• Home
  • National
  • fm says Centre committed to giving funds to Andhra Pradesh equal to special state
--Advertisement--

आंध्र प्रदेश को स्पेशल स्टेट का दर्जा नहीं; स्पेशल कैटेगरी वाले राज्यों के बराबर फाइनेंशियल मदद दी जाएगी- अरुण जेटली

14वां फाइनेंस कमीशन लागू होने के बाद अब राज्य को स्पेशल कैटेगरी का दर्जा नहीं दिया जा सकता।

Danik Bhaskar | Mar 07, 2018, 08:39 PM IST
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया कि 14वें फाइनेंस कमीशन लागू होने के बाद स्पेशल स्टेट का दर्जा सिर्फ नॉर्थ-ईस्ट और पहाड़ी राज्याें को दिया जा सकता है। -फाइल वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया कि 14वें फाइनेंस कमीशन लागू होने के बाद स्पेशल स्टेट का दर्जा सिर्फ नॉर्थ-ईस्ट और पहाड़ी राज्याें को दिया जा सकता है। -फाइल

नई दिल्ली. आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर तेलुगु देश पार्टी (टीडीपी) और मोदी सरकार के बीच लम्बे वक्त से तनातनी चल रही है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बुधवार को कहा कि सरकार आंध्र प्रदेश को स्पेशल पैकेज देने को तैयार है, लेकिन विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिया जा सकता है। इससे पहले चंद्रबाबू नायडू ने कहा था कि हम गुस्सा नहीं हैं। हम सिर्फ अपने हक की बात कर रहे हैं। सरकार अपनी सोच साफ करे। उधर, टीडीपी सांसद टीजी वेंकटेश ने कहा कि एनडीए से अलग होने के बारे में आखिरी फैसला पार्टी चीफ चंद्रबाबू नायडू को लेना है और अभी सभी ऑप्शन खुले हैं। ऐसा चर्चा है कि मांग पूरी न होने पर टीडीपी एनडीए से गठबंधन तोड़ सकती है।

जेटली बोले: विकास के लिए हम कमिटेड हैं

- अरुण जेटली ने कहा- "केंद्र सरकार डीटीपी की मांग से सहमत नहीं है। हालांकि, पहले से घोषित स्पेशल पैकेज के बराबर रकम मुहैया कराने के लिए तैयार है। इसके लिए हम कमिटेड हैं। चौदहवें वित्त आयोग के तहत किसी को भी विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिया जा सकता। आयोग की रिपोर्ट के बाद यह बदलाव आया है कि हम इसे औपचारिक रूप से विशेष दर्जा कहने के स्थान पर विशेष पैकेज कह रहे हैं।"

राजनीतिक लाभ के लिए फैसला नहीं लेंगे
- उन्होंने कहा- "राजनीतिक फायदा वाली सोच से फैसला नहीं किया जा सकता। केन्द्र सरकार लगातार कहती आई है कि हम एडिशनल मदद देने के लिए तैयार हैं। विशेष दर्जा वास्तव में पूर्वोत्तर के उन राज्यों को मिलता है, जिनके स्वयं के संसाधन नहीं हैं।"

चंद्रबाबू नायडू ने कहा- हम गुस्सा नहीं हैं
- आंध्र प्रदेश विधानसभा में बुधवार को चंद्रबाबू नायडू ने कहा, "आप हमें स्पेशल स्टेट का दर्जा क्यों नहीं दे रहे हैं, यह हमारा हक है। जनता की भावनाओं की कद्र करें। केंद्र अपनी स्थिति साफ करे। हम गुस्सा नहीं हैं। हम सिर्फ अपने हक की बात कर रहे हैं। विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर मैं 29 बार दिल्ली जा चुका हूं।"

- बता दें कि आम बजट में आंध्रपदेश के लिए कोई स्पेशल पैकेज का एलान नहीं किए जाने के बाद से चंद्रबाबू नायडू सहित कई मंत्री केन्द्र सरकार के प्रति नाराजगी जाहिर कर चुके हैं।


सांसद बोले- सभी ऑप्शन खुले हैं
- टीडीपी सांसदों ने अपनी मांगों को लेकर लगातार तीसरे दिन बुधवार को संसद के अंदर हंगामा किया। इसके पहले उन्होंने संसद भवन परिसर में नारेबाजी की सांसद टीजी वेंकटेश ने कहा कि आंध्र प्रदेश के लोग मौजूदा स्थिति को स्वीकार नहीं करेंगे। दो विकल्प हैं- हम (गठबंधन) से धीरे-धीरे तरीके से अलग हो सकते हैं या इस बारे में फौरन घोषणा की जा सकती है।"
- कांग्रेस के साथ हाथ मिलाने के बारे में पूछे जाने पर श्री वेंकटेश ने कहा कि कांग्रेस भी दोषी है, लेकिन हम देखते हैं कि क्या संभावनाएं बनती हैं।

किन राज्यों के पास है विशेष राज्य का दर्जा?
- असम
- नगालैंड
- जम्मू और कश्मीर
- अरुणाचल प्रदेश
- मणिपुर
- मेघालय
- मिजोरम
- सिक्किम
- त्रिपुरा
- उत्तराखंड
- हिमाचल प्रदेश

क्या फायदा होता है विशेष राज्य का दर्जा मिलने से

- विशेष राज्य का दर्जा मिलने वाले राज्य को केंद्र सरकार कोई सहायता 90 फीसदी अनुदान के रूप में और 10 फीसदी कर्ज के रूप में देती है।

- वहीं, सामान्य कैटेगरी के राज्यों को आर्थिक पैकेज में 70 प्रतिशत कर्ज और 30 प्रतिशत अनुदान होता है।

आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि केन्द्र जनता की भावनाओं की कद्र करे।  हम सिर्फ अपना हक मांग रहे हैं। -फाइल आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि केन्द्र जनता की भावनाओं की कद्र करे। हम सिर्फ अपना हक मांग रहे हैं। -फाइल