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शोपियां फायरिंग केस: सुप्रीम कोर्ट ने आर्मी मेजर आदित्य के खिलाफ दर्ज FIR पर रोक लगाई

जम्मू कश्मीर के शोपियां में पत्थरबाजों और सेना के बीच हुई झड़प मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को आर्मी मेजर आदित्य के

Dainik Bhaskar

Feb 12, 2018, 01:23 PM IST
आर्मी ने कहा था कि मेजर घटनास्थल से 200 मीटर दूर थे। इसके बाद आर्मी ने भी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। (फाइल) आर्मी ने कहा था कि मेजर घटनास्थल से 200 मीटर दूर थे। इसके बाद आर्मी ने भी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। (फाइल)

नई दिल्ली. जम्मू कश्मीर के शोपियां फायरिंग मामले में मेजर आदित्य समेत दूसरे आर्मी अफसरों के खिलाफ दर्ज FIR पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को स्टे लगा दिया। कोर्ट ने केंद्र और जम्मू-कश्मीर सरकार से दो हफ्ते के भीतर जवाब मांगा है। कोर्ट ने यह भी कहा कि मेजर आदित्य के खिलाफ कोई भी कार्रवाई नहीं की जाए। बता दें कि 27 जनवरी को शोपियां फायरिंग में तीन लोगों की जान चली गई थी।

मेजर आदित्य पर दर्ज FIR मामले में केंद्रीय रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा - "SC ने 15 दिनों के लिए रोक लगा दी है। देश की रक्षा करते समय अगर कोई घटना होती है तो ऐसे में हम अपनी सेना और जवानों के साथ हैं।"

Q. शोपियां फायरिंग मामला क्या है?

- 27 जनवरी को आर्मी का एक काफिला शोपियां के गनोवपोरा गांव से गुजर रहा था। इसी दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने काफिले पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। जवाब में सिक्युरिटी फोर्सेज ने उन्हें भगाने के लिए कुछ राउंड फायरिंग की, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई थी।

Q. फिर क्या हुआ?

- शोपियां में फायरिंग की घटना को लेकर महबूबा सरकार के ऑर्डर पर जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आर्मी अफसरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। इसमें मेजर आदित्य का नाम भी शामिल है।

Q. ​एफआईआर पर रोक लगाने का क्या मतलब है?
- सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद जम्मू-कश्मीर सरकार मेजर आदित्य समेत दूसरे अफसरों के खिलाफ कोई भी कानूनी (दंडात्मक) कार्रवाई नहीं कर सकती है।

Q. सुप्रीम कोर्ट पहुंचे आदित्य के पिता

- आर्मी मेजर आदित्य के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद इसे रद्द कराने के लिए आदित्य के पिता लेफ्टिनेंट कर्नल कर्मवीर सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। उनका कहना है कि बेटे ने साथियों को बचाने के लिए फायरिंग की। इसमें कुछ भी गलत नहीं है।

Q. पिटीशन में मेजर आदित्य के पिता ने क्या कहा था?

- सुप्रीम कोर्ट में दायर पिटीशन में कर्नल कर्मवीर सिंह ने कहा- " बेटा आर्मी के अपने साथियों को तनाव वाले इलाके से निकालने के लिए गया था। इस दौरान सिर्फ आर्मी जवानों को रास्ता दिलाने के लिए फायर किए गए। पत्थरबाजों से कई बार आर्मी को नुकसान नहीं पहुंचाने की गुजारिश की, लेकिन वो नहीं माने। इसके बाद वहीं से हटने और रास्ते देने के लिए वॉर्निंग दी गई। एफआईआर में बदले की भावना से नाम जोड़ा गया है।"

- पिटीशन में कोर्ट को बताया गया- "गैर-कानूनी तौर पर जमा हुई भीड़ काफी उग्र हो गई। उन्होंने एक जेसीओ को पीट-पीटकर मारने की कोशिश की, तब भीड़ को चेतावनी देकर तितर-बितर करने के लिए फायर किए थे।"

- "पिछले साल भीड़ ने राज्य पुलिस के डीएसपी मोहम्मद अयूब पंडित को पीट-पीटकर मार दिया था। ऐसे हालात में आर्मी के जवान पत्थरबाजों को कंट्रोल करते हैं। कश्मीर में मौजूदा हालात ड्यूटी के हिसाब से काफी कठिन हैं। इसीलिए कोर्ट से गुजारिश है कि जम्मू-कश्मीर पुलिस के द्वारा दर्ज की गई एफआईआर को रद्द करने का आदेश दिया जाए।"

- "कोर्ट सैनिकों के अधिकारों की रक्षा और मुआवजे के लिए गाइडलाइन्स जारी करे। ताकि आगे आर्मी के किसी सैनिक के ड्यूटी के दौरान लिए एक्शन को आधार बनाकर आपराधिक कार्रवाई न की जा सके।"

Q. आर्मी ने कहा था- मेजर घटनास्थल से 200 मीटर दूर थे
- आर्मी की ओर से कहा गया था कि गढ़वाल यूनिट के जिस मेजर के खिलाफ पुलिस ने हत्या और हत्या की कोशिश के आरोप में केस दर्ज किया है, वे घटनास्थल से करीब 200 मीटर की दूरी पर थे। इसके बाद शोपियां फायरिंग मामले में आर्मी ने पत्थरबाजों के खिलाफ काउंटर FIR दर्ज की।

Q. आर्मी पर्सनल्स पर केस चलाने के लिए क्या करना होगा?

- शोपियां में फायरिंग की घटना को लेकर महबूबा सरकार के ऑर्डर पर जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आर्मी पर्सनेल्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। हालांकि सेना के सूत्रों का कहना है कि इस मामले में केस चलाने के लिए पुलिस को केन्द्र से मंजूरी लेनी होगी।

Q. अब तक कितने केसों में केंद्र की इजाजत मांगी गई?

- 2001 के बाद से जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 50 मामलों में आर्मी के खिलाफ केस चलाने की इजाजत मांगी है, जिनमें से 47 मामलों में इसे ठुकरा दिया गया। जबकि तीन मामलों में अभी कोई फैसला नहीं लिया गया।

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और जम्मू-कश्मीर सरकार से जवाब मांगा है। (फाइल) सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और जम्मू-कश्मीर सरकार से जवाब मांगा है। (फाइल)
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आर्मी ने कहा था कि मेजर घटनास्थल से 200 मीटर दूर थे। इसके बाद आर्मी ने भी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। (फाइल)आर्मी ने कहा था कि मेजर घटनास्थल से 200 मीटर दूर थे। इसके बाद आर्मी ने भी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। (फाइल)
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और जम्मू-कश्मीर सरकार से जवाब मांगा है। (फाइल)सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और जम्मू-कश्मीर सरकार से जवाब मांगा है। (फाइल)
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