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गुजरात में बदलाव नहीं: विजय रुपाणी CM, नितिन पटेल डिप्टी CM कायम रहेंगे, विधायक दल का फैसला

विजय रुपाणी को एक बार फिर गुजरात का सीएम चुना गया है। विधायक दल की मीटिंग में ये फैसला लिया गया।

Dainik Bhaskar

Dec 22, 2017, 05:23 PM IST
विधायक दल की मीटिंग के बाद रुपाणी को बधाई देते अरुण जेटली। विधायक दल की मीटिंग के बाद रुपाणी को बधाई देते अरुण जेटली।

नई दिल्ली. गुजरात के सीएम विजय रुपाणी होंगे। शुक्रवार को विधायक दल की बैठक में फैसला लिया गया। अरुण जेटली ने मीटिंग के बाद इसकी जानकारी दी। डिप्टी सीएम की पोस्ट पर नितिन पटेल बैठेंगे। इससे पहले गुजरात विधानसभा भंग करने के गवर्नर ओपी कोहली के लेटर के बाद गुरुवार को मुख्यमंत्री विजय रूपाणी, उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल समेत कैबिनेट ने इस्तीफा दे दिया। बता दें कि गुजरात चुनाव में बीजेपी ने 99 सीटों के साथ बहुमत हासिल किया था वहीं कांग्रेस को 77 सीटें मिली थीं।

रिवर फ्रंट पर हो सकता है शपथ ग्रहण

- गुजरात की नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह रिवर फ्रंट या सरदार पटेल स्टेडियम में रखा जा सकता है। इससे पहले सरदार पटेल स्टेडियम और गांधीनगर के महात्मा मंदिर में शपथ ग्रहण समारोह हो चुका है। 25 दिसंबर को अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन पर यह समारोह हो सकता है।

बैठक में जेटली समेत गुजरात के लीडर्स थे मौजूद

- गुजरात में सीएम का नाम फाइनल करने के लिए पार्टी के सेंट्रल सुपरवाइजर अरुण जेटली, पार्टी जनरल सेक्रेटरी सरोज पांडेय, बीजेपी स्टेट प्रेसिडेंट जीतू वाघाणी, प्रदेश के इलेक्शन इंचार्ज भूपेंद्र यादव और सह प्रभारी वी सतीश की मौजूदगी में विधायकों की बैठक हुई।

बीजेपी ने गुजरात में क्यों नहीं किया बदलाव?


1) झुकने या दबाव में आने का संकेत नहीं देना चाहती थी पार्टी
- गुजरात में 22 साल में बीजेपी को सबसे कम सीटें मिली हैं। वह सौ के नीचे यानी 99 पर आ गई। यह आंकड़ा पिछली बार से 16 सीटें कम है। 2014 के लोकसभा चुनाव के वक्त उसे 161 सीटों पर बढ़त मिली थी और 60 फीसदी वोट शेयर मिला था। यह वोट शेयर तीन साल में 11 फीसदी घट गया।
- सीटों के लिहाज से 14 बीजेपी शासित राज्यों में गुजरात अब आठवें पायदान पर है। पार्टी नहीं चाहती थी कि इस फीकी जीत के बाद नेतृत्व में बदलाव कर वह झुकने या दबाव में आने का कोई संकेत दे। 54% सीटें जीतीं हैं भाजपा ने गुजरात में।

2) मोदी की स्ट्रैटजी
भरोसेमंद लोगों के पास ही नेतृत्व बनाए रखना मोदी की स्ट्रैटजी है। यही वजह है कि रूपाणी को बनाए रखा गया। चर्चा में चल रहे दो नाम पुरुषोत्तम रूपाला या स्मृति ईरानी को गुजरात में सत्ता की कमान नहीं दी गई।

3) 2019 पर नजरें
- 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने गुजरात की सभी 26 सीटें जीती थीं। अब 2019 के आम चुनाव में डेढ़ साल का वक्त बचा है। इससे पहले बीजेपी गुजरात में टीम नहीं बदलना चाहती।
- इससे पहले, बीजेपी सूत्रों ने हमारी सहयोगी वेबसाइट दिव्य भास्कर को भी बताया था कि रूपाणी और पटेल को 2019 के आम चुनाव तक पदों पर बनाए रखने की संभावना दिख रही है। इसकी वजह यह है कि रूपाणी और पटेल, पार्टी में स्वीकार्य चेहरा हैं।

कौन हैं विजय रूपाणी?
- रूपाणी का जन्म 2 अगस्त 1956 में रंगून में हुआ था। तब उनके पिता वहां कारोबार करते थे। रूपाणी पहले एक स्टॉक ब्रोकर थे। 1971 में विजय रूपाणी पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और फिर जनसंघ में शामिल हुए। इमरजेंसी के दौरान उन्हें जेल भी जाना पड़ा।

- रूपाणी 1988 से लेकर 1995 तक राजकोट महानगरपालिक में प्रेसिडेंट और मेयर रह चुके हैं। वे 2006 से 2012 तक राज्यसभा सदस्य भी रह चुके हैं।

- 2014 में रूपाणी पहली बार राजकोट वेस्ट सीट से चुनाव लड़े और सरकार में कैबिनेट मंंत्री बने। इस दौरान उन्होंने ट्रांसपोर्ट, कार्मिक और रोजगार मंत्रालय संभाला।

- 2016 में उन्हें गुजरात बीजेपी का अध्यक्ष बनाया गया। आनंदीबेन पटेल को हटाने के बाद बीजेपी ने रूपाणी को गुजरात के मुख्यमंत्री पद के लिए चुना था।

गुजरात चुनाव के दौरान एक सभा में अमित शाह को मिठाई खिलाते विजय रुपाणी। गुजरात चुनाव के दौरान एक सभा में अमित शाह को मिठाई खिलाते विजय रुपाणी।
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विधायक दल की मीटिंग के बाद रुपाणी को बधाई देते अरुण जेटली।विधायक दल की मीटिंग के बाद रुपाणी को बधाई देते अरुण जेटली।
गुजरात चुनाव के दौरान एक सभा में अमित शाह को मिठाई खिलाते विजय रुपाणी।गुजरात चुनाव के दौरान एक सभा में अमित शाह को मिठाई खिलाते विजय रुपाणी।
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