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कार्ति चिदंबरम के लिए थोड़ी राहत-थोड़ी मुश्किल: CBI 3 दिन और करेगी पूछताछ, ED 20 तक नहीं कर सकेगी गिरफ्तार

यूपीए सरकार के दौरान वित्त मंत्री रहे पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम के लिए शुक्रवार का दिन मिलाजुला रहा।

Danik Bhaskar | Mar 09, 2018, 06:25 PM IST
शुक्रवार को कोर्ट से बाहर कार्ति के पिता पी. चिदंबरम। शुक्रवार को कोर्ट से बाहर कार्ति के पिता पी. चिदंबरम।

नई दिल्ली. यूपीए सरकार के दौरान वित्त मंत्री रहे पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम के लिए शुक्रवार का दिन मिलाजुला रहा। दिल्ली की एक अदालत ने उनको 12 मार्च तक के लिए सीबीआई हिरासत में भेज दिया। पहले उन्हें 9 मार्च तक सीबीआई हिरासत में भेजा गया था। वहीं, दिल्ली हाईकोर्ट ने कार्ति को राहत दी। दिल्ली हाईकोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में उनकी गिरफ्तारी पर 20 मार्च तक रोक लगा दी।

कार्ति पर दो केस: किस मामले में क्या हुआ?


1) INX मीडिया करप्शन केस: कुछ मुश्किल बढ़ी


- इस मामले में कार्ति की सीबीआई हिरासत शुक्रवार को खत्म हुई। जांच एजेंसी ने उन्हें कोर्ट में पेश किया। यहां सीबीआई ने पूछताछ के लिए 6 दिन हिरासत बढ़ाने की मांग की। कोर्ट ने 3 दिन के लिए हिरासत बढ़ा दी। यानी सीबीआई 12 मार्च तक पूछताछ करने के बाद कार्ति को कोर्ट में पेश करेगी।
- सीबीआई ने शुक्रवार को कहा- हमें कार्ति के खिलाफ कुछ और दस्तावेज मिले हैं। इस मामले में उनसे पूछताछ की जानी है।

2) मनी लॉन्ड्रिंग केस: थोड़ी राहत मिली

- दरअसल, कार्ति ने दिल्ली हाईकोर्ट में एक अपील दायर की थी। इसमें उन्होंने कहा था कि 9 मार्च को आईएनएक्स मीडिया मामले में उनकी रिमांड खत्म हो रही है। लेकिन, इनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट यानी ईडी उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार कर सकता है।
- हाईकोर्ट ने इस पर सुनवाई करते हुए 20 मार्च तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।

मायने क्या हुए?

- कार्ति 12 मार्च तक सीबीआई की हिरासत में रहेंगे। अगर इसके बाद उन्हें बेल यानी जमानत मिलती है तो भी ईडी उन्हें 20 मार्च तक गिरफ्तार नहीं कर सकती।
- बता दें कि सीबीआई ने कार्ति को 28 फरवरी की सुबह चेन्नई एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया था। इसके बाद ट्रायल कोर्ट ने उन्हें सीबीआई की कस्टडी में भेज दिया था। कार्ति पर आईएनएक्स मीडिया के एफआईपीबी क्लीयरेंस के लिए करीब 6.5 करोड़ रुपए की रिश्वत लेने का आरोप है।

सीबीआई को किस बात की इजाजत नहीं

- सीबीआई ने स्पेशल कोर्ट से मांग की थी कि इंद्राणी और पीटर मुखर्जी को दिल्ली लाया जाए और कार्ति के साथ उन्हें कुछ जगहों ले जाया जाए। जांच एजेंसी इन जगहों की पहचान कराना चाहती थी। कोर्ट ने इसकी इजाजत नहीं दी।

क्या है INX मामला और कार्ति पर क्या हैं आरोप?

- मनी लॉन्ड्रिंग का यह मामला आईएनएक्स मीडिया कंपनी से जुड़ा है। इसकी डायरेक्टर शीना बोरा हत्याकांड की आरोपी इंद्राणी मुखर्जी थीं।
- कार्ति पर आरोप है कि उन्होंने आईएनएक्स मीडिया के लिए गलत तरीके से फॉरन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड (FIPB) की मंजूरी ली। इसके बाद आईएनएक्स को 305 करोड़ का फंड मिला। इसके बदले में कार्ति को 10 लाख डॉलर (6.5 करोड़ रुपए ) की रिश्वत मिली।
- इसके बाद आईएनएक्स मीडिया और कार्ति से जुड़ी कंपनियों के बीच डील के तहत 3.5 करोड़ का लेनदेन हुआ।
- कार्ति पर यह भी आरोप है कि उन्होंने इंद्राणी की कंपनी के खिलाफ टैक्स का एक मामला खत्म कराने के लिए अपने पिता के रुतबे का इस्तेमाल किया।
- बता दें कि 2002 में पीटर मुखर्जी और इंद्राणी की शादी हुई थी। पीटर स्टार इंडिया के सीईओ रहे हैं। उनकी पत्नी इंद्राणी आईएनएक्स मीडिया की सीईओ रही हैं।
- शीना इंद्राणी की पहली शादी से हुई बेटी थी। जबकि संजीव खन्ना इंद्राणी का दूसरा पति है। पीटर से शादी से पहले इंद्राणी और संजीव का तलाक हुआ था। शीना बोरा की हत्या के आरोप में इंद्राणी फिलहाल भायखला महिला जेल में बंद है।

दिल्ली कोर्ट के बाहर कार्ति चिदंबरम। दिल्ली कोर्ट के बाहर कार्ति चिदंबरम।