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त्रिपुरा में आज बनेगी बीजेपी की सरकार, बिप्लब लेंगे सीएम पद की शपथ; माणिक सरकार को भी न्योता

यहां बीजेपी का बहुमत मिला है और उसने 25 साल पुरानी लेफ्ट सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया है।

Danik Bhaskar | Mar 09, 2018, 07:41 AM IST
बिप्लब देब ने त्रिपुरा के नए मुख्यमंत्री बने। बिप्लब देब ने त्रिपुरा के नए मुख्यमंत्री बने।

अगरतला. त्रिपुरा में बिप्लब कुमार देब ने मुख्यमंत्री और जिष्णु देव वर्मा ने उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। समारोह में नरेंद्र मोदी, अमित शाह समेत कई बीजेपी नेता शामिल हुए। निवर्तमान मुख्यमंत्री माणिक सरकार को भी आमंत्रित किया गया। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में यहां बीजेपी काे बहुमत मिला और उसने 25 साल पुरानी लेफ्ट सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया था। बीजेपी को 35 और उसकी सहयोगी इंडीजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) को 8 सीटें मिली थीं। मोदी ने कहा कि ये उनकी भी सरकार है जिन्होंने हमें वोट नहीं दिया। ये सरकार लोगों के विकास के लिए काम करेगी।

इन मंत्रियों ने ली शपथ
- सीएम और डिप्टी सीएम के अलावा 7 और मंत्रियों ने शपथ ली। इनमें पांच बीजेपी से और दो आईपीएफटी से हैं।

- इंडीजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) के नरेंद्र चंद्र देबबर्मा और मेवाड़ कुमार जमातिया मंत्री बनाए गए हैं। वहीं, बीजेपी से रतन लाल नाथ, सुदीप रॉय बर्मन, प्रणजीत सिंघा रॉय, मनोज कांति देब और संताना चकमा का नाम है। संताना इकलौती महिला मंत्री हैं।

- भारतीय जनता पार्टी के एक नेता ने बताया कि जल्द ही मिनिस्ट्री में तीन और मिनिस्टर को शामिल किया जाएगा।

मोदी ने कहा- त्रिपुरा का चुनाव इतिहास में दर्ज

- मोदी ने कहा, “हिंदुस्तान की राजनीति में कुछ चुनाव ऐसे है, जिनकी चर्चा लंबे वक्त तक होती रहती है। ये चुनाव राजनीति के पहलू को उजागर करते हैं। त्रिपुरा के चुनावों की इतिहास में चर्चा होती रहेगी। लोग उसमें से कुछ न कुछ निकालते रहेंगे।”
- “ये सब आपके सहयोग के बिना संभव नहीं था। आप सभी को इस उत्तम काम के लिए धन्यवाद। मैं त्रिपुरा के लोगों का विश्वास दिलाना चाहता हूं कि जिन्होंने हमें वोट दिया है और जिन्होंने नहीं दिया, सरकार दोनों लोगों के लिए है। यहां का विकास हमारा सामूहिक दायित्व है, जिसे पूरा करने का हम पूरा प्रयास करेंगे।”
- “चुनकर आए सभी विधायकों को शुभकामनाएं देता हूं। विपक्ष के विधायकों से कहूंगा कि उनके पास अनुभव है। हमारी टीम नई है। वे उम्र में भी छोटे हैं। सत्ता में आए लोगों के पास ऊर्जा है। त्रिपुरा को आगे ले जाने की ताकत है।”

नॉर्थ ईस्ट के चुनावों की पूरे देश में चर्चा
- “नॉर्थ ईस्ट के चुनावों की पूरे देश में चर्चा हुई। आखिर क्या कारण है कि चुनावों की पूरे देश में गूंज होने लगी। इस चुनाव के बाद देश के हर नागरिक का नॉर्थ ईस्ट से जुड़ाव हुआ।”
- “हम लोगों को देश में जहां-जहां सरकार बनाने का मौका मिला, हमने वहां विकास पर ही बल दिया। भागीदारी से ही जनतंत्र के मंत्र से ही हम चलते आए हैं।”
- “मैं त्रिपुरा के लोगों से आग्रह करूंगा कि एक-एक समस्या का समाधान करते हुए राज्य को नई ऊंचाई पर ले जाएं।”
- “मैं त्रिपुरा की जनता को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि विकास की यात्रा में बीजेपी की सरकार को जो मौका दिया है, हम कोऑपरेटिव फेडरिज्म से ही सरकार चलाएंगे।”
- “सरकार किसी दल की नहीं होती, सरकार जनता की होती है।”

कौन हैं बिप्लब देब?

- 48 साल के बिप्लब कुमार देब बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हैं। उनका जन्म उदयपुर में हुआ। वे पश्चिम त्रिपुरा की बनमालीपुर सीट विधायक चुने गए।
- त्रिपुरा यूनिवर्सिटी से 1999 में ग्रेजुएट किया। समाजसेवा के काम करते रहे हैं। साफ-सुथरी छवि। कोई भी क्रिमिनल केस दर्ज नहीं है। हलफनामे में अपनी कुल प्रॉपर्टी 5.85 करोड़ बताई।
- संघ से जुड़े रहे हैं। संगठन में रहकर काम किया है। बीजेपी के थिंक टैंक रहे केएन गोविंदाचार्य के साथ काम कर चुके हैं।

बिप्लव को क्यों सौंपी जा रही है जिम्मेदारी?

1) बीजेपी शून्य से 35 सीट पर पहुंची
- बीजेपी पिछले 35 साल से राज्य में चुनाव लड़ रही है। लेकिन कभी भी अपना जनाधार नहीं बना पाई।
- पार्टी 2013 के चुनाव में एक भी सीट नहीं जीत पाई थी। अब उसे 35 सीट मिली हैं।

2) अपनी बात जनता तक पहुंचाने में कामयाब रहे
- बिप्लब ने त्रिपुरा में जमीनी स्तर पर काम किया। चुनाव से पहले उन्होंने कहा था कि राज्य में लेफ्ट की सरकार 25 सालों से जनता का बेवकूफ बना रही है। यहां भरपूर नेचुरल रिसोर्स होने के बावजूद यह देश का सबसे गरीब राज्य है। उन्होंने वादा किया था कि बीजेपी अगर सत्ता में आई तो इसे मॉडल स्टेट बनाया जाएगा। बिप्लब अपनी यह बात जनता तक पहुंचाने में कामयाब रहे।
- उनकी अगुआई में कई लेफ्ट समर्थक बीजेपी में आए। फरवरी के पहले हफ्ते में उन्होंने 1600 से ज्यादा लेफ्ट सपोर्टर्स के बीजेपी में आने का दावा किया था।

कौन हैं जिष्णु देव वर्मा?
- जिष्णु राज्य बीजेपी के जनजाति मोर्चा के संयोजक हैं। हालांकि, वे अभी विधायक नहीं चुने गए हैं। उन्होंने चारिलाम सीट से पर्चा भरा था, लेकिन यहां लेफ्ट कैंडिडेट की मौत के बाद चुनाव रद्द कर दिए गए थे। इस सीट पर 15 मार्च को चुनाव होगा।

त्रिपुरा: बहुमत: 31/60
2013: लेफ्ट जीता

इस बार: Left v/s BJP, वोटर: 25 लाख, वोटिंग: 89.8%
- यहां शुरुआती रुझान में बीजेपी+ (यानी बीजेपी और इंडीजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा) और लेफ्ट के बीच कांटे की टक्कर नजर आई। जिस त्रिपुरा में बीते 25 साल में बीजेपी का खाता तक नहीं खुला था, वहां उसने 51 सीटों पर सीपीएम को चुनौती दी थी। यहां पहली बार वह सबसे ज्यादा सीटें लेकर आई।

2018 और 2013 में किसे कितनी सीटें मिलीं?

पार्टी 2018 के नतीजे 2013 में सीटें फायदा/नुकसान 2013 में वोट शेयर 2018 में वोट शेयर
सीपीएम 16 49 -33 48.1% 42.7%
कांग्रेस 00 10 -10 36.5% 1.8%
बीजेपी 35 00 +35 1.5% 43.0%
आईपीएफटी (बीजेपी अलायंस) 08 00 +8 0.3% 7.5%
VIDEO: मोदी ने कहा कि ये उनकी भी सरकार है जिन्होंने हमें वोट नहीं दिया। VIDEO: मोदी ने कहा कि ये उनकी भी सरकार है जिन्होंने हमें वोट नहीं दिया।
त्रिपुरा में बीजेपी सरकार के शपथ समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार भी शामिल हुए। त्रिपुरा में बीजेपी सरकार के शपथ समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार भी शामिल हुए।