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CBSE एग्जाम 5 मार्च से : पूरी पढ़ाई करने के बाद भी नर्वसनेस है, मैं क्या करूं?

सीबीएसई की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं 5 मार्च से शुरू हो रही हैं।

dainikbhaskar.com | Last Modified - Mar 01, 2018, 11:18 AM IST

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    यूटिलिटी डेस्क।सीबीएसई की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं 5 मार्च से शुरू हो रही हैं। परीक्षा शुरू होने में सिर्फ 3 दिन बचे हैं। ऐसे में भास्कर गाइड में हम आपको कामयाबी के कुछ ऐसे किस्से भी बताएंगे जिन्होंने अच्छे नंबर भले न पाए हों, लेकिन सफलता ने इनके कदम चूमे।

    साथ ही आपके लिए जरूरी कुछ टिप्स भी देंगे जो एग्जाम की तैयारी में मदद करें। इसके अलावा इस वक्त आपके जहन में कई सवाल भी होंगे, हमारे एक्सपर्ट उनके जवाब भी देंगे। सीबीएसई स्टूडेंट्स के लिए हेल्पलाइन नंबर 1800-11-8004 भी जारी कर चुका है। आप 13 अप्रैल तक सुबह 8 से रात 10 बजे तक कॉल कर सकते हैं।

    ये हैं आपके सवालों के जवाब...

    मैं दसवीं की बोर्ड परीक्षा दे रहा हूं, सभी सब्जेक्ट की रिवीजन पूरी हो चुकी है, फिर भी नर्वसनेस है, मैं क्या करूं?

    > आपको नर्वस महसूस करने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। आप अपने सब्जेक्ट का रिवीजन करते रहें। जब आप पढ़ने बैठ रहे होते हैं तो किसी और चीज का ख्याल न करें। सिर्फ पढ़ाई पर फोकस रखें। अब 3 दिन बाद ही बोर्ड की परीक्षा शुरू होने जा रही है। लेकिन आप घबराएं बिल्कुल भी नहीं। जिस तरीके से अभी तक कई परीक्षाओं में आप बैठे हैं ठीक उसी तरह से परीक्षाएं होने जा रही हैं। अच्छी बात ये है कि दसवीं में आपके पास 5 सब्जेक्ट होते हैं। तो इन पांचों सब्जेक्ट के बोर्ड एग्जाम में काफी छुट्टियों का गैप भी होता है। जिससे पढ़ने में भी समय मिलेगा।


    मैं सुबह उठकर पढ़ नहीं पा रहाहूं, ग्याहवीं में कॉमर्स स्ट्रीम में हूं, कौन सा टाइम अच्छा है पढ़ाई के लिए?

    > सुबह उठकर पढ़ नहीं पा रहे हैं तो कोई परेशानी की बात नहीं है। आप सबसे पहले यह विचार निकाल दें कि सिर्फ सुबह उठकर ही पढ़ाई करनी सबसे ज्यादा जरूरी है। कई बार छात्रों को सुबह जल्दी उठकर पढ़ाई करने में मन नहीं लगता है। तो वह देर रात तक पढ़ाई कर सकते हैं। कुछ छात्रों ने बताया है कि वह रात के 1 से डेढ़ बजे पढ़ने के बाद सुबह 9 बजे उठकर फ्रैश होकर पढ़ाई शुरू कर देते हैं। अगर आपको ऐसा करना है तो कर सकते हैं।

    दसवी में हूं मुझे सोशल साइंस और साइंस के कुछ चैप्टर्स को लेकर कंफ्यूजन है?

    > आप कंफ्यूज ना हों। सिर्फ इसका ध्यान रखें कि आपको पढ़ाई लगातार जारी रखनी हैं। सैंपल पेपर्स सॉल्व करने से आत्मविश्वास बढ़ता है। साइंस के चैप्टर्स दोहराएं और जहां तक बात इस प्रशन कि है कि कुछ अलग सवाल परीक्षा में आ जाएंगे। तो ऐसा सोचने की जरूरत नहीं है। एनसीआरटी की बुक्स के साथ ही प्राइवेट बुक्स से पढ़ाई की है तो ठीक है। यह कोर्स व सिलेबस का ही हिस्सा है। और आपके सिलेबस से जुड़े सवाल आएंगे। आपको सब्जेक्टों से जुड़े सिलेबस को पूरा करना है। फिर आपको किसी भी बात की चिंता करने की जरूरत नहीं है।

    मनोज कुमार को 10 साल की उम्र में रहना पड़ा था रिफ्यूजी कैंप में, पढ़िए अगली स्लाइड में...

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    किस्सा कामयाबी का


    मनोज कुमार

    >10 साल की उम्र में रिफ्यूजी कैंप में रहना पड़ा, बतौर घोस्ट राइटर भी काम किया मनोज कुमार का जन्म पाकिस्तान में हुआ था। भारत-पाक बंटवारे के कारण सिर्फ दस साल की उम्र में उन्हें दिल्ली शिफ्ट होना पड़ा।

    > विजयनगर के किंग्सवे कैंप

    में फैमिली के साथ रिफ्यूजी की तरह रहे। इसके बाद दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर में रहने लगे। हिंदू कॉलेज से ग्रेजुएशन के बाद फिल्म इंडस्ट्री में करिअर बनाने

    का फैसला लिया। शुरुआत में घोस्ट राइटर (जो अपनी रचनाएं किसी नामी लेखक के नाम से लिखता है और उसके पैसे लेता है) का काम किया।

    > तब उन्हें हर सीन के लिए 11 रु. मिलते थे। फिल्मों में उनकी शुरुआत तो 1957 में फिल्म फैशन से हो गई लेकिन पांच साल बाद 1962 में आई हरियाली और रास्ता ने उन्हें कामयाबी की सीढ़ियां तेजी से चढ़ने में मदद की। 7 फिल्म फेयर अवार्ड, नेशनल फिल्म अवार्ड और पद्म श्री से सम्मानित मनोज कुमार को दादा साहेब फाल्के

    अवार्ड से भी नवाजा जा चुका है।

    दिमाग को आराम देने के लिए हंसी-ठिठोली भी जरूरी, म्यूजिक भी सुन सकते हैं, देखिए अगली स्लाइड में....

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    दिमाग को आराम देने के लिए हंसी-ठिठोली भी जरूरी, म्यूजिक भी सुन सकते हैं

    > एग्जाम में हर समय सिर्फ पढ़ाई के बारे में ही ना सोचें। दिमाग को आराम देने के लिए हंसी-ठिठोली या अन्य एक्टिविटीज भी जरूरी हैं। इससे दिमाग थोड़ी देर के

    लिए पढ़ाई से हट जाता है और मनपसंद कामों में लगकर सिर्फ से रिचार्ज हो जाता है। यदि स्टूडेंट को म्यूजिक सुनने का शौक है, तो वह इसे भी सुन सकता है, लेकिन ध्यान रहे- म्यूजिक लाउड न हो। साथ ही कुछ अपने लिए भी समय निकालें।

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