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20 रुपए का नोट क्यों होता है गुलाबी, धारक को वचन देता हूं का मतलब क्या है?

20 रुपए की नोट का रंग एक शादी के कार्ड को देखकर डिसाइड किया गया था।

DainikBhaskar.com | Last Modified - Feb 07, 2018, 12:44 PM IST

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स्पेशल डेस्क. भारत में पांच सौ और हजार के पुराने नोटों को बंद करने की घोषणा के बाद कई तरह की अफवाहें उड़ीं। कुछ ने कहा कि अब नए नोटों में ट्रेकर होगा तो कुछ ने उनके रंग को लेकर बात की। बाद में अफवाहों पर विराम लगा और मार्केट में नए नोट आ गए। लेकिन क्या कभी आपकी दिलचस्पी 20 के उन पुराने नोटों में रही है जिसका रंग आज भी गुलाबी ही होता है। 20 के नोट का रंग गुलाबी क्यों होता है? क्यों लिखते हैं कि मैं धारक को 20 रुपए अदा करने का वचन देता हूं। इंदिरा गांधी से जुड़ी है कहानी...

इंदिरा ने बुलाई थी मीटिंग

20 के नोट गुलाबी होने के पीछे एक दिलचस्प कहानी है जो इंदिरा गांधी से जुड़ी है। बात तब की है जब इंदिरा प्रधानमंत्री थीं। उन्होंने 20 रुपए के नोट को जारी करने से पहले एक मीटिंग बुलाई थी। जिसमें ये फैसला लिया जाना था कि नोट का रंग कैसा होना चाहिए। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्य सचिव पी डी कासबेकर भी मीटिंग में शामिल थे।

जेब पर टिक गई इंदिरा की नजर

बैठक के बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ, लेकिन काफी देर बाद भी कोई भी फैसले पर नहीं पहुंच पा रहा था। तभी अचानक सबने देखा कि इंदिरा की नजर कासबेकर की जेब की तरफ है। वो एकटक बस जेब को ही देखे जा रही थीं। किसी को समझ नहीं आया कि आखिर इंदिरा कासबेकर की जेब में क्या देख रही हैं।

जेब से निकलवाया लिफाफा
इंदिरा ने कासबेकर से कहा कि उनकी जेब में जो लिफाफा रखा है उसे बाहर निकालें। लिफाफे की तरफ इशारा करते हुए इंदिरा ने कहा कि मुझे ये रंग पसंद है। 20 का नोट भी इसी रंग का होना चाहिए। दरअसल वो लिफाफा एक शादी का कार्ड था।

1 जून 1972 में छपा नोट
आजादी के बाद पहली बार RBI ने 1 जून 1972 को गुलाबी रंग में 20 रुपए का नोट छापा। 20 के नोट के रंग के बारे में ये दिलचस्प कहानी दिलीप कांवरा ने अपने आर्टिकल में किया था। जो 3 सितंबर 2010 को बिजनेस स्टैंडर्ड में 'द कलर ऑफ मनी' नाम से पब्लिश हुआ था।

क्यों लिखा होता है 'मैं धारक को 100 रुपए देने का वचन देता हूं'
RBI जितने की करंसी प्रिंट करती है उसी कीमत का गोल्ड अपने पास सुरक्षित रखती है। यानि RBI अगर दस का नोट छाप रहा है तो उतने का सोना अपने पास रखती है। यही वजह है कि हर नोट पर लिखा होता है कि मैं धारक को वचन देता हूं...। जिसका मतलब है कि वो धारक को विश्वास दिलाता है कि अगर आपके पास एक सौ रुपए हैं तो रिजर्व बैंक के पास सौ रुपए का सोना रिजर्व है।

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