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दहलीज न लांघे पाकिस्तान, हमारे पास आगे के विकल्प भी हैं - आर्मी चीफ बिपिन रावत

आर्मी चीफ ने कहा कि पाक की इन हरकतों से यहां के लोगों से ज्यादा बार्डर पार के लोगों को नुकसान हो रहा है।

Danik Bhaskar | Mar 13, 2018, 06:52 PM IST
आर्मी चीफ ने कहा कि हम अपनी शर्तों पर पाकिस्तान से सीजफायर पर बात करेंगे। - फाइल आर्मी चीफ ने कहा कि हम अपनी शर्तों पर पाकिस्तान से सीजफायर पर बात करेंगे। - फाइल

नई दिल्ली. इंडियन आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत ने मंगलवार को कहा- "भारत-चीन के बीच हर साल होने वाला हैंड इन हैंड सैन्य अभ्यास फिर शुरू होगा। डोकलाम विवाद के बाद दोनों देशों के रिश्ताें में आई खटास दूर हो रही है।" आर्मी चीफ ने ये भी कहा कि चीन अर्थव्यवस्था के साथ-साथ सेना पर खर्च करना नहीं भूला और यही वजह है कि आज वो अमेरिका को चुनौती दे पा रहा है।

और क्या बोले आर्मी चीफ, 5 प्वाइंट

1) डोकलाम पर होगी बात

- रावत ने कहा, "हर साल दोनों देशों की सेनाओं के बीच होने वाला हैंड इन हैंड अभ्यास पिछले साल स्थगित हो गया था। अब अभ्यास फिर पटरी पर है। डोकलाम विवाद के बाद चीन के साथ मिलिटरी डिप्लोमेसी कामयाब रही है, इसे आगे बढ़ा रहे हैं। कुछ समय बाद रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण चीन दौरे पर जा रही हैं। इस दौरान वहां डोकलाम मुद्दे को लेकर बात होगी।"

2) पाकिस्तान गतिविधि बढ़ाएगा तो हमारे पास भी विकल्प

- रावत ने पाकिस्तान को चेतावनी दी कि अगर वह बॉर्डर पार से गतिविधियां बढ़ाएगा तो आर्मी के पास अगले लेवल पर जाने का विकल्प है। पाकिस्तान के लगातार सीजफायर उल्लंघन से भारत के लोगों से ज्यादा बाॅर्डर पार के लोगों को नुकसान हो रहा है।

3) डिफेंस बजट का 35% राष्ट्र निर्माण पर खर्च होता है

- जनरल बिपिन रावत ने कहा, "आम धारणा है कि रक्षा खर्च (बजट) देश पर बोझ है। लोगों का मानना है कि जो कुछ भी डिफेंस पर खर्च किया जाता है, उसका कोई रिटर्न नहीं है। मैं इस मिथक को दूर करना चाहता हूं। दूसरा मिथक है कि पूरे रक्षा बजट का इस्तेमाल सेना को बनाए रखने के लिए ही किया जाता है, जबकि हमारे बजट का करीब 35% राष्ट्र निर्माण में खर्च होता है।"

4) निवेशकों की सुरक्षा जरूरी

- आर्मी चीफ ने कहा, "हम बॉर्डर पर विकास कार्य करके सुदूर इलाकों में बसे लोगों को जोड़ते हैं। इससे देश को एकजुट करने में मदद मिलती है। अगर आपके देश की अर्थव्यवस्था अच्छी हो रही है, तो आपको देश में निवेश करने वालों की सुरक्षा भी करनी होती है।"

5) भारत की तरफ देख रही है दुनिया

- रावत बोले, "चीन नहीं भूला कि सैन्य ताकत और अर्थव्यवस्था बराबरी से बढ़नी चाहिए। यही वजह है कि चीन आज इस हालत में है कि वह अमेरिका को चुनौती दे सकता है। इसी कारण अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की तरफ ध्यान देना शुरू किया है। चीन का प्रभाव बढ़ने के साथ ही दुनियाभर के देशों ने भारत की ओर देखना शुरू कर दिया है। क्या हम एक ऐसा देश बन सकते हैं, जो चीन की बढ़ती ताकत को बैलेंस कर सके।''

आर्मी चीफ ने कहा चीन के साथ मिलिटरी डिप्लोमैसी कामयाब रही है, इसे आगे बढ़ा रहे हैं।- फाइल आर्मी चीफ ने कहा चीन के साथ मिलिटरी डिप्लोमैसी कामयाब रही है, इसे आगे बढ़ा रहे हैं।- फाइल