Hindi News »India News »Latest News »National» RBI Said Old Home And Auto Loans Expected To Be Cheap From April

एक अप्रैल से पुराने होम और ऑटो लोन सस्ते होने की उम्मीद: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया

Bhaskar News | Last Modified - Feb 08, 2018, 09:00 AM IST

रिजर्व बैंक ने बैंकों के बेस रेट को एमसीएलआर से लिंक करने का फैसला किया है।
  • एक अप्रैल से पुराने होम और ऑटो लोन सस्ते होने की उम्मीद: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया, national news in hindi, national news
    +1और स्लाइड देखें
    मार्जिनल कॉस्‍ट आधारित लेडिंग रेट यानी एमसीएलआर अरेंजमेंट रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने 1 अप्रैल 2016 से शुरू की थी। (फाइल)

    नई दिल्ली.एक अप्रैल से पुराने होम और ऑटो लोन की ब्याज दर में कमी आने और कस्टमर्स पर ईएमआई का बोझ कम होने की उम्मीद है। रिजर्व बैंक ने बैंकों के बेस रेट को एमसीएलआर से लिंक करने का फैसला किया है। रिजर्व बैंक ने बुधवार को मॉनिटरी पॉलिसी रिव्यू के बाद एक बयान में यह जानकारी दी। इसमें कहा गया कि आरबीआई के बार-बार चिंता जताने के बाद भी बैंकों ने बेस रेट पर जारी किए गए पुराने लोन को एमसीएलआर व्यवस्था में ट्रांसफर नहीं किया है। इसी के मद्देनजर आरबीआई ने यह फैसला लिया है।

    एमसीएलआर रघुराम राजन ने शुरू की थी

    - मार्जिनल कॉस्‍ट आधारित लेडिंग रेट यानी एमसीएलआर अरेंजमेंट रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने 1 अप्रैल 2016 से शुरू की थी। इसके बाद से बैंक नए कर्ज एमसीएलआर के आधार पर ही देते हैं।

    - रिजर्व बैंक का मानना है कि एमसीएलआर पॉलिसी रेट्स के प्रति ज्यादा संवेदनशील है। इसमें कटौती का फायदा ग्राहकों को तेजी से मिलेगा, लेकिन देखने में यह आया था कि बैंक बेस रेट के तहत ग्राहकों को पॉलिसी रेट में कटौती का फायदा उतना नहीं दे रहे थे जितना देना चाहिए।

    - बड़े पैमाने पर बैंकों के लोन अभी भी बेस रेट पर हैं। एमसीएलआर व्यवस्था के तहत सभी बैंकों को एक ही फार्मूले के आधार पर लेडिंग रेट तय करनी होती है। जबकि बेस रेट और बीपीएलआर के तहत बैंक अपने कर्ज की न्यूनतम दर तय करने के लिए अपना-अपना तरीका अपनाते हैं।

    मॉनिटरी पॉलिसी की मुख्य बातें

    - आरबीआई ने बुधवार को मॉनिटरी पॉलिसी की रिव्यू मीटिंग की। इसमें रेपो रेट 6% और रिवर्स रेपो रेट 5.75% को जस का तस रखा। अब आरबीआई मौद्रिक नीति की अगली समीक्षा 4-5 अप्रैल को करेगा।

    - एमएसएफ रेट और बैंक रेट 6.25% पर कायम रखा। एमपीसी के 5 सदस्य दरें यथावत रखने के पक्ष में रहे। एक सदस्य ने दरें 0.25% बढ़ाने के पक्ष में वोट दिया।
    - आरबीआई ने मॉनिटरी पॉलिसी का रुख 'न्यूट्रल' रखा है।
    - 7वें वेतन आयोग में एचआरए बढ़ने से महंगाई बढ़ने का अंदेशा।
    - जनवरी-मार्च के लिए महंगाई दर का लक्ष्य बढ़ाकर 5.1% किया।

    एमएसएमई को लोन चुकाने के लिए 180 दिन तक की मोहलत
    - रिजर्व बैंक ने नोटबंदी-जीएसटी के लागू होने से प्रभावित हुए एमएसएमई सेक्टर को राहत दी है। वे अब अपने कर्ज का बकाया 180 दिन में अदा कर सकेंगे। हालांकि सूक्ष्म, छोटे और मझोले उद्योगों (एमएसएमई) के वही कारोबारी छूट का फायदा उठा पाएंगे जिन्होंने जीएसटी के तहत अपना रजिस्ट्रेशन करा लिया हो और 31 जनवरी 2018 तक उनका सालाना टर्नओवर 25 करोड़ रुपए से अधिक न हो।

    -इस राहत के दायरे में वही एमएसएमई आएंगे जिन्होंने 1 सितंबर 2017 से लेकर 31 जनवरी 2018 तक लोन की किश्त नहीं चुकाई है।

    - सरकार एमएसएमई सेक्टर पर विशेष ध्यान दे रही है, क्योंकि यह सबसे अधिक रोजगार पैदा करने वाला क्षेत्र है। सरकार ने बजट में भी इन्हें राहत दी है। 250 करोड़ रुपए सालाना टर्नओवर वाले एसएसएमई के लिए कॉरपोरेट टैक्स की दर को 30% से घटाकर 25% कर दिया है।

  • एक अप्रैल से पुराने होम और ऑटो लोन सस्ते होने की उम्मीद: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया, national news in hindi, national news
    +1और स्लाइड देखें
    आरबीआई ने बुधवार को मॉनिटरी पॉलिसी की रिव्यू मीटिंग की। इसमें रेपो रेट 6% और रिवर्स रेपो रेट 5.75% को जस का तस रखा। (फाइल)
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए India News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: RBI Said Old Home And Auto Loans Expected To Be Cheap From April
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

Stories You May be Interested in

      More From National

        Trending

        Live Hindi News

        0
        ×