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आंध प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा: नाराज TDP ने NDA से गठबंधन तोड़ा, केंद्र में 2 मंत्री कल देंगे इस्तीफा

आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिए जाने से नाराज तेलुगू देशम पार्टी ने एनडीए गठबंधन से नाता तोड़ दिया है।

Danik Bhaskar | Mar 07, 2018, 10:52 PM IST

अमरावती. आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू ने गुरुवार को विधानसभा में कहा कि केंद्र से तेलुगु देसम पार्टी (टीडीपी) के 2 और राज्य सरकार से बीजेपी के दोनों मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया है। बीजेपी के मंत्रियों ने राज्य में बेहतर काम किया। इसके लिए हम उनका शुक्रिया अदा करते हैं। ये भी कहा कि भविष्य में गठबंधन के रास्ते खुले हैं। टीडीपी ने सरकार से अलग होने का फैसला तब किया है जब अगले साल लोकसभा चुनाव होने हैं। आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिए जाने से नाराज टीडीपी ने बुधवार रात एनडीए से अलग होने का फैसला किया था। बुधवार को ही अरुण जेटली ने कहा था कि सरकार आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा का नहीं दे सकती। स्पेशल पैकेज देने के लिए तैयार है।

हमारी बात सुनने के मूड में नहीं है सरकार

- नायडू ने बताया कि केंद्र में मंत्री अशोक गजपति राजू और वाईएस चौधरी ने इस्तीफा दे दिया। आंध्र प्रदेश सरकार में बीजेपी के 2 मंत्रियों के श्रीनिवास राव और टी मणिक्याला राव ने भी इस्तीफे सौंप दिए।

- चंद्रबाबू नायडू ने गुरुवार रात प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- ''हमने मोदी सरकार में शामिल टीडीपी के दो केंद्रीय मंत्रियों अशोक गजपति राजू और वाईएस चौधरी को इस्तीफा देने के लिए कहा है। यह हमारा बिल्कुल सही फैसला है। केंद्र सरकार ने आंध्र के लिए अपने वादे पूरे नहीं किए। हम बजट के शुरुआत से ही संसद में मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं, पर अब तक कोई जवाब नहीं मिला।''

- ''टीडीपी और आंध्र सरकार ने 4 साल तक धैर्य रखा। मैंने सभी तरीकों से केंद्र सरकार को समझाने की कोशिश की। इसके लिए सीनियर नेताओं से मुलाकात की। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मिलने का प्रयास किया, ताकि उन्हें अपने फैसले से अवगत करा सकूं। लेकिन केंद्र कुछ भी सुनने के मूड में नहीं है। मुझे पता नहीं कि आखिर हमसे क्या गलती हुई, क्यों वो (केंद्र) ऐसी बातें बोल रहे हैं?''

- बता दें कि लोकसभा में टीडीपी के 16 सांसद हैं।

जेटली ने कहा था- आंध प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा नहीं मिलेगा

- वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बुधवार को कहा- "सरकार आंध्र प्रदेश को स्पेशल पैकेज देने को तैयार है, लेकिन विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिया जा सकता है। केंद्र सरकार डीटीपी की मांग से सहमत नहीं है। हालांकि, पहले से घोषित स्पेशल पैकेज के बराबर रकम मुहैया कराने के लिए तैयार है।"

- "इसके लिए हम कमिटेड हैं। चौदहवें वित्त आयोग के तहत किसी को भी विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिया जा सकता। आयोग की रिपोर्ट के बाद यह बदलाव आया है कि हम इसे औपचारिक रूप से विशेष दर्जा कहने के स्थान पर विशेष पैकेज कह रहे हैं।"

जेटली ने फोन कर कहा- जल्दबाजी में कोई फैसला न लें

विशेष दर्जा देने से अरुण जेटली के खुलेआम इनकार के बाद बीजेपी को भी नायडू के पलटवार का अंदाजा हो गया था। अमरावती में प्रेस कॉन्फ्रेंस की सूचना मिलते ही जेटली ने नायडू को फोन कर कहा कि जल्दबाजी में कोई फैसला न करें। इसके बाद नायडू ने भावनात्मक तरीके से अपनी बात तो जनता तक पहुंचाई, लेकिन सिर्फ सरकार छोड़ने का एलान किया।

सांसद ने कहा था- हम सरकार से धीरे-धीरे अलग हो सकते हैं

- टीडीपी सांसदों ने अपनी मांगों को लेकर लगातार तीसरे दिन बुधवार को संसद के अंदर हंगामा किया। इसके पहले उन्होंने संसद भवन परिसर में नारेबाजी की।

- सांसद टीजी वेंकटेश ने कहा कि आंध्र प्रदेश के लोग मौजूदा स्थिति को स्वीकार नहीं करेंगे। दो विकल्प हैं- हम गठबंधन से धीरे-धीरे अलग हो सकते हैं या इस बारे में फौरन घोषणा की जा सकती है।
- कांग्रेस के साथ हाथ मिलाने के बारे में पूछे जाने पर श्री वेंकटेश ने कहा कि कांग्रेस भी दोषी है, लेकिन हम देखते हैं कि क्या संभावनाएं बनती हैं।

क्या है विशेष राज्य का दर्जा?

अभी 11 राज्य अरुणाचल, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा, जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, सिक्किम और असम को विशेष राज्य का दर्जा प्राप्त है। इसमें 90% तक केंद्रीय अनुदान मिलता है। बेहद दुर्गम इलाके वाला पर्वतीय क्षेत्र, अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटा, प्रति व्यक्ति आय और राजस्व काफी कम आदि विशेष दर्जे की शर्तें हैं।