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बजट में आंध्र के लिए एलान नहीं होने से TDP नाखुश, पार्टी सांसदों ने दी इस्तीफे की धमकी

Dainik Bhaskar

Feb 02, 2018, 12:50 PM IST

एनडीए गठबंधन में शामिल तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) मोदी सरकार के आम बजट से नाखुश है।

टीडीपी केंद्र की बीजेपी सरकार टीडीपी केंद्र की बीजेपी सरकार

अमरावती. आम बजट में आंध्र प्रदेश के लिए कोई बड़ा एलान नहीं किए जाने से तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) नाखुश है। प्रदेश की अनदेखी पर मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार को कैबिनेट मंत्रियों के साथ इमरजेंसी मीटिंग की। वहीं, उनके पार्टी सांसदों ने कहा कि टीडीपी आंध्र प्रदेश के हितों के साथ कोई समझौता नहीं करेगी। जरूरत पड़ी तो इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं। आगे गठबंधन पर फैसला टीडीपी चीफ (नायडू) लेंगे। रविवार को चंद्रबाबू नायडू की सांसदों के साथ मीटिंग होने वाली है। बता दें कि टीडीपी एनडीए का हिस्सा है। राज्य में भी बीजेपी और टीडीपी साथ हैं।

आंध्र को 4 साल से मदद का इंतजार

- राज्य के कैबिनेट मंत्री एस. चंद्रमोहन रेड्डी ने मीटिंग के बाद कहा कि बजट को लेकर अपना असंतोष केंद्र सरकार को बताएंगे। पार्टी नेताओं ने नायडू से कहा है कि वे इस पर आगे कोई फैसला लें। तेलंगाना से अलग होने के बाद पिछले 4 चार में राज्य को कई मुश्किल हालात का सामना करना पड़ा है। तभी से हमें केंद्र सरकार की मदद का इंतजार था, लेकिन निराशा ही हाथ लगी।

टीडीपी आंध्र के हितों से समझौता नहीं करेगी

- टीडीपी नेता और केंद्रीय मंत्री सुजाना चौधरी ने कहा कि आम बजट से आंध्र प्रदेश के लोगों को काफी निराशा हुई। केंद्र को इसमें पोलावरम प्रोजेक्ट, प्रदेश की नई राजधानी अमरावती के डेवलपमेंट, विशाखापट्टनम मेट्रो प्रोजेक्ट और विशाखापट्टनम रेलवे जोन के लिए फंड देना चाहिए था। लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं कहा गया। टीडीपी आंध्र प्रदेश के हितों के साथ कोई समझौता नहीं करेगी। आगे फैसला पार्टी चीफ चंद्रबाबू नायडू लेंगे।

रविवार को TDP सांसदों की नायडू से मीटिंग

- पार्टी सांसद टीजी वेंकटेश ने कहा, ''हम लड़ाई (वॉर) की शुरुआत करने जा रहे हैं। ऐसे में तीन ही ऑप्शन बचते हैं। पहला- अलायंस में बने रहें। दूसरा- हमारे सभी सांसद इस्तीफा दें और तीसरा- गठबंधन तोड़ दें। रविवार को इस पर टीडीपी चीफ के साथ मीटिंग करेंगे।''

- वहीं, टीडीपी सांसद राममोहन नायडू ने कहा कि आंध्र प्रदेश को दरकिनार करने के चलते वह अपना इस्तीफा तक देने को तैयार हैं।

पिछले महीने मोदी से मिले थे आंध्र के सीएम

- बता दें कि पिछले महीने सीएम नायडू ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। उन्होंने इस दौरान केंद्र से मांग की थी कि राज्यों के विभाजन के बाद आंध्र प्रदेश के विकास के लिए किए सभी वादों को पूरा किया जाए। ताकि आंध्र भी विकास में दूसरों राज्यों से पीछे न रहे।

नायडू ने कहा था- BJP को नमस्ते करने में गुरेज नहीं

- 27 जनवरी को सीएम चंद्राबाबू नायडू ने कहा कि अगर बीजेपी उनका साथ नहीं चाहती तो उन्हें भी उसे नमस्कार करने यानी अलायंस खत्म करने से कोई गुरेज नहीं होगा।
- उन्होंने कहा कि दोनों ही पार्टियों को गठबंधन धर्म का पालन करना चाहिए। क्योंकि गठबंधन धर्म निभाने की वजह से ही हम अब तक चुप रहे हैं। अगर वो हमें नहीं चाहते तो कोई बात नहीं। हम भी उन्हें नमस्कार करके अपना रास्ता खुद तलाश कर लेंगे।
- बता दें कि नायडू का यह बयान बीजेपी के स्टेट लीडर्स द्वारा उनकी सरकार की कई मुद्दों पर आलोचना करने के बाद आया था।

शिवसेना हो चुकी है NDA से अलग

- इससे पहले 23 जनवरी को एनडीए और बीजेपी की पुरानी सहयोगी शिवसेना ने 2019 का आम चुनाव अलग लड़ने का एलान किया था।
- पार्टी नेता और सांसद संजय राउत ने कहा था कि 2019 में होने वाले लोकसभा और विधानसभा चुनाव में शिवसेना NDA के साथ नहीं बल्कि अकेले चुनाव लड़ेगी।
- बता दें कि बीते कुछ महीनों से बीजेपी और शिवसेना के बीच तनाव की खबरें आ रही थीं। नोटबंदी पर भी शिवसेना ने मोदी सरकार का विरोध किया था।

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