Hindi News »India News »Latest News »National» Reason For The 20 Rupee Note Color Pink

20 रुपए का नोट क्यों होता है गुलाबी, धारक को वचन देता हूं... का मतलब क्या है?

DainikBhaskar.com | Last Modified - Feb 07, 2018, 01:19 PM IST

20 रुपए के नोट का रंग एक शादी के कार्ड को देखकर डिसाइड किया गया था।
20 रुपए का नोट क्यों होता है गुलाबी, धारक को वचन देता हूं... का मतलब क्या है?, national news in hindi, national news

स्पेशल डेस्क. भारत में पांच सौ और हजार के पुराने नोटों को बंद करने की घोषणा के बाद कई तरह की अफवाहें उड़ीं। कुछ ने कहा कि अब नए नोटों में ट्रेकर होगा तो कुछ ने उनके रंग को लेकर बात की। बाद में अफवाहों पर विराम लगा और मार्केट में नए नोट आ गए। लेकिन क्या कभी आपकी दिलचस्पी 20 के उन पुराने नोटों में रही है जिसका रंग आज भी गुलाबी ही होता है। 20 के नोट का रंग गुलाबी क्यों होता है? क्यों लिखते हैं कि मैं धारक को 20 रुपए अदा करने का वचन देता हूं। इंदिरा गांधी से जुड़ी है कहानी...

इंदिरा ने बुलाई थी मीटिंग

20 के नोट गुलाबी होने के पीछे एक दिलचस्प कहानी है जो इंदिरा गांधी से जुड़ी है। बात तब की है जब इंदिरा प्रधानमंत्री थीं। उन्होंने 20 रुपए के नोट को जारी करने से पहले एक मीटिंग बुलाई थी। जिसमें ये फैसला लिया जाना था कि नोट का रंग कैसा होना चाहिए। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्य सचिव पी डी कासबेकर भी मीटिंग में शामिल थे।

जेब पर टिक गई इंदिरा की नजर

बैठक के बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ, लेकिन काफी देर बाद भी कोई भी फैसले पर नहीं पहुंच पा रहा था। तभी अचानक सबने देखा कि इंदिरा की नजर कासबेकर की जेब की तरफ है। वो एकटक बस जेब को ही देखे जा रही थीं। किसी को समझ नहीं आया कि आखिर इंदिरा कासबेकर की जेब में क्या देख रही हैं।

जेब से निकलवाया लिफाफा
इंदिरा ने कासबेकर से कहा कि उनकी जेब में जो लिफाफा रखा है उसे बाहर निकालें। लिफाफे की तरफ इशारा करते हुए इंदिरा ने कहा कि मुझे ये रंग पसंद है। 20 का नोट भी इसी रंग का होना चाहिए। दरअसल वो लिफाफा एक शादी का कार्ड था।

1 जून 1972 में छपा नोट
आजादी के बाद पहली बार RBI ने 1 जून 1972 को गुलाबी रंग में 20 रुपए का नोट छापा। 20 के नोट के रंग के बारे में ये दिलचस्प कहानी दिलीप कांवरा ने अपने आर्टिकल में किया था। जो 3 सितंबर 2010 को बिजनेस स्टैंडर्ड में 'द कलर ऑफ मनी' नाम से पब्लिश हुआ था।

क्यों लिखा होता है 'मैं धारक को 100 रुपए देने का वचन देता हूं'
RBI जितने की करंसी प्रिंट करती है उसी कीमत का गोल्ड अपने पास सुरक्षित रखती है। यानि RBI अगर दस का नोट छाप रहा है तो उतने का सोना अपने पास रखती है। यही वजह है कि हर नोट पर लिखा होता है कि मैं धारक को वचन देता हूं...। जिसका मतलब है कि वो धारक को विश्वास दिलाता है कि अगर आपके पास एक सौ रुपए हैं तो रिजर्व बैंक के पास सौ रुपए का सोना रिजर्व है।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए India News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: 20 rupaye ka note kyon hotaa hai gaulaabi, dhaark ko vchn detaa hun... ka mtlb kyaa hai?
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

Stories You May be Interested in

      रिजल्ट शेयर करें:

      More From National

        Trending

        Live Hindi News

        0
        ×