--Advertisement--

H-1B वीजा होल्डर्स की पत्नियों को जॉब करने से रोक सकता है US, बाय अमेरिकन-हायर अमेरिकन पॉलिसी के तहत फैसला

ओबामा सरकार ने 2015 में H1B वीजा होल्डर्स की पत्नियों को H-4 डिपेन्डेंट वीजा में काम करने की छूट दी थी।

Danik Bhaskar | Dec 16, 2017, 06:47 PM IST
ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन ने अप्रैल में ‘बाय अमेरिकन-हायर अमेरिकन’ एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर सााइन किए थे। -फाइल ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन ने अप्रैल में ‘बाय अमेरिकन-हायर अमेरिकन’ एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर सााइन किए थे। -फाइल

नई दिल्ली/वॉशिंगटन. अमेरिका में H-1B वीजा होल्डर्स की पत्नी या पति को वहां जॉब पाने में मुश्किल हो सकती है। दरअसल, ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन बराक ओबामा के प्रेसिडेंट रहते बनाए गए एक नियम को रद्द करने पर विचार कर रहा है। ऐसा हुआ तो सबसे ज्यादा असर वहां काम करने वाले भारतीयों पर होगा। ऐसा इसलिए, क्योंकि H-1B होल्डर्स में 70% भारतीय हैं।

ओबामा सरकार में क्या था नियम?

- दरअसल, 2015 में ओबामा सरकार ने H-1B वीजा होल्डर्स के पति या पत्नियों की जॉब के लिए कुछ रूल्स बनाए थे।

- इसके तहत विदेशों से आए हाई-स्किल्ड वर्कर्स (H-1B वीजा होल्डर्स) के पति-पत्नियों को अमेरिका में काम करने के लिए H-4 डिपेन्डेंट वीजा मिल जाता था।

ऐसा क्यों किया जा रहा है?
- गुरुवार को डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सेक्युरिटी की तरफ से जारी एक स्टेटमेंट में कहा गया कि वो जल्द ही (ओबामा एडमिनिस्ट्रेशन के) इस नियम को खत्म करने वाली है।

- इसकी वजह नहीं बताई गई, लेकिन कहा गया कि यह ट्रम्प के अप्रैल में साइन किए गए ‘बाय अमेरिकन-हायर अमेरिकन’ एग्जीक्यूटिव ऑर्डर का हिस्सा है।

- बता दें कि ‘बाय अमेरिकन-हायर अमेरिकन’ में अमेरिकन्स को ही वहां जॉब में अहमियत देने पर जोर दिया गया है।

H-1B वीजा होल्डर्स पर क्या असर होगा?
- इस नियम से H-1B होल्डर्स पर सीधे तौर पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा, लेकिन उनकी पत्नी या पति को काम ना मिल पाने से यहां दूसरे देश से जॉब के लिए आने वालों में कमी आ सकती है।

भारतीयों पर क्या असर होगा?
- इसका सबसे ज्यादा असर भारतीयों पर ही होगा। दरअसल, अमेरिका में 70% H-1B होल्डर्स भारतीय हैं।
- ये वीजा टेक्निकल फील्ड से जुड़े लोगों के बीच ज्यादा पॉपुलर है। इसके लिए अप्लाई करने वाले ज्यादातर लोग इंजीनियर्स ही हैं।

क्या है H-1B वीजा?
- H-1B वीजा एक नॉन-इमिग्रेंट वीजा है। इसके तहत अमेरिकी कंपनियां विदेशी थ्योरिटिकल या टेक्निकल एक्सपर्ट्स को अपने यहां रख सकती हैं।
- H-1B वीजा के तहत टेक्नोलॉजी कंपनियां हर साल हजारों इम्प्लॉइज की भर्ती करती हैं।
- यूएस सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (USCIS) जनरल कैटेगरी में 65 हजार फॉरेन इम्प्लॉइज और हायर एजुकेशन (मास्टर्स डिग्री या उससे ज्यादा) के लिए 20 हजार स्टूडेंट्स को H-1B वीजा जारी करता है।
- अप्रैल 2017 में USCIS ने 1 लाख 99 हजार H-1B पिटीशन रिसीव कीं।
- अमेरिका ने 2015 में 1 लाख 72 हजार 748 वीजा जारी किए, यानी 103% ज्यादा। ये स्टूडेंट्स यूएस के किसी संस्थान में पढ़े हुए होने चाहिए। इनके सब्जेक्ट साइंस, इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी और मैथ्स होने चाहिए।

कोर्ट में है ओबामा सरकार का फैसला
- ‘सेव जॉब USA’ नाम का एक ग्रुप पहले ही H-1B वीजा होल्डर्स के पति या पत्नी को जॉब देने वाले ओबामा सरकार के फैसले को चैलेंज कर चुका है। ग्रुप का कहना है कि ये नियम अमेरिकी नागरिकों की जॉब पर खतरा है।

- ट्रम्प प्रशासन में अटॉर्नी जनरल जेफ सेशंस भी H-4 रूल को अमेरिकी नागरिकों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बता चुके हैं।

बताया जा रहा है कि यह ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन के ‘बाय अमेरिकन-हायर अमेरिकन’ एग्जीक्यूटिव ऑर्डर का हिस्सा है। -फाइल बताया जा रहा है कि यह ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन के ‘बाय अमेरिकन-हायर अमेरिकन’ एग्जीक्यूटिव ऑर्डर का हिस्सा है। -फाइल