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दिव्यांग बेटी से छुटकारा पाने के लिए पति ने फोन पर दिया तलाक: महिला ने लगाया आरोप

महिला का आरोप है कि उसने बेटी के इलाज के लिए पैसे मांगे तो पति ने उसे तलाक दे दिया।

Danik Bhaskar

Jan 06, 2018, 02:42 PM IST
सुल्तानपुर जिले के नंदौली में सुल्तानपुर जिले के नंदौली में

गोंडा/सुल्तानपुर (उत्तर प्रदेश). उत्तर प्रदेश में तीन तलाक के दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं। एक में पत्नी का आरोप है कि पति दिव्यांग बेटी की जिम्मेदारी से छुटकारा पाना चाहता था, जबकि दूसरे मामले में महिला का आरोप है कि उसके सास-ससुर उसे दहेज में गाड़ी नहीं लाने के लिए तंग करते थे। बात बढ़ी तो पति ने सऊदी अरब से मोबाइल पर मैसेज भेजकर तीन तलाक दे दिया।

पहला मामला

- न्यूज एजेंसी के मुताबिक, पुलिस सूत्र ने यहां शनिवार को बताया कि चदौवा गांव के रहने वाले मुबारक अली की 17 साल पहले बलहारी गांव की शकीला बानो से शादी हुई थी। मुबारक फिलहाल मुंबई में रह रहा है और उसकी बीवी अपने मायके में दिव्यांग बेटी करिश्मा के साथ रहती है।

- महिला का आरोप है कि उसने 14 नवंबर को अपनी 14 साल की बेटी के इलाज के लिए पति से पैसे मांगे तो उसने फोन पर ही तलाक दे दिया। उसका यह भी आरोप है कि वह अपनी दिव्यांग बेटी की जिम्मेदारियों से पीछा झुड़ाना चाहता है।

- शकीना की शिकायत पर पुलिस ने मुबारक के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

दूसरा मामला

- उधर, उत्तर प्रदेश में ही सुल्तानपुर जिले के नंदौली में एक महिला को सऊदी अरब में रहने वाले उसके पति ने मोबाइल पर मैसेज भेजकर तलाक दे दिया।

- न्यूज एजेंसी के मुताबिक, विक्टिम ने बताया, "दहेज में गाड़ी न लाने के लिए उसके सास-ससुर अक्सर तंग करते थे। पति भी बुरा बर्ताव करता था। मुझे उनका एक मैसेज मिला, जिसमें उन्होंने मुझे तलाक दे दिया था। मेरा एक बेटा है, किसी तरह हमारा गुजारा हो जाए। अब यही (मायका) मेरा घर है और मैं यहां से कहीं नहीं जाऊंगी।

पुलिस में नहीं की शिकायत

- विक्टिम के पिता ने कहा, 2 साल तक तो सब ठीक था। इसके बाद उन्होंने बेटी को तंग करना शुरू कर दिया। बाद में सास-ससुर ने उसे घर से निकाल दिया, फिर एक दिन सऊदी अरब में रहने वाले उसके पति ने एसएमएस से तलाक दे दिया। हमने पुलिस में शिकायत नहीं की है। हमारे लिए तो तलाक हो चुका है।

सरकार तीन तलाक पर कानून बनाने की तैयारी में
- बता दें कि सरकार तीन तलाक पर रोक लगाने के लिए कानून बनाने जा रही है।
- इस संबध में संसद के विंटर सेशन में तीन तलाक बिल लोकसभा में पास कर दिया गया। हालांकि, कांग्रेस समेत कई विपक्षी पार्टियों ने राज्यसभा में इसका विरोध किया, जिसकी वजह से यह पास नहीं हो पाया। अब यह मानसून सेशन में पेश किया जाएगा।

कांग्रेस का क्या कहना है बिल पर?
- गुरुवार को राज्यसभा में कांग्रेस ने कहा, "हम इस बिल के लिए सरकार की मदद करना चाहते हैं, लेकिन वह हमारी बात भी माने। इस बिल में मुस्लिम महिलाओं को खत्म करने के प्रावधान हैं।"

- बता दें कि पति को 3 साल की सजा समेत कुछ अन्य प्रोविजन का विरोध कर रही कांग्रेस समेत 18 पार्टियां इसे सेलेक्ट कमेटी को भेजने की मांग पर अड़ गईं। इनमें एनडीए की सहयोगी और आंध्र के सीएम चंद्रबाबू नायडू की पार्टी टीडीपी भी है। कांग्रेस ने जिन 17 नेताओं के नाम कमेटी सदस्य के तौर पर सुझाए, उसमें 6 सांसदों वाली टीडीपी का भी एक सांसद है। हालांकि सरकार ने उनकी मांग मानने से इनकार कर दिया है।

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