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रिपोर्ट: मोदी सरकार में घटे रोजगार, इस साल और बढ़ेगी बेरोजगारी

श्रम मंत्रालय के आकड़ों के आधार पर तैयार आर्थिक सर्वेक्षण (2016-17) में कहा गया है कि रोजगार वृद्धि दर घटी है।

DainikBhaskar.com | Last Modified - Feb 08, 2018, 04:07 PM IST

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नेशनल डेस्क. इन दिनों देश में 'पकौड़ा पॉलिटिक्स' चल रही है। पकौड़े को बेचना रोजगार माना जाए या न नहीं, इसपर विवाद छिड़ा है। जिसकी शुरुआत मोदी के उस बयान से हुई जिसमें उन्होंने कहा कि अगर कोई किसी दफ्तर के नीचे पकौड़े बेचता है तो क्या उसे रोजगार नहीं माना जाए। इस बयान के बाद रोजगार को लेकर बहस शुरू हो गई है। ऐसे में आकड़ों को खंगालने पर पता चलता है कि जब से मोदी पीएम बने हैं तब से बेरोजगारी बढ़ी है। जबकि लोकसभा चुनाव में प्रचार के दौरान मोदी ने आगरा में कहा था कि वो हर साल एक करोड़ रोजगार देंगे।

श्रम मंत्रालय के आकड़ों के आधार पर तैयार आर्थिक सर्वेक्षण (2016-17) में कहा गया है कि रोजगार वृद्धि दर घटी है। रिपोर्ट के मुताबिक साल 2013-14 में देश में बेरोजगारी दर 4.9 फीसदी थी जो अगले एक साल में बढ़कर 5.0 फीसदी हो गई। मोदी सरकार में स्वरोजगार के मौके घटे हैं और नौकरियां कम हुईं हैं।

चार साल से 550 नौकरियां रोज खत्म हो रही है। वहीं मोदी सरकार में महिलाओं की बेरोजगारी दर 8.7 तक पहुंच गई है।

श्रम रोजगार की रिपोर्ट के मुताबिक भारत दुनिया के सबसे ज्यादा बेरोजगारों का देश बन गया है।

साल 2016 में बीजेपी सरकार ने मैन्यूफेक्चरिंग, कंस्ट्रक्शन, ट्रेड समेत 8 प्रमुख सेक्टर में सिर्फ 2 लाख 31 हजार नौकरियां दी हैं।

सेंट्रल फॉर मॉनिटरिंग इंडिया इकोनॉमी प्राइवेट लिमिटेड ने 2017 के शुरुआती 4 महीनों को लेकर एक सर्वे किया था जिसमें पाया कि जनवरी से अप्रैल के बीच करीब 1.5 मिलियन लोगों ने नौकरी गंवाई है। ये सर्वे नोटबंदी के बाद किया गया था।

अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में इस साल बेरोजगारी की दर 3.5 फीसदी तक पहुंच सकती है। ये पिछले साल की तुलना(3.4) में अधिक है।

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