Hindi News »National »Latest News »National» US Favors Pakistan Supply Routes Because Of Cost, Officials Stressed America Has Built Flexibility And Redundancy Into Its Supply Chains.

US आर्मी की अफगानिस्तान जाने वाली रसद रोक सकता है पाकिस्तान, अमेरिका ने कहा- हमारे पास अब कई ऑप्शन

अमेरिकी अफसरों का कहना है कि अगर पाकिस्तान इस तरह का कोई कदम उठाता है, तो उनके पास इससे निपटने के अब कई ऑप्शन मौजूद हैं।

DainikBhaskar.com | Last Modified - Jan 07, 2018, 11:50 AM IST

  • US आर्मी की अफगानिस्तान जाने वाली रसद रोक सकता है पाकिस्तान, अमेरिका ने कहा- हमारे पास अब कई ऑप्शन, national news in hindi, national news
    +1और स्लाइड देखें
    अमेरिकी सेना को पाकिस्तान के रास्ते जो रसद (supply chain) अफगानिस्तान जाती है, पाकिस्तान उसे रोक सकता है।- फाइल

    वॉशिंगटन/इस्लामाबाद/नई दिल्ली.अमेरिका से जारी तनाव के बीच पाकिस्तान एक बार फिर ब्लैकमेलिंग के रास्ते पर चलता नजर आ रहा है। अमेरिकी सेना को पाकिस्तान के रास्ते जो रसद (supply chain) अफगानिस्तान जाती है, पाकिस्तान उसे रोक सकता है। वो 2011 में ओसामा बिन लादेन की मौत के बाद ऐसा कर भी चुका है। दूसरी तरफ, अमेरिकी अफसरों का कहना है कि अगर पाकिस्तान इस तरह का कोई कदम उठाता है, तो उनके पास इससे निपटने के अब कई ऑप्शन मौजूद हैं। बता दें कि अमेरिका ने पाक को दी जाने वाली करीब 7 हजार करोड़ रुपए की मिलिट्री मदद पर रोक लगा दी थी। इसके बाद से दोनों देशों में तनाव है।

    पेंटागन की पाकिस्तान के हर कदम पर नजर

    - न्यूज एजेंसी ने अमेरिकी अफसरों के हवाले से कहा- हम पाकिस्तान के हर कदम पर नजर रख रहे हैं। यूएस एडमिनिस्ट्रेशन ने पाकिस्तान के खिलाफ जो एक्शन लिया है, उसके पहले ही तमाम बातों पर विचार कर लिया गया था। इसका मतलब, पाकिस्तान इस बार सप्लाई चेन रोकने की ब्लैकमेलिंग नहीं कर पाएगा।

    7 साल बाद हरकत दोहरा सकता है पाकिस्तान

    - 2011 में अमेरिकी सील कमांडो ने ऐबटाबाद में ओसामा बिन लादेन को मार गिराया था। इससे नाराज पाकिस्तान ने यूएस आर्मी की अफगानिस्तान में सप्लाई चेन रोक दी थी। करीब 8 महीने बाद इसे बहाल किया गया था। तब अमेरिका ने कार्गो फ्लाइट्स के जरिए अपने सैनिकों तक रसद पहुंचाई थी। यह बहुत महंगा तरीका था।
    - दरअसल, अफगानिस्तान में जो अमेरिकी फौज है, उसके लिए तमाम तरह का सामान ट्रकों के जरिए पाकिस्तान से ही अफगानिस्तान पहुंचता है। अमेरिका को यह रास्ता बहुत सस्ता पड़ता है। कराची पोर्ट से ट्रकों के जरिए ये रसद अफगानिस्तान के जलालाबाद पहुंचती है।

    अमेरिका को सबक सिखाने की मांग

    - पाकिस्तान के कुछ डिफेंस एक्सपर्ट्स और कट्टरपंथी मांग कर रहे हैं कि अमेरिका की सप्लाई चैन को फिर रोका जाए। अपोजिशन लीडर इमरान खान ने कहा- अब वक्त आ गया है कि हम अमेरिका को उसी की जुबान में सबक सिखाएं। आखिरी वो कब तक मुफ्त में हमारे रास्तों का इस्तेमाल करता रहेगा।
    - अमेरिका के डिफेंस सेक्रेटरी जिम मैटिस ने इस बारे में पूछे गए एक सवाल पर कहा- अभी तक तो इस बारे में कोई संकेत नहीं मिला। नजर सारे डेवलपमेंट्स पर है।

    अमेरिका इस बार बेफिक्र

    - लेफ्टिनेंट कर्नल कोन फॉल्कनर ने कहा- अफगानिस्तान की नेशनल डिफेंस फोर्सेस और हमारे सैनिकों पर अब किसी चीज का कोई फर्क नहीं पड़ने वाला।
    - मैटिस ने कहा- हमने पहले ही साफ कर दिया कि अमेरिका अब सिर्फ नतीजे चाहता है। जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी की डिफेंस एक्सपर्ट क्रिस्टीन फेयर ने कहा- अमेरिका को अब ब्लैकमेल नहीं किया जा सकता। मैंने पेंटागन के अफसरों से बातचीत में यह पाया कि अब अमेरिका के पास सप्लाई चेन रुकने पर भी कई ऑप्शन हैं।

    क्या कर सकता है अमेरिका?

    - पाकिस्तान अगर सप्लाई चेन रोकता है तो अमेरिका किर्गिस्तान और रूस के जरिए कार्गों फ्लाइट्स के जरिए अपने सैनिकों को रसद पहुंचाएगा। बहुत मुमकिन है कि वो ईरान को पेमेंट कर उसके रास्तों का भी इस्तेमाल करे।
    - फेयर के मुताबिक, अमेरिका जानता है कि पाकिस्तान क्या कुछ कर सकता है। लेकिन, इस बार पेंटागन बहुत सख्त फैसले लेने के मूड में है। हालांकि, वो ये भी जानते है कि नई सप्लाई चेन बनाने पर कुछ ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ेगा।

  • US आर्मी की अफगानिस्तान जाने वाली रसद रोक सकता है पाकिस्तान, अमेरिका ने कहा- हमारे पास अब कई ऑप्शन, national news in hindi, national news
    +1और स्लाइड देखें
    अमेरिका ने पाक को दी जाने वाली करीब 7 हजार करोड़ रुपए की मिलिट्री मदद पर रोक लगा दी थी। इसके बाद से दोनों देशों में तनाव है।- फाइल
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From National

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×