--Advertisement--

सत्य के रास्ते में परेशानियां आती हैं, पर जीत उसी की होगी: AAP विधायकों को अयोग्य ठहराए जाने पर केजरी

चुनाव आयोग ने संसदीय सचिव का पद रखने पर आप के 20 विधायकों की सदस्यता रद्द करने के लिए शुक्रवार को राष्ट्रपति से की थी।

Dainik Bhaskar

Jan 21, 2018, 09:50 PM IST
शुक्रवार को चुनाव आयोग ने लाभ शुक्रवार को चुनाव आयोग ने लाभ

नई दिल्ली. ऑफिस ऑफ प्रॉफिट (लाभ के पद) मामले में आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों की सदस्यता रद्द किए जाने पर अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि विधायकों पर झूठे केस और मुझ पर सीबीआई रेड कराई गई। पूरे देश में एक केजरीवाल ही भ्रष्ट मिला, बाकी सब तो ईमानदारे हैं। सत्य के रास्ते पर चलने में परेशानियां तो आती हैं पर जीत उसी की होती है। उधर, दिल्ली बीजेपी प्रेसिडेंट मनोज तिवारी ने इसे सत्य की जीत बताया। बता दें कि चुनाव आयोग ने संसदीय सचिव का पद रखने पर आप विधायकों की सदस्यता रद्द करने के लिए शुक्रवार को राष्ट्रपति से की थी। जिसे रविवार को मंजूरी मिल गई।

देश में एक केजरीवाल ही भ्रष्ट मिला

- अरविंद केजरीवाल ने नजफगढ़ की जनसभा में कहा, '"हमारे 20 विधायकों पर झूठे केस कर दिए, मुझ पर सीबीआई की रेड करा दी और तब भी इनको कुछ नहीं मिला। सिर्फ चार मफलर मिले। इनको पूरे देश में केजरीवाल ही करप्ट मिला, बाकी सब ईमानदार हैं।''
- ''एलजी ने हमारी सरकार की 400 फाइलें बुलाईं, लेकिन उन्हें भी हमारे खिलाफ कुछ नहीं मिला। अब हमारे 20 विधायकों को डिसक्वालिफाई कर दिया। वे हमें हर तरह से परेशान करने की कोशिश कर रहे हैं।''

सत्य के रास्ते में परेशानियां तो आती ही हैं

- मुख्यमंत्री ने पार्टी वर्कर्स से कहा, ''सत्य के रास्ते पर चलने वाले हर किसी के सामने कई परेशानियां आती हैं, लेकिन याद रखें कि आखिर में जीत उसी की होती है।''
- केजरीवाल ने ट्वीट भी किया, ''ऊपर वाले ने 67 सीट कुछ सोच कर ही दी थीं। हर कदम पर ऊपर वाला आम आदमी पार्टी के साथ है, नहीं तो हमारी औकात ही क्या थी? बस सच्चाई का रास्ता मत छोड़ना।''

राष्ट्रपति का ऑर्डर तुगलकशाही: सिन्हा

- उधर, सीनियर बीजेपी लीडर यशवंत सिन्हा ने कहा, ''आप के 20 विधायकों को अयोग्य ठहराए जाने वाला राष्ट्रपति का ऑर्डर नाइंसाफी है। न कोई सुनवाई, न हाईकोर्ट के फैसले का इंतजार। यह पूरी तरह से तुगलकशाही है।''

- आप नेता आशुतोष ने कहा कि राष्ट्रपति का हमारे विधायकों को अयोग्य ठहराना गैरकानूनी और लोकतंत्र के लिए खतरा है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को खुद इस फैसले पर अफसोस होगा।

इन 20 विधायकों की सदस्यता रद्द

- अयोग्य ठहराए गए दिल्ली के विधायकों में आदर्श शास्त्री (द्वारका), अल्का लांबा (चांदनी चौक), अनिल वाजपेयी (गांधी नगर), अवतार सिंह (कालकाजी), कैलाश गहलोत (नजफगढ़), मदन लाल (कस्तूरबा नगर), मनोज कुमार (कोंडली), नरेश यादव (महरौली), नितिन त्यागी (लक्ष्मी नगर), प्रवीण कुमार (जंगपुरा), राजेश गुप्ता (वजीरपुर), राजेश ऋषि (जनकपुरी), संजीव झा (बुराड़ी), सरिता सिंह (रोहतास नगर), सोम दत्त (सदर बाजार), शरद कुमार (नरेला), शिव चरण गोयल (मोति नगर), सुखवीर सिंह (मुंडका), विजेंदर गर्ग (रजिंदर नगर) और जरनैल सिंह (तिलक नगर) के नाम शामिल हैं।

AAP विधायकों पर क्या था मामला?

- अरविंद केजरीवाल सरकार ने इन विधायकों को संसदीय सचिव अप्वाइंट किया था। दिल्ली हाईकोर्ट ने ही 8 सितंबर 2016 को 21 विधायकों के संसदीय सचिवों के तौर पर अप्वाइंटमेंट को रद्द कर दिया था। चुनाव आयोग ने 21 विधायकों को नोटिस जारी किया था। एक विधायक जरनैल सिंह ने पंजाब से चुनाव लड़ने के लिए दिल्ली विधानसभा से इस्तीफा दे दिया था। इस वजह से केस 20 विधायकों के खिलाफ था।

ये भी पढ़ें...

ऑफिस ऑफ प्रॉफिट: AAP के 20 विधायकों की सदस्यता रद्द, MLAs बोले- सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे खुले हैं

X
शुक्रवार को चुनाव आयोग ने लाभ शुक्रवार को चुनाव आयोग ने लाभ
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..