी कांग्रेस के प्रेसिडेंट चुने गए थे। सोनिया 19 साल कांग्रेस अध्यक्ष रही थीं। पिछले साल दिसंबर में राहुल गांधी कांग्रेस के प्रेसिडेंट चुने गए थे। सोनिया 19 साल कांग्रेस अध्यक्ष रही थीं।