--Advertisement--

नई डिवाइस के इस्तेमाल से कोहरे में पहले से ज्यादा रफ्तार से दौड़ेंगी ट्रेनें, 15Kmph बढ़ जाएगी स्पीड

अब कोहरे या खराब मौसम में भी ट्रेनों की रफ्तार पर असर नहीं पड़ेगा, बल्कि ये स्पीड और बढ़ जाएगी।

Dainik Bhaskar

Feb 08, 2018, 09:55 PM IST
ट्रेनों में फॉग डिवाइस के इस्तेमाल किया जाएगा। -फाइल ट्रेनों में फॉग डिवाइस के इस्तेमाल किया जाएगा। -फाइल

नई दिल्ली. अब कोहरे या खराब मौसम में भी ट्रेनों की रफ्तार पर असर नहीं पड़ेगा, बल्कि ये स्पीड और बढ़ जाएगी। रेलवे बोर्ड ने एक फैसला लिया है, जिसमें फॉग डिवाइस के इस्तेमाल की बात कही गई है। बोर्ड ने कहा, "ट्रेनों में फॉग डिवाइस के इस्तेमाल से कोहरे या खराब मौसम में स्पीड 60 से 75 िकलोमीटर/घंटा हो जाएगी। हालांकि ये स्पीड ट्रेन ड्राइवर के फैसले पर निर्भर होगी।' बोर्ड ने इस संबंध में सभी रेलवे जोन को लेटर भेजकर जानकारी दी है।

किस तरह काम करेगी फॉग डिवाइस?
- ऑफिशियल के मुताबिक, "GPS वाली इन फॉग सेफ्टी डिवाइस से सभी जोन में इस्तेमाल होने वाले सिग्नल के पास पहुंचते वक्त ड्राइवर को अलर्ट किया जाएगा। अभी इन डिवाइस के ना होने पर ट्रेनें सिग्नल की तलाश के लिए स्पीड कम कर देती हैं।'
- बोर्ड ने कहा कि रेलवे सेफ्टी कमिश्नर स्पीड बढ़ाने के लिए जो ज्वॉइंट स्पीड सर्टिफिकेट इश्यू करेंगे, उसे ऑनलाइन किया जाए और ये निर्देश भी दिए कि इसके लिए जरूरी सॉफ्टवेयर 2 महीने के भीतर डेवलप किया जाए।

अभी इसका इस्तेमाल कहां हो रहा है?
- नॉर्दर्न रेलवे नेटवर्क में ऐसी 800 डिवाइस का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो कोहरे और मौसम से सबसे ज्यादा प्रभावित है। बोर्ड ने इस डिवाइस का इस्तेमाल करने का फैसला इसलिए लिया है ताकि स्पीड को बढ़ाया जा सके और ट्रेनों में होने वाली देरी को दूर किया जा सके।

कोई और फैसला बोर्ड की मीटिंग में लिया गया?
- बोर्ड मीटिंग में फैसला लिया गया है कि मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के अनइकोनॉमिक स्टॉपेज (कम फायदे वाले स्टेशन) हटा दिए जाएं और स्टेशनों पर रुकने का वक्त भी कम कर दिया जाए। ब्रिज के नीचे रोड बनाकर लेवल क्रॉसिंग को खत्म कर दिया जाए ताकि ट्रेनों का ऑपरेशन अच्छी तरह हो सके।

सिग्नलिंग के लिए क्या कदम उठाएगा रेलवे?
- हाल ही में रेलवे मिनिस्टर पीयूष गोयल ने राज्यसभा में कहा था कि मंत्रालय पूरे सिग्नलिंग सिस्टम की ओवरहॉलिंग का प्लान बना रहा है। जल्द ही इसमें ‘ETS II’ जैसी मॉडर्न सिग्नल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा।
- उन्होंने कहा था, "हम 5 से 6 सालों में देशभर की 1,10,000 किलोमीटर से ज्यादा रेल लाइनों पर सिग्नल सिस्टम बदलने जा रहे हैं। जैसे ही सिग्नल सिस्टम बदलेगा, मैं रेलवे की क्षमता को दुगना करूंगा। एक बार ये हो गया तो रेलवे अपनी क्षमता के मुताबिक जिम्मेदारी भी उठा सकेगी।"

रेलवे मिनिस्टर पीयूष गोयल ने राज्यसभा में कहा था कि मंत्रालय पूरे सिग्नलिंग सिस्टम की ओवरहॉलिंग का प्लान बना रहा है।- फाइल रेलवे मिनिस्टर पीयूष गोयल ने राज्यसभा में कहा था कि मंत्रालय पूरे सिग्नलिंग सिस्टम की ओवरहॉलिंग का प्लान बना रहा है।- फाइल
X
ट्रेनों में फॉग डिवाइस के इस्तेमाल किया जाएगा। -फाइलट्रेनों में फॉग डिवाइस के इस्तेमाल किया जाएगा। -फाइल
रेलवे मिनिस्टर पीयूष गोयल ने राज्यसभा में कहा था कि मंत्रालय पूरे सिग्नलिंग सिस्टम की ओवरहॉलिंग का प्लान बना रहा है।- फाइलरेलवे मिनिस्टर पीयूष गोयल ने राज्यसभा में कहा था कि मंत्रालय पूरे सिग्नलिंग सिस्टम की ओवरहॉलिंग का प्लान बना रहा है।- फाइल
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..