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इंडियन इकोनॉमी में काफी उम्मीदें, इस साल 7.3% और 2 साल में 7.5% रह सकती है ग्रोथ रेट: वर्ल्ड बैंक

वर्ल्ड बैंक ने इंडियन इकोनॉमी को लेकर बहुत उम्मीदें जताई हैं। उसने कहा है कि इस साल भारत का ग्रोथ रेट 7.3% रहेगा।

DainikBhaskar.com | Last Modified - Jan 10, 2018, 12:46 PM IST

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    वर्ल्ड बैंक के मुताबिक- इमर्जिंग इकोनॉमी वाले देशों की बात करें तो भारत आने वाले 10 साल में सबसे ज्यादा ग्रोथ रेट दर्ज करने वाला देश होगा।- फाइल

    वॉशिंगटन/नई दिल्ली.वर्ल्ड बैंक ने इंडियन इकोनॉमी को लेकर बहुत उम्मीदें जताई हैं। उसने कहा है कि इस साल यानी 2019 में भारत का ग्रोथ रेट 7.3% रह सकता है। इतना ही नहीं अगले दो साल यानी 2019 और 2020 के लिए भी वर्ल्ड बैंक ने बेहतर संकेत दिए हैं। इन दो साल के लिए कहा गया है कि इस दौरान इंडियन इकोनॉमी का ग्रोथ रेट 7.5% रह सकता है। बता दें कि इंटरनेशनल रेटिंग एजेंसी मूडीज ने भी नवंबर में 13 साल बाद भारत की रेटिंग 'बीएए3' से बढ़ाकर 'बीएए2' कर दी थी। उसका कहना था कि नोटबंदी, जीएसटी जैसे इकोनॉमिक रिफॉर्म्स की वजह से विकास की संभावनाएं और बेहतर हुई हैं।

    नोटबंदी और जीएसटी का असर लंबा नहीं होगा


    - वर्ल्ड बैंक ने बुधवार को 2018 के लिए ‘ग्लोबल इकोनॉमिक्स प्रॉस्पेक्ट’ टाईटिल से एक रिपोर्ट जारी की है। इसमें इस साल के लिए दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं पर जानकारी दी गई है।

    - रिपोर्ट में भारत का खास तौर पर जिक्र किया गया है। इसमें कहा गया है कि इस साल भारत का ग्रोथ रेट 7.3% और अगले दो साल में 7.5% रह सकता है।

    - इसमें जीएसटी और नोटबंदी का जिक्र भी है। कहा गया है कि इन दो कदमों का असर कुछ वक्त के लिए है। इसकी वजह से 2017 में ग्रोथ रेट 6.7% रहा।

    अगले 10 साल में भारत की उम्मीदें

    - न्यूज एजेंसी को दिए इंटरव्यू में डेवलपमेंट प्रॉस्पेक्ट्स ग्रुप, वर्ल्ड बैंक के डाइरेक्टर अह्यान कोसे ने कहा- इमर्जिंग इकोनॉमी वाले देशों की बात करें तो भारत आने वाले

    10 साल में सबसे ज्यादा ग्रोथ रेट दर्ज करने वाला देश होगा। इसलिए मैं शॉर्ट टर्म में मिले नंबर्स (ग्रोथ रेट) पर फोकस नहीं कर रहा हूं।
    - कोसे ने आगे कहा, “मैं सिर्फ बड़े पैमाने पर चीजों को देख रहा हूं। जब मैं ऐसा करता हूं तो ये साफ हो जाता है कि भारत में असीम (enormous) संभावनाएं हैं।”

    भारत से पीछे हो जाएगा चीन

    - कोसे ने चीन की इकोनॉमी के बारे में कहा, भारत से तुलना करें तो चीन की रफ्तार अब धीमी हो रही है। वर्ल्ड बैंक ये मानता है कि भारत धीरे-धीरे इसी रफ्तार से आगे

    बढ़ता रहेगा। आप पिछले तीन साल के आंकड़े देख लीजिए। भारत की इकोनॉमिक हेल्थ के लिहाज से तो ये बहुत बेहतर हैं।
    - कोसे ने कहा- आप पिछले साल (2017) के आंकड़े ही देख लीजिए। भारत और चीन के बीच इकोनॉमिक ग्रोथ में सिर्फ 0.1 फीसदी का फर्क रहा। 2018 में चीन का

    ग्रोथ रेट 6.4% रह सकता है जबकि भारत इसी दौरान 7.3% के रेट से आगे बढ़ेगा।
    - रिपोर्ट के मुताबिक, सिर्फ इसी साल नहीं बल्कि अगले दो साल में भी ग्रोथ रेट के हिसाब से चीन भारत से पीछे रह जाएगा। दरअसल, इस दौरान भारत का ग्रोथ रेट

    7.5% रहेगा जबकि चीन 6.3 और 6.2% के आसपास रहेगा।

    भारत को क्या करना होगा?

    - कोसे ने कहा- भारत को अपनी उम्मीदें हकीकत में बदलने के लिए इन्वेस्टमेंट बढ़ाना होगा। नॉन परफॉर्मिंग लोन और ऐसी ही दूसरी चीजों से बचना होगा। इसके

    अलावा लेबर, एजुकेशन और हेल्थ रिफॉर्म्स को भी ज्यादा बेहतर बनाना होगा। भारत की डेमोग्राफिक प्रोफाइल भी बाकी देशों से उसे बेहतर बनाती है।

    GST टर्निंग प्वॉइंट

    - रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कोसे ने कहा- भारत सरकार इकोनॉमी को लेकर बहुत सीरियस है और जीएसटी इस मामले में एक टर्निंग प्वॉइंट साबित हो सकता है। यह

    प्रोग्राम भारत के लिए लिहाज से बहुत अहम है। जो दिक्कतें हैं उसे भारत सरकार दूर करने में जुटी हुई है। हम मानते हैं कि भारत के सामने कई चैलेंज भी हैं।
    - कोसे ने कहा कि जीएसटी और नोटबंदी का असर ज्यादा देर तक नहीं रहने वाला। इसके नतीजे पहले ही सामने आने लगे हैं। सरकार भी ये जानती है। लेकिन, कुल

    मिलाकर भारत के लिए आने वाला वक्त बेहतर होगा।

    मूडीज ने भी 13 साल बाद बढ़ाई है रैंकिंग

    - इंटरनेशनल रेटिंग एजेंसी मूडीज ने पिछले साल नवंबर में रिपोर्ट जारी की थी। खास बात ये है कि इसमें 13 साल बाद भारत की रेटिंग ‘बीएए3’ से बढ़ाकर ‘बीएए2’

    की गई थी।
    - तब मूडीज ने कहा था- नोटबंदी और जीएसटी जैसे बड़े इकोनॉमिक रिफॉर्म्स की वजह से भारत में विकास की संभावनाएं बेहतर हुई हैं। आउटलुक ‘पॉजिटिव’ से

    घटाकर ‘स्थिर’ किया था। मूडीज ने 2004 में ‘बीएए3’ रेटिंग दी थी और 2005 में आउटलुक ‘स्थिर’ से ‘पॉजिटिव’ किया था। बीएए2 सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग नहीं है। मूडीज

    ने 1988 में भारत को ए2 रैंकिंग दी थी, जो अभी से 3 रैंकिंग ज्यादा थी। उस वक्त राजीव गांधी पीएम थे।

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    वर्ल्ड बैंक ने बुधवार को 2018 के लिए ‘ग्लोबल इकोनॉमिक्स प्रॉस्पेक्ट’ टाईटिल से एक रिपोर्ट जारी की है। इसमें इस साल के लिए दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं पर जानकारी दी गई है। - सिम्बॉलिक
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Web Title: India Has Enormous Growth Potential Compared To Other Emerging Economies The World Bank Said.
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