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राजकोट में बुजुर्ग ने लगाई मनमोहन की क्लास, कहा- आप UPA सरकार के करप्शन पर क्यों नहीं बोलते

पूर्व पीएम मनमोहन सिंह राजकोट में थे। वह सभास्थल से लौट रहे थे, तभी बुजुर्ग मनसुखभाई ने उन्हें आवाज लगाई। मनमोहन रुके तो

Danik Bhaskar | Dec 08, 2017, 08:28 AM IST
राजकोट में गुरुवार को एक बुजुर्ग ने आवाज देकर मनमोहन सिंह को रोक लिया और करप्शन पर सवाल पूछा। राजकोट में गुरुवार को एक बुजुर्ग ने आवाज देकर मनमोहन सिंह को रोक लिया और करप्शन पर सवाल पूछा।

राजकोट. नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ राजकोट में हुई घटना का जिक्र किया। दरअसल, राजकोट में मनसुख भाई नाम के एक बुजुर्ग शख्स ने मनमोहन को रोककर उन्हें यूपीए सरकार के दौरान हुए करप्शन की एक किताब थमा दी थी। मनसुख ने मनमोहन से सवाल किया- आप अपनी सरकार के दौरान हुए घोटालों पर क्यों नहीं बोलते? मोदी ने बनासकांठा के भाबर में इस घटना का जिक्र किया। कहा- मनसुख काका को बधाई। उन्होंने मनमोहन को सच्चाई बता दी। बता दें कि मनसुख के सवाल पर मनमोहन ने बिना कोई जवाब दिए बस हाथ जोड़ लिए थे।

मोदी ने क्या कहा?

- मोदी ने कहा- आप जानते हैं राजकोट में क्या हुआ? डॉक्टर मनमोहन सिंह मीडिया से मिले और इसके बाद एक बुजुर्ग शख्स मनसुख काका उनसे मिलने पहुंच गए। उन्होंने मनमोहन सिंह को यूपीए सरकार के दौरान हुए घोटालों की एक किताब सौंप दी। मैं मनसुख काका को बधाई देता हूं। उन्होंने सच्चाई और ईमानदार सरकार के लिए आवाज उठाई।

- पूर्व पीएम मनमोहन सिंह राजकोट में थे। वह सभास्थल से लौट रहे थे, तभी बुजुर्ग मनसुखभाई ने उन्हें आवाज लगाई। मनमोहन रुके तो मनसुख ने उन्हें एक किताब दिखाकर कहा कि आपके शासन में करोड़ों रुपए के घोटाले हुए, आप उन पर क्यों नहीं बोले? इस पर मनमोहन ने हाथ जोड़ लिए।

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1) आर्थिक नीतियों की आलोचना की
- मनमोहन सिंह ने राजकोट में मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों की आलोचना की। खासकर नोटबंदी और जीएसटी को गलत बताया।
- उन्होंने कहा- "नरेंद्र मोदी ने गुजरातियों के भरोसे को तोड़ने के साथ उन्हें धोखा भी दिया है। गुजरात की जनता ने नोटबंदी के मोदी जी के फैसले का यह सोच का समर्थन किया कि उनके त्याग से शायद देश को फायदा हो जाए पर ऐसा नहीं हुआ। उनकी उम्मीदें और भरोसा टूट गया। 99% पुराने नोट बैंक में आ गए और काले धन को सफेद बना लिया गया।"
- "इससे छोटे और मझोले उद्योगों को सबसे तगड़ी चोट लगी और लाखों नौकरियां चली गईं, जबकि नई नौकरियों के मौके नहीं बन रहे।"

2) मोदी करप्शन पर कार्रवाई करें
- मनमोहन ने कहा- "उनकी यूपीए सरकार के दौरान करप्शन के आरोपियों पर सख्त कार्रवाई होती थी और अगर मोदी जी भी भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के दावे करते हैं तो उन्हें बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के बेटे की कंपनी पर लगे आरोपों समेत अन्य आरोपों की जांच करानी चाहिए।"

3) राम मंदिर पर कुछ भी कहने से इनकार किया
- मनमोहन सिंह ने राम मंदिर से जुड़े एक सवाल पर केवल यही कहा कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट में है। इसलिए वह इस पर वह कुछ नहीं कहना चाहते। कोर्ट का जो भी फैसला होगा, वह मान्य होगा।

4) नर्मदा प्रोजेक्ट को लेकर मोदी मुझसे कभी नहीं मिले
- सिंह ने कहा- जहां तक मुझे ध्यान है, नर्मदा प्रोजेक्ट को लेकर मोदी मुझसे प्रधानमंत्री रहते कभी नहीं मिले।

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