Hindi News »National »Latest News »National» Narendra Modi Says Congress-Free India Slogan Was About Eradicating Congress Culture Of Casteism, Dynastic Rule And Corruption

कांग्रेस मुक्त भारत का मतलब किसी दल से नहीं, जातिवाद-परिवारवाद की संस्कृति से मुक्ति है: मोदी

प्रधानमंत्री नरेेंद्र मोदी ने कहा कि कांग्रेस मुक्त भारत का मतलब किसी राजनीतिक दल तक सीमित नहीं है।

DainikBhaskar.com | Last Modified - Jan 21, 2018, 10:31 PM IST

  • कांग्रेस मुक्त भारत का मतलब किसी दल से नहीं, जातिवाद-परिवारवाद की संस्कृति से मुक्ति है: मोदी, national news in hindi, national news
    +1और स्लाइड देखें
    संसद हमले की बरसी के मौके पर पार्लियामेंट में हुई सेरेमनी के दौरान राहुल गांधी, सोनिया गांधी और नरेंद्र मोदी। - फाइल

    नई दिल्ली.प्रधानमंत्री नरेेंद्र मोदी ने कहा कि कांग्रेस मुक्त भारत का मतलब किसी राजनीतिक दल तक सीमित नहीं है। प्रधानमंत्री ने कहा कि ये उस संस्कृति से मुक्ति की बात है, जिसमें जातिवाद-परिवारवाद और भ्रष्टाचार जैसी चीजें हैं। प्रधानमंत्री ने ये बातें एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में कहीं। इस दौरान मोदी ने ट्रिपल तलाक, चुनावों, आतंकवाद पर भी बात की।

    किन मुद्दों पर मोदी ने क्या कहा?

    1) कांग्रेस मुक्त भारत
    - न्यूज चैनल पर इंटरव्यू में नरेंद्र मोदी ने कहा, "हमारे देश में राजनीति की मुख्य धारा कांग्रेस रही है। मैं जब कांग्रेस मुक्त भारत की बात करता हूं तो ये संगठन, किसी पॉलिटिकल पार्टी तक सीमित नहीं रहता। कांग्रेस एक कल्चर के रूप में देश में फैला हुआ है। आजादी के पहले भी कांग्रेस का कल्चर था, जिसने जवानों को देश के लिए मरने-मिटने के लिए तैयार किया। आजादी के बाद जातिवाद, परिवारवाद, भ्रष्टाचारी शिष्टाचार, धोखा देना, सत्ता को दबोचकर रखना राजनीतिक कल्चर का हिस्सा बन गए और इसकी मुख्यधारा कांग्रेस थी। कांग्रेस के लोग भी कहते हैं कि कांग्रेस एक सोच है। मैं उस सोच की ही बात करता हूं। मैं जब कांग्रेस मुक्त कहता हूं तो ये कहता हूं कि खुद कांग्रेस पार्टी भी कांग्रेस के कल्चर से मुक्त हो जाए। मैं उन बुराइयों से मुक्ति के पक्ष में हूं। देश की राजनीतिक दलों, उनके चरित्र और आने वाली पीढ़ियों को इससे बचाना होगा। कांग्रेस मुक्त भारत, केवल कांग्रेस पार्टी तक सीमित नहीं है। कांग्रेस मुक्त भारत शब्द कल्चर के लिए दिया, कांग्रेस को भी कांग्रेस मुक्त करना होगा। मैं कल्चर की बात कर रहा हूं।"

    2) ट्रिपल तलाक
    - ट्रिपल तलाक बिल के राज्यसभा में अटकने पर मोदी ने कहा, "दल से बड़ा देश होता है। मैं ये मानता हूं कि राजीव गांधी के जमाने में कांग्रेस जो गलती कर चुकी थी, उससे वो सबक सीखी होगी। दुनिया के इस्लामिक देशों ने भी कानून बदले हैं। ट्रिपल तलाक पर कानून के बारे में कांग्रेस या वोटबैंक की राजनीति करने वाले दल नारी सम्मान, महिला सशक्तिकरण के भाव से सोचेंगे। कांग्रेस इस अच्छे सामाजिक काम को क्यों नहीं समझ पाई, ये चिंता का विषय है। मुस्लिम महिलाओं को हक देने के लिए ये कदम उठाया गया, इसे अगर नहीं समझ पाए वो लोग तो पीड़ा होती है कि राजनीति कितनी नीचे चली गई। क्या सत्ता की इतनी बड़ी भूख है कि निर्दोष माताओं-बहनों को पीड़ा होते देखते रहेंगे। गरीब मुस्लिम बहनों की रक्षा के काम में भी ऐसा किया। हो सकता है कि भीतर उन्हें पीड़ा होती हो, लेकिन सत्ता की भूख ने उन्हें मजबूर कर दिया हो।'


    3) सुप्रीम कोर्ट
    - सुप्रीम कोर्ट के सीनियर जजों और चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया के मसले पर पीएम ने कहा, "मैं मानता हूं कि मुझे इस पूरे विवाद से खुद को दूर रखना चाहिए। सरकार को और देश के राजनीतिक दलों को भी दूर रहना चाहिए। हमारे देश की ज्यूडिशियरी का उज्ज्वल इतिहास है। वे लोग मिलबैठकर अपने मसलों को सुलझा लेंगे।"
    - मोदी से पूछा गया कि इस मसले पर अपोजिशन प्रधानमंत्री पर आरोप लगा रहा है। मोदी ने कहा, "विरोधियों को भरपूर कोशिश करनी चाहिए मोदी को खत्म करने के लिए, मेरी शुभकामनाएं हैं। जिस रास्तों पर वे लोग चले हैं, उनके उन्हीं कारणों ने मुझे यहां पहुंचाया है।"


    4) नेशनल एंथम

    - सवाल किया गया कि राष्ट्रगान गाने और उसके सम्मान में खड़े होने जैसा मुद्दा भी न्यायपालिका में जा रहा है, इस पर आप क्या कहेंगे?

    - प्रधानमंत्री ने कहा, "न्यायपालिका में कोई मसला ले जाएगा तो वो कैसे मना कर सकती है। जो इस पर सवाल पूछते हैं, उनसे सवाल किया जाना चाहिए।"

    5) लोकसभा-विधानसभा चुनाव
    - देश में लोकसभा-विधानसभा चुनाव एक साथ कराने के मसले पर मोदी ने कहा, "ये विषय लाने वाला मैं पहला व्यक्ति नहीं हूं। भारत के पूर्व राष्ट्रपति, संविधान के जानकार लोग भी यही बात कह चुके हैं। कुछ व्यावहारिक बातें हैं, िजनके बारे में हमें सोचना चाहिए। भारत की डेमोक्रेसी बहुत मेच्योर हुई है। हिंदुस्तान का नागरिक स्कूल गया है कि नहीं, लेकिन दूध का दूध और पानी का पानी समझ लेता है। 67 के पहले हमारे देश में लोकसभा-विधानसभा चुनाव एकसाथ होते थे। जनता दोनों जगह अलग-अलग फैसले भी करती थी। भारत के मतदाताओं की समझदारी पर शक करने की जरूरत नहीं है। इसे भी नियमों में बांधेंगे तो देश चलेगा और चलना चाहिए। 2009 में लोकसभा का चुनाव हुआ 1100 करोड़ खर्च हुआ। 2014 में 4 हजार करोड़ खर्च हुआ। स्थानीय निकाय के चुनाव की मतदाता सूची अलग, असेंबली की अलग, लोकसभा की अलग है। आज टेक्नोलॉजी के युग में मतदाता सूची एक नहीं बन सकती है क्या?"
    -"चुनाव में लोकरंजक अर्थनीति भी चलती है। मैं इतना दूंगा, वो इतना देंगे। लोकसभा विधानसभा एक साथ होंगे तो खर्चा, समय बचेगा। लाखों सिक्युरिटी के लोग 100- 150 दिन चुनावी व्यवस्थाओं में लगते हैं। इतना बड़ा देश, इतने सारे खतरों के बावजूद ऐसा होता है। मैं मानता हूं कि एक तारीख तय हो और साथ चुनाव हों। एक महीने के भीतर स्थानीय निकाय के चुनाव हों। बीच में कोई सरकार गिरती है तो बाकी टेन्योर का चुनाव हो। ये एक व्यक्ति, एक दल नहीं कर सकता है। सब लोगों को मिलकर करना होगा।"

    6) आम बजट
    - बजट पर प्रधानमंत्री ने कहा, "बजट पार्लियामेंेट की अमानत होता है। वित्त मंत्री जी और उनका मंत्रालय इसे तैयार करते हैं। इसमें मेरा अड़ंगा डालने का हक नहीं है। देश का आम आदमी ईमानदारी की अपेक्षा करता है। वो चाहता है कि उसके हक का उसे मिल जाए। वो मुफ्त का नहीं चाहता। मैं उस पर भरोसा करता हूं और उसकी आशा-अपेक्षाओं पर खरा उतरकर आगे बढ़ना चाहता हूं। ये देश के विद्वानों को तय करना चाहिए कि देश को मजबूती से आगे बढ़ना है तो जो पॉलिटिकल कल्चर से बाहर निकलना है या फिर उसी पर चलना है।"


    7) किसान
    - किसानों के मसले पर कहा, "ये देश की जिम्मेदारी है, राज्यसरकारों और भारत सरकार की जिम्मेदारी है और नरेंद्र मोदी की जिम्मेदारी है कि किसानों की समस्याओं को सुलझाने का प्रयास करें। हम पीएम फसल बीमा योजना लाए। दुर्भाग्य से कर्नाटक में अकाल आया, उन किसानों को एक सक्रिय सांसद ने 100-125 करोड़ रुपए दिलाए। किसानों को 2% देना है, 98% सरकार को देना है। हमने पानी की व्यवस्था की किसानों के लिए। रिजर्व, डैम बनकर तैयार थे.. पानी नहीं पहुंचा था। हमने इसे अभियान के तौर पर चलाया। हमने जमीन की सेहत के लिए सॉयल हेल्थ कार्ड का अभियान चलाया।"

    8) फॉरेन पॉलिसी और पाकिस्तान
    - भारत की विदेश नीति पर मोदी ने कहा, "भारत की विदेश नीति भारत और विश्व के संदर्भ में होती है। हम किसी एक देश के आसपास विदेश नीति नहीं बनाते हैं। हम किसी को (पाकिस्तान) अलग-थलग करने के लिए नहीं विदेश नीति नहीं बनाते हैं। दुनिया आतंकवाद से जूझ रही है और आतंकवाद के जनक जो होंगे, उनके खिलाफ दुनिया लामबंद हो रही है। ट्रम्प आतंकवाद के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, मैं उनका स्वागत और सम्मान करता हूं। मेरा देश 40 साल से आतंकवाद को झेल रहा है। दुनिया से आतंकवाद खत्म होना चाहिए। जहां तक पाकिस्तान का सवाल है, मैंने हमेशा कहा है कि भारत और पाकिस्तान बहुत लड़ लिए। आओ मिलकर गरीबी, अशिक्षा और बीमारी से लड़ें। ये बातें मैं वहां के अवाम से कहता हूं।"

  • कांग्रेस मुक्त भारत का मतलब किसी दल से नहीं, जातिवाद-परिवारवाद की संस्कृति से मुक्ति है: मोदी, national news in hindi, national news
    +1और स्लाइड देखें
    मोदी ने कहा कि कांग्रेस कल्चर से देश को मुक्त करना जरूरी है। - फाइल
Topics:
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए India News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: Narendra Modi Says Congress-Free India Slogan Was About Eradicating Congress Culture Of Casteism, Dynastic Rule And Corruption
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From National

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×