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गुजरात चुनाव प्रचार के दौरान अय्यर-सिब्बल के बयानों से राहुल की कोशिशों को धक्का लगा: मोइली

मोइली ने कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव में राहुल प्रधानमंत्री पद के लिए नरेंद्र मोदी का विकल्प हो सकते हैं।

Dainik Bhaskar

Dec 20, 2017, 08:28 AM IST
मोइली ने ये भी आरोप लगाया कि मोदी ने चुनाव प्रचार के दौरान गुजरात के लोगों को इमोशनली ब्लैकमेल करने की कोशिश की। (फाइल) मोइली ने ये भी आरोप लगाया कि मोदी ने चुनाव प्रचार के दौरान गुजरात के लोगों को इमोशनली ब्लैकमेल करने की कोशिश की। (फाइल)

हैदराबाद. कांग्रेस के सीनियर लीडर एम. वीरप्पा मोइली ने कहा कि गुजरात चुनाव के दौरान मणिशंकर अय्यर और कपिल सिब्बल के विवादास्पद बयानों के चलते राहुल गांधी की कोशिशों को धक्का लगा। कांग्रेस वो हासिल नहीं कर पाई, जिसकी वह हकदार थी। बता दें कि अय्यर ने नरेंद्र मोदी को नीच व्यक्ति बताया था, वहीं सिब्बल ने अयोध्या मामले की सुनवाई 2019 के बाद होनी चाहिए। इससे चुनावों पर असर पड़ सकता है।


मोदी का विकल्प हो सकते हैं राहुल

- न्यूज एजेंसी के मुताबिक, मोइली ने कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव में राहुल प्रधानमंत्री पद के लिए नरेंद्र मोदी का विकल्प हो सकते हैं।
- मोइली ने ये भी आरोप लगाया कि मोदी ने चुनाव प्रचार के दौरान गुजरात के लोगों को इमोशनली ब्लैकमेल करने की कोशिश की। राजनीतिक पार्टियों को जुमलेबाजी कर चुनाव जीतने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।

हमारे लोगों ने भी गलती की

- मोइली ने नीच शब्द का उल्लेख करते हुए कहा, "मणिशंकर अय्यर जैसे हमारे नेताओं को मोदी के लिए ऐसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।''
- "मुझे लगता है कि मोदी ने अय्यर के बयान को कांग्रेस और राहुल गांधी के खिलाफ इस्तेमाल किया। हमें सावधान रहना चाहिए।''
- "सिब्बल को भी राम जन्मभूमि मामले की सुनवाई 2019 के बाद कराने वाली बात कहने की जरूरत नहीं थी। पार्टी की तरफ से वे इस तरह के बयान देने के लिए ऑथराइज्ड नहीं हैं।''

- "मोदी ने कहा कि अय्यर जब पाकिस्तान गए तो उन्होंने मारने के लिए सुपारी दी। गुजरात में मुझे हराने के लिए पाकिस्तान काम कर रहा है। मुझे लगता है कि चुनाव आयोग को इस तरह के बयानों को गंभीरता से लेना चाहिए था।''

क्या बोले थे मणिशंकर?

- 7 दिसंबर को मणिशंकर ने कहा, "जो अंबेडकरजी की सबसे बड़ी ख्वाहिश थी, उसे साकार करने में एक व्यक्ति सबसे बड़ा योगदान था। उनका नाम था जवाहरलाल नेहरू। अब इस परिवार के बारे में ऐसी गंदी बातें करें, वो भी ऐसे मौके पर जब अंबेडकरजी की याद में बहुत बड़ी इमारत का उद्घाटन किया गया। मुझे लगता है कि ये आदमी बहुत नीच किस्म का है, इसमें कोई सभ्यता नहीं है। ऐसे मौके पर इस प्रकार की गंदी राजनीति की क्या आवश्यकता है।''
- बयान के कुछ देर बाद ही सूरत की चुनावी रैली में मोदी ने कहा, "एक नेता हैं। बड़ी-बड़ी यूनिवर्सिटी से उन्हाेंने डिग्री ली है। वे भारत के राजदूत रहे हैं। फॉरेन सर्विस के बड़े अफसर रहे हैं। मनमोहन सरकार में वे जवाबदार मंत्री थे। उन्होंने आज एक बात कही। श्रीमान मणिशंकर अय्यर ने कहा कि मोदी नीच जाति का है। मोदी नीच है। भाइयो-बहनो! ये अपमान गुजरात का है। ये भारत की महान परंपरा है?"
- ''क्या ये जातिवाद नहीं है? क्या ये हमारे देश के दलितों का अपमान नहीं है? क्या ये मुगलों की मानसिकता नहीं है, क्या ये सामंतवादी मानसिकता नहीं है? क्या उन्होंने मुझे नीच नहीं कहा? लेकिन हमारे संस्कार इस तरह की भाषा की इजाजत नहीं देते।

राहुल ने गुजरात में 57 सभाएं की और 27 मंदिरों में गए। 77 सीटों पर जीत दर्ज की। (फाइल) राहुल ने गुजरात में 57 सभाएं की और 27 मंदिरों में गए। 77 सीटों पर जीत दर्ज की। (फाइल)
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मोइली ने ये भी आरोप लगाया कि मोदी ने चुनाव प्रचार के दौरान गुजरात के लोगों को इमोशनली ब्लैकमेल करने की कोशिश की। (फाइल)मोइली ने ये भी आरोप लगाया कि मोदी ने चुनाव प्रचार के दौरान गुजरात के लोगों को इमोशनली ब्लैकमेल करने की कोशिश की। (फाइल)
राहुल ने गुजरात में 57 सभाएं की और 27 मंदिरों में गए। 77 सीटों पर जीत दर्ज की। (फाइल)राहुल ने गुजरात में 57 सभाएं की और 27 मंदिरों में गए। 77 सीटों पर जीत दर्ज की। (फाइल)
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