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विजय गोखले बने देश के नए फॉरेन सेक्रेटरी, डोकलाम विवाद निपटाने में थी अहम भूमिका

विजय, भारतीय विदेश सेवा के 1981 बैच के अफसर हैं। इससे पहले वे सेक्रेटरी (इकोनॉमिक रिलेशन) के पद पर थे।

Danik Bhaskar | Jan 29, 2018, 09:38 AM IST
गोखले 0 जनवरी, 2016 से 21 अक्टूबर, 2017 तक चीन में भारत के एम्बेसडर रहे थे। (फाइल) गोखले 0 जनवरी, 2016 से 21 अक्टूबर, 2017 तक चीन में भारत के एम्बेसडर रहे थे। (फाइल)

नई दिल्ली. सीनियर डिप्लोमैट विजय केशव गोखले ने सोमवार को फॉरेन सेक्रेटरी का कार्यभार संभाल लिया। वे इस पोस्ट पर 2 साल रहेंगे। उन्होंने एस. जयशंकर की जगह ली। गोखले ने 73 दिन चले डोकलाम विवाद को सुलझाने में अहम भूमिका निभाई थी।


1981 बैच के अफसर हैं विजय

- विजय, भारतीय विदेश सेवा के 1981 बैच के अफसर हैं। विदेश सचिव का पद संभालने से पहले वे सेक्रेटरी (इकोनॉमिक रिलेशन) के पद पर थे।
- वे 20 जनवरी, 2016 से 21 अक्टूबर, 2017 तक चीन में भारत के एम्बेसडर रहे थे। साथ ही वे अक्टूबर 2013 से जनवरी 2016 तक जर्मनी में भारत के एम्बेसडर रहे। हांगकांग, हनोई और न्यूयॉर्क में भी भारतीय मिशन में जिम्मेदारी संभाली।
- गोखले विदेश मंत्रालय में चीन और पूर्व एशिया मामलों के डायरेक्टर और उसके बाद पूर्व एशिया मामलों के ज्वाइंट सेक्रेटरी रहे।
- इसी महीने नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट अप्वाइंटमेंट्स कमेटी ने गोखले के नाम पर मुहर लगाई थी।

2 साल विदेश सचिव रहे जयशंकर

- एस. जयशंकर जनवरी, 2015 से 2 साल भारत के फॉरेन सेक्रेटरी रहे।
- जयशंकर 1977 बैच के आईएफएस अफसर थे। पिछले साल उन्हें एक साल का एक्सटेंशन दिया गया था।

गोखले विदेश मंत्रालय में चीन और पूर्व एशिया मामलों के डायरेक्टर और उसके बाद पूर्व एशिया मामलों के ज्वाइंट सेक्रेटरी रहे। गोखले विदेश मंत्रालय में चीन और पूर्व एशिया मामलों के डायरेक्टर और उसके बाद पूर्व एशिया मामलों के ज्वाइंट सेक्रेटरी रहे।