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पुलिस गोली चला सकती थी, लेकिन आम लोग मारे जाते: श्रीनगर के हॉस्पिटल में फायरिंग पर बोले ADGP

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आतंकियों को भगाने मदद करने वाले 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

Dainik Bhaskar

Feb 08, 2018, 05:47 PM IST
श्रीनगर के हॉस्पिटल में फायरि श्रीनगर के हॉस्पिटल में फायरि

श्रीनगर. यहां के श्री महाराजा हरिसिंह (SMHS) हॉस्पिटल में फायरिंग कर आतंकियों को भगाने में मदद करने के आरोप में 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इस संबंध में की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मीडिया के सवालों पर कहा कि फायरिंग पुलिस भी कर सकती थी, लेकिन आम लोग मारे जाते। बता दें कि मंगलवार को इस हॉस्पिटल में आतंकियों ने फायरिंग करके चेकअप के लिए आए अपने एक साथी नवीद जट्ट को छुड़ा लिया था। फायरिंग में 2 पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। नवीद पाकिस्तानी था और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा था।

गिरफ्तार लोगों में 2 आतंकी, 2 ओवर ग्राउंड वर्कर
- एडीजी मुनीर खान ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों में दो आतंकी- शकील भट और टिका खान और दो ओवर ग्राउंड वर्कर्स- राहिल कचरू और मोहम्मद सैफी शामिल हैं।

- उन्होंने बताया कि इन सभी आतंकियों को खुफिया सूचना के आधार पर पुलवामा के अलग-अलग इलाको में छापे मारकर गिरफ्तार किया गया है।

- पहले खबर थी कि पुलिस ने पांच आतंकियों को अरेस्ट किया गया है। हालांकि, पुलिस ने बताया कि फरार होने में नवीद की मदद करने वाले पांचवे शख्स की पहचान हिलाल के रूप में की गई है। माना जा रहा है कि वह नवीद के साथ पुलवामा में ही कहीं छिपा है। दोनों की तलाश की जा रही है।

गिरफ्तार आतंकियों में किसका क्या रोल था?

शकील भट: नवीद को हॉस्पिटल से भगाने में इसकी बाइक का इस्तेमाल किया गया। ये पूरी घटना का मास्टरमाइंट है।

टीका खान: नवीद को शहर से बाहर ले जाने के लिए अपनी कार मुहैया कराई थी। ये पुलवामा का रहने वाला है।

राहिल कचरू: पुलिस पर फायरिंग के बाद जट्ट को मौके से भगाने में मदद की।

मोहम्मद सैफी: श्रीनगर के बाहरी इलाके नरबाल का रहने वाला है। वह नवीद को फरार होने में मदद करने के लिए मरीज के तौर पर हॉस्पिटल में पहले से मौजूद था।

नवीद की वायरल तस्वीर कमेंट से इनकार

- एडीजी ने आतंकी नवीद की वायरल हो रहीं तस्वीरों को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा कि वे इस पर कोई कमेंट नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि इसकी प्रोफेशनल जांच की जरूरत है।

'हम आतंकियों को पकड़ नहीं सकते थे यह कहना गलत है'

- एडीजीपी मुनीर खान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "ऐसा नहीं है आप उन्हें पकड़ नहीं सकते। उन्होंने हमें पीछे छोड़ दिया। नहीं। हम हॉस्पिटल में फायरिंग कर सकते थे, लेकिन आम नागरिक मारे जाते।

- "हमें अफसरों की कोशिशों की सराहना करनी चाहिए कि उन्होंने बहुत कम वक्त में इस केस को हल कर लिया।"

पार्किंग में छिपे थे आतंकियों के साथी
- पुलिस के मुताबिक, मंगलवार को 6 कैदी रुटीन चेकअप के लिए हॉस्पिटल लाए गए थे। इनमें पाकिस्तानी आतंकी नवीद जट्ट भी था। इन कैदियों के अस्पताल में दाखिल होते ही पार्किंग में छिपे बैठे इनके साथियों ने हमला कर दिया था। वे नवीद को छुड़ाकर ले जाने में कामयाब हो गए। इस फायरिंग का फायदा उठाकर बाकी 5 कैदी भी फरार हो गए थे।

4 साल पहले अरेस्ट हुआ था नवीद
- भागने वाला आतंकी नवीद पाकिस्तान के मुल्तान जिले के बोरेवाला इलाके के रहने वाला है। वो कई आतंकी हमलों में शामिल था। उसे 26 अगस्त 2014 को गिरफ्तार किया गया था।
- पुलिस उसे घाटी के बाहर किसी जेल में शिफ्ट करना चाहती थी। इसके लिए 26 दिसंबर 2017 को सेशन कोर्ट से इजाजत भी मांगी गई थी। लेकिन, कोर्ट ने तब इसकी मंजूरी देने से इनकार कर दिया था।

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