देश

--Advertisement--

ऑफिस ऑफ प्रॉफिट: मैंने सुझाव दिए थे, केजरीवाल का विशेषाधिकार था तो चुप रहा: विश्वास

ऑफिस ऑफ प्रॉफिट (लाभ के पद) मामले में आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों की कुर्सी खतरे में है।

Dainik Bhaskar

Jan 20, 2018, 02:48 PM IST
डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने क डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने क

नई दिल्ली. ऑफिस ऑफ प्रॉफिट (लाभ के पद) मामले में आम आदमी पार्टी ने बीजेपी-कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसौदिया ने शनिवार को कहा कि अरविंद केजरीवाल सरकार के कामकाज से कई लोगों की दुकानदारी बंद हो गई। बीजेपी-कांग्रेस बौखलाई हैं, इसीलिए सरकार गिराने की साजिश रची जा रही है। वहीं, आप नेता गोपाल राय ने कहा कि आज देश के हालात ब्रिटिश राज से भी बदतर हैं। उधर, केजरीवाल और पार्टी से नाराज कुमार विश्वास ने कहा कि विधायकों पर हुई कार्रवाई से दुखी हूं, मेरे सुझाव नहीं माने गए। न्यूज एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक, चुनाव आयोग (ईसी) ने शुक्रवार को राष्ट्रपति से आप के 20 विधायकों की सदस्यता रद्द करने की सिफारिश की।

AAP के कामकाज से बीजेपी-कांग्रेस बौखलाईं

- डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा, ''हमारे विधायकों ने संसदीय सचिव रहते हुए कोई फायदा नहीं लिया। विधायक अपने पैसे खर्च कर काम कर रहे हैं, एक रुपए भी नहीं लिया तो कैसा लाभ लिया। आप सरकार ने पिछले तीन सालों में बिजली और पानी के दाम नहीं बढ़ने दिए, इससे कई लोगों की दुकानदारी बंद हो गई।''
- ''आम आदमी पार्टी के कामकाज से बौखलाए लोगों ने सरकार के खिलाफ साजिश रची। विधायकों को खरीदने की कोशिशें हुईं, हम पर फर्जी मुकदमे दर्ज कराए गए। अब सरकार चौथे गियर (साल) में पहुंची है तो बीजेपी-कांग्रेस डर गई है।''

देश के हालात ब्रिटिश राज से बदतर हैं

- आप की दिल्ली यूनिट के चीफ गोपाल राय ने कहा, ''चुनाव आयोग ने राष्ट्रपति को सिफारिश करने से पहले आप विधायकों की बात नहीं सुनी। यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया नहीं है। वह मुख्यमंत्री केजरीवाल और दिल्ली की जनता से बदला लेना चाहते हैं।

- ''देश के 11 राज्यों ने संसदीय सचिव बनाए गए, लेकिन सिर्फ आप को टारगेट किया जा रहा है। यह ईसी की दोहरी रणनीति है, कानून सबके लिए बराबर है। आज हालात ब्रिटिश राज से भी बदतर हैं। हम चुनाव से नहीं डरते हैं, लोगों को हमारी ईमानदारी पर भरोसा है।''

- ''आम आदमी पार्टी और पूरा देश जानना चाहता है कि इलेक्शन कमिश्नर एके जोति ने इस तरह का फैसला क्यों लिया? उन पर ऐसे आरोप पहली बार नहीं लग रहे हैं। पिछले विधानसभा चुनावों के एलान के वक्त भी आयोग के फैसले पर सवाल उठे थे। सब जानते हैं कि जोति साहब गुजरात में नरेंद्र मोदी के सबसे खास रहे हैं।''

ऑफिस ऑफ प्रॉफिट को लेकर सुझाव दिए थे: कुमार

- कुमार विश्वास ने कहा, ''आप के 20 MLAs के खिलाफ हुई कार्रवाई दुर्भाग्यपूर्ण है, मैं इससे बेहद दुखी हूं। इसे लेकर कुछ सुझाव दिए थे, लेकिन कहा गया कि यह मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है कि किसे कहां अप्वाइंट करना है। इसलिए मैं चुप रहा।''

- विश्वास एक कवि सम्मेलन में शामिल होने के लिए अहमदनगर पहुंचे थे। उन्होंने शनिवार को शनि शिंगणापुर मंदिर में पूजा की और एक संस्था के साथ नेत्रदान के लिए शपथ पत्र भी भरा।

- बता दें कि राज्यसभा चुनाव में कैंडिडेट नहीं बनाए जाने से कुमार विश्वास नाराज हैं। उन्होंने पहली बार केजरीवाल और आप नेताओं पर खुलकर हमला बोला था। इसके बाद गोपाल राय ने उन पर पार्टी तोड़ने के आरोप लगाए थे।

AAP के इंटरनल सर्वे में सभी 20 सीटों पर हार: कपिल

- पार्टी से बाहर निकाले गए पूर्व मंत्री और विधायक कपिल मिश्रा ने कहा, ''अरविंद केजरीवाल के लालच की वजह से आज दिल्ली के विधायकों की कुर्सी खतरे में है। अब झूठ का पर्दाफाश हो चुका है। आप ने इन 20 सीटों पर इंटरनल सर्वे कराया है। इसकी एक कॉपी मेरे पास है। इन सभी सीटों पर केजरीवाल के कैंडिडेट हार रहे हैं।''

शिवसेना बोली- EC के फैसले पर सवाल उठे
- आप विधायकों पर कार्रवाई के मुद्दे पर शिवसेना ने इलेक्शन कमीशन को आड़े हाथों लिया। पार्टी के स्पोक्सपर्सन संजय राउत ने कहा कि आज चुनाव आयोग के फैसले पर सवाल खड़ा हुआ है। अगर इस तरह से फैसले लेते रहेंगे तो आगे भी इलेक्शन कमीशन पर सवालों के घेरे में आएगा। इसके लिए सिर्फ ईसी ही जिम्मेदार है।

X
डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कडिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने क
Click to listen..